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'भगवान राम ने अखिलेश यादव को बताया मंदिर में चोरी हो रही', सपा नेता ने अब पूरी बात बताई

Ayodhya Ram Temple Donation Theft Case: सपा नेता Pawan Pandey का आरोप है कि राम मंदिर दान चोरी का खुलासा आपस में पैसे के बंटवारे के झगड़े से हुआ. उन्होंने दावा किया कि खुद भगवान राम ने इस घोटाले की जानकारी Samajwadi Party प्रमुख Akhilesh Yadav को दी थी. और क्या बताया उन्होंने?

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सपा नेता पवन पांडेय ने राम मंदिर दान चोरी मामले में बड़े दावे किए हैं. (फोटो: X/इंडिया टुडे)

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  • पवन पांडेय ने राम मंदिर दान चोरी मामले में आरोप लगाया कि चोरी में शामिल लोगों के बीच पैसे के बंटवारे को लेकर झगड़ा हुआ, जिससे यह मामला सार्वजनिक हुआ।
  • राम मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों पर कई वर्षों से दान में गड़बड़ी छिपाने और आंतरिक झगड़ों के कारण चोरी के तथ्य दबाने का आरोप लगाया गया है।
  • पवन पांडेय ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि इस मामले की जांच के लिए मौजूदा ट्रस्ट को भंग कर विशेष जांच टीम गठित की जाए।

अयोध्या से समाजवादी पार्टी (SP) के नेता पवन पांडेय ने राम मंदिर दान चोरी मामले में बड़े दावे किए हैं. उन्होंने आरोप लगाया है यह मामला तब सामने आया, जब इस लूट में शामिल लोगों के बीच पैसे के बंटवारे को लेकर झगड़ा हो गया. उन्होंने यह भी दावा किया कि कचरे के ढेर से मिले 80 लाख रुपये और कई जगहों से कथित तौर पर बरामद कैश गड़बड़ी के पक्के सबूत हैं.

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उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और अयोध्या के पूर्व विधायक पवन पांडेय ने इस मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए. ‘यूपी तक’ के में बोलते हुए सपा नेता ने दावा किया कि राम मंदिर चोरी के बारे में सबसे पहले जानने वालों में वे शामिल थे. पवन पांडेय ने ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ के सीनियर पदाधिकारियों के इस्तीफे पर भी टिप्पणी की. 

अखिलेश यादव ने पर्दाफाश किया

पवन पांडेय ने दावा किया कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव को मंदिर ट्रस्ट में कथित गड़बड़ियों के बारे में पहले ही जानकारी मिल चुकी थी और उन्होंने इन दावों की पुष्टि के लिए उन्हें बुलाया था. पवन ने याद करते हुए बताया, 

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"उन्होंने पूछा कि क्या चढ़ावे, गहनों और बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों से जुड़ी बातें सच हैं. मैंने उनसे कहा कि सब कुछ बिल्कुल सच है."

सपा नेता के मुताबिक, इसके बाद अखिलेश यादव ने 7 जून को 'X' पर कथित चोरी के बारे में पोस्ट किया, जिससे पूरे देश का ध्यान इस तरफ गया.

‘भगवान राम ने अखिलेश को चोरी के बारे में बताया’

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पॉडकास्ट के दौरान पवन पांडेय ने दावा किया कि खुद भगवान राम ने चोरी के बारे में अखिलेश यादव को बताया, जिसकी वजह से यह कथित घोटाला सामने आया. उन्होंने दावा किया, 

"हमें यह जानकारी तब मिली जब भगवान राम को खुद एहसास हुआ कि उनके मंदिर में लूट हो रही है. पैसे गायब हो रहे थे, चढ़ावा गायब हो रहा था और लोगों की आस्था के साथ धोखा हो रहा था."

पवन पांडेय ने दावा किया भगवान राम ने कथित घोटाले का खुलासा करने के लिए अखिलेश यादव को चुना क्योंकि वे भगवान शिव के भक्त हैं और केदारेश्वर महादेव का एक भव्य मंदिर बनवा रहे हैं. उन्होंने कहा, 

"आपको अखिलेश जी से पूछना होगा. लेकिन भगवान राम ने ही अखिलेश जी को इस बात से अवगत कराया कि उनके पवित्र मंदिर में लूट हो रही थी."

चोरी का पता कैसे चला?

पवन पांडेय ने यह भी आरोप लगाया कि यह मामला तब सबके सामने आया, जब चोरी में शामिल लोग पैसे के बंटवारे को लेकर आपस में झगड़ने लगे. उन्होंने आरोप लगाया, 

"चढ़ावे की गिनती करने वाले लोग इस बात पर झगड़ने लगे कि कौन ज्यादा पैसे ले जा रहा है. वे एक-दूसरे पर गहने या नकद पैसे लेने का आरोप लगाते थे."

उन्होंने आगे दावा किया कि ट्रस्ट के अधिकारियों ने सालों तक कथित गड़बड़ियों को दबाया और अंदरूनी लड़ाई की वजह से आखिरकार यह मामला सामने आ गया. उनके मुताबिक, कथित चोरी इस साल मई या जून में शुरू नहीं हुई थी, बल्कि कई सालों से चल रही थी. 

चंपत राय पर लगाए गंभीर आरोप

पवन पांडेय ने मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा पर कथित तौर पर चोरी में शामिल लोगों को बचाने का भी आरोप लगाया. उन्होंने महिपाल सिंह का उदाहरण दिया, जिन्होंने पहले दावा किया था कि रजिस्टर में दर्ज रकम, दान पेटियों में असल में मिले कैश से कम थी. उन्होंने आरोप लगाया कि महिपाल ने चंपत राय और अनिल मिश्रा से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. सपा नेता ने पूछा, 

"अगर महिपाल सिंह झूठ बोल रहे थे, तो चंपत राय को भगवान राम के मंदिर के बारे में झूठे आरोप लगाने के लिए उनके खिलाफ केस करना चाहिए था. उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया?"

एक मशहूर कहावत का जिक्र करते हुए पवन ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर आरोप लगाया, 

"राम-राम जपना, पराया माल अपना…उनका असली चेहरा सामने आ गया है."

उन्होंने आगे कहा कि खुद भगवान राम भी ऐसे ‘लुटेरों’ से घिरे होने पर शर्मिंदा महसूस करेंगे.

ये भी पढ़ें: राम मंदिर ट्रस्ट को क्या 'दान चोरी' की भनक पहले से थी, फिर कार्रवाई में क्यों हुई देरी?

SIT जांच पर क्या कहा?

सपा नेता पवन पांडेय ने कहा कि उन्हें SIT पर भरोसा नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट ने खुद जांच की मांग की थी और केस में आरोपी होने के बावजूद आखिर में जांच रिपोर्ट उसी को मिलेगी. बता दें कि राम मंदिर के लिए मिले दान में हेराफेरी के आरोप सामने आने के बाद ट्रस्ट की मांग पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को SIT बनाई थी. उन्होंने पूछा, 

“कूड़े के ढेर से 80 लाख रुपये मिले. लोगों के घरों से पैसे बरामद हो रहे हैं. SIT को और क्या सबूत चाहिए?”

पवन पांडेय ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि वह इस मामले का खुद संज्ञान ले, मौजूदा ट्रस्ट को भंग करे और सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा या पूर्व जज से जांच का आदेश दे ताकि यह पता चल सके कि इसमें कौन-कौन शामिल था, कथित चोरी कैसे हुई और जिम्मेदार लोगों को किसने बचाया.

वीडियो: पड़ताल: राम मंदिर दान केस से जुड़े सीसीटीवी फुटेज से क्या पता चला?

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