समाजवादी पार्टी का ट्विटर चलाने वाले मनीष जगन अग्रवाल को यूपी पुलिस ने आज सुबहगिरफ्तार किया. जैसे ही ये खबर आई, पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव लखनऊ में पुलिसमुख्यालय पहुंच गए. अखिलेश बड़ी देर तक अकेले बैठे थे. पार्टी ने ट्विटर पर ये भीलिख दिया कि पुलिस हेडक्वाटर में कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति नहीं पहुंचा. थोड़ी देरबाद एक वीडियो आता है. इसमें अखिलेश यादव पुलिसवाले से बहस करते नज़र आ रहे हैं.पुलिसवाले अखिलेश यादव से चाय पीने के लिए कहते हैं तो वो जवाब में कहते हैं-यहां की चाय नहीं पिएंगे, बाहर की पिएंगे या अपनी लाकर पिएंगे. हम नहीं पिएंगे. जहरदे दोगे तब. हमें भरोसा नहीं है. सच में भरोसा नहीं है. हम बाहर से मंगा लेंगे. आपअपनी पीजिए, हम अपनी.दरअसल ये पूरा विवाद शुरू हुआ मनीष अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद. उन पर आरोप थे किपिछले कई दिनों से वो सपा के ट्विटर हैंडल से लोगों पर अभद्र टिप्पणियां कर रहे थे.इस बाबत लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में मनीष के खिलाफ 3 मुकदमें भी दर्ज थे. मनीष कोआज सुबह पुलिस ने हजरतगंज इलाके से ही गिरफ्तार किया है.समाजवादी पार्टी के मीडिया सेल के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से BJP से जुड़े अपने कुछविरोधियों को लेकर कई आपत्तिजनक ट्वीट किए गए. ट्विटर समाजवादी पार्टी मीडिया सेलके वेरिफाइड हैंडल से यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, प्रवक्ता राकेशत्रिपाठी, प्रवक्ता आलोक अवस्थी, प्रवक्ता मनीष शुक्ला समेत कई नेताओं पर अभद्रटिप्पणी की गई है. उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के ट्वीट पर उन्हें तू-तड़ाककर जवाब दिया गया.ये टिप्पणी उनके उस ट्वीट पर की गई जिस ट्वीट में केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा था किउपचुनाव परिणाम भविष्य के लिए निर्णायक संदेश देने वाले होंगे. हालांकि, इस ट्वीटको केशव मौर्य ने बाद में डिलीट कर दिया था.इन विवादित ट्वीट्स को लेकर सपा की तरफ से जो जवाब आया है, उसमें 'शठे शाठ्यंसमाचरेत' कहकर इन ट्वीट्स को जायज़ ठहराने की कोशिश भी की जा रही थी. बीजेपी की तरफसे सपा के इन ट्वीट्स को लेकर FIR भी दर्ज कराई गई थी.