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अखिलेश यादव के सामने टिकट के लिए दंडवत हो गए नेता? वीडियो की सच्चाई अब पता लगी

Akhilesh Yadav video: एक वीडियो में सपा कार्यकर्ता कन्हैयालाल पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के सामने दंड-बैठक लगा रहे हैं. लोगों ने दावा किया कि ये सब टिकट पाने के लिए किया गया स्टंट है. लेकिन पड़ताल में कुछ और ही पता चला.

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अखिलेश यादव के ऑफिस में एक कार्यकर्ता दंड लगाते हुए (फोटो-X)

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  • समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता कन्हैयालाल ने लखनऊ स्थित सपा प्रमुख अखिलेश यादव को मुलायम सिंह यादव की पीतल की मूर्ति भेंट की और दंडवत करके प्रणाम किया।
  • कन्हैयालाल ने ये तोहफा अपनी बेटी की शादी का कार्ड देने के लिए दिया था, जिसकी वजह से उन्होंने मुलायम सिंह यादव को सम्मानित करना चाहा।
  • अखिलेश यादव ने इस व्यवहार पर मुस्कुराते हुए कन्हैयालाल का स्वागत किया, और इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया।

आपने कार्यकर्ताओं को नेताओं को फूल, माला या स्मृति चिन्ह भेंट करते कई बार देखा होगा. लेकिन लखनऊ में समाजवादी पार्टी के दफ्तर में एक कार्यकर्ता ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सामने जो किया उसकी चर्चा अब सोशल मीडिया पर हो रही है. झांसी से आए इस सपा कार्यकर्ता ने पहले अखिलेश यादव को मुलायम सिंह यादव की पीतल की प्रतिमा भेंट की और फिर वहीं दंडवत होकर कई दंड लगाए. यह देखकर खुद अखिलेश यादव भी मुस्कुरा पड़े. कुछ लोगों का कहना है कि ये सब कुछ टिकट पाने के लिए किया गया है.

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X पर ये वीडियो शेयर करते हुए लोग लिख रहे हैं, ‘टिकट मांगने का तरीका थोड़ा कैजुअल है.’ लेकिन इसकी सच्चाई क्या है? क्या वाकई ये कार्यकर्ता अखिलेश यादव को खुश करके उत्तर प्रदेश के आगामी विधान सभा चुनाव के लिए टिकट मांगने पहुंचा था? 

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वीडियो का सच

ये पूरा मामला समाजवादी पार्टी के लखनऊ स्थित प्रदेश मुख्यालय का है. दंड लगाने वाले झांसी के रहने वाले कन्हैयालाल हैं, जिन्हें लोग सीताराम के नाम से भी जानते हैं. वे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को अपनी बेटी की शादी का कार्ड देने पहुंचे थे.

सीताराम यादव अपने साथ मुलायम सिंह यादव की करीब तीन फीट ऊंची और 58 किलोग्राम की पीतल की एक मूर्ति लेकर पहुंचे थे. उन्होंने ये मूर्ति अखिलेश यादव को तोहफे में दी. उनका कहना था कि नेताजी यानी मुलायम सिंह यादव सिर्फ बड़े नेता नहीं थे, बल्कि एक पहलवान और जमीन से जुड़े ऐसे इंसान थे, जिन्होंने लाखों लोगों को समाजवादी विचारधारा से जोड़ा.

मूर्ति गिफ्ट करने के बाद सीताराम यादव ने कहा कि अगर आज मुलायम सिंह यादव होते तो वो उन्हें दंडवत होकर प्रणाम करते. इसके बाद उन्होंने अखिलेश यादव से इजाज़त मांगी और वहीं फर्श पर दंडवत होकर लगातार कई दंड लगाए.

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सोशल मीडिया पर दावा

वीडियो देखकर अखिलेश यादव भी मुस्कुराए. उन्होंने आगे बढ़कर सीताराम यादव की पीठ थपथपाई, उनसे हाथ मिलाया. लेकिन जब वीडियो बाहर आया तो लोग इसे अलग-अलग नज़रिए से देखने लगे. कुछ लोगों ने तंज किया तो कुछ वीडियो की सच्चाई पर कायम रहे. 

हालांकि, ये पहली बार नहीं है जब सीताराम यादव इस तरह अखिलेश यादव से मिलने पहुंचे हों. इसी महीने की शुरुआत में अखिलेश यादव का बर्थडे था. उस दिन भी वो अखिलेश यादव से मिलने गए. तब उन्होंने गिफ्ट में उनकी लगभग 3 फीट ऊंची और 58 किलोग्राम की एक मूर्ति दी. मूर्ति में अखिलेश साइकिल पर बैठे हुए हैं.

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