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चंदा चोरी की जांच के बीच अयोध्या नहीं छोड़ेंगे चंपत राय, 4 महीने की 'साधना' शुरू कर दी

Ayodhya राम मंदिर के पूर्व महासचिव Champat Rai ने Chaturmas Spiritual Practice करने पर बैठ गए हैं. चंपत राय 21 नवंबर तक शहर से बाहर नहीं जाएंगे.

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चंपत राय ने अयोध्या में ‘चतुर्मास साधना’ शुरू की. (फोटो- आज तक)

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  • चंपत राय ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया और उन्होंने 25 जुलाई से चार महीने की चतुर्मास साधना शुरू की।
  • राम मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों और ongoing SIT जांच के बीच चंपत राय ने एकांतवास और कम लोगों से मिलने का फैसला किया है, जिससे उनके साधना में मौन व्रत शामिल है।
  • SIT की जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी, जबकि चंपत राय के चतुर्मास साधना ने स्थानीय नेताओं और साधुओं के समर्थन के बीच चर्चा बढ़ाई है।
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मयंक शुक्ला

राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले के बाद ट्रस्ट के महासचिव का पद छोड़ने वाले चंपत राय मानते हैं कि भगवान राम ही उन पर लगे आरोपों से उन्हें मुक्त करेंगे. इसी बीच वह चतुर्मास साधना पर बैठ गए हैं. चतुर्मास का मतलब ‘चार महीने’ होता है. यानी इस साधना के तहत वह चार महीने (नवंबर 2026) तक अयोध्या में ही रहेंगे. शहर से बाहर नहीं जाएंगे. बहुत कम लोगों से मिलेंगे और दिन का बड़ा हिस्सा मौन व्रत रखकर बिताएंगे. यही उनकी ‘चतुर्मास साधना’ होगी.  

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इधर अयोध्या के राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मामले में अब भी जांच जारी है. स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम (SIT) इस काम में लगी है. ये जांच शुरू होने के बाद कुछ समय बाद ही चंपत राय ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था. आज तक से जुड़े मयंक शुक्ला की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बाद चंपत राय 7 जून से ही रामकोट में तीर्थक्षेत्र भवन में एकांतवास कर रहे हैं. अब शनिवार, 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी शुरू होने के साथ ही चंपत राय ने अपनी ‘चतुर्मास साधना’ शुरू की है. 

इसके अनुसार, आने वाले 21 नवंबर को देवोत्थान एकादशी के दिन तक वो अयोध्या शहर से बाहर कहीं नहीं जाएंगे. चूंकि, वो एकांतवास में हैं, तो उनका पूरा समय तप-जप और कुछ खास लोगों से मुलाकात में ही जा रहा है. चंदा चोरी मामले की जांच के बीच चंपत राय का यह अनुष्ठान लोगों मे चर्चा का विषय बना हुआ है. इससे पहले उन्होंने अयोध्या के 5 विधायकों से मुलाकात की थी. इस दौरान नेताओं ने उनका हाल-चाल जाना और मामले को लेकर भी बातचीत की. 

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विधायकों और साधुओं ने की मुलाकात

विधायकों के अलावा अयोध्या के कारोबारियों का भी एक ग्रुप उनसे मिलने पहुंचा था. इसके अलावा कई साधु-संत भी उनसे मिले और सार्वजनिक तौर पर उनके समर्थन में आगे आए. उन्होंने चंपत राय को निर्दोष बताया. बता दें कि राम मंदिर चंदा चोरी मामले में 8 लोगों की गिरफ्तारी हुई. अब भी जांच की जा रही है. SIT ने एक अंतरिम रिपोर्ट सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी सौंप दिया था. 

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अब आने वाले दिनों में SIT की फाइनल रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपों की स्थिति साफ हो पाएगी.

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