केंद्र सरकार का सहकारिता विभाग अब इंश्योरेंस सेक्टर में एंट्री लेगा. केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई Cooperative Life Insurance Company (CLIC) बनाने की घोषणा की है. उनके मुताबिक इससे देश की कोऑपरेटिव सोसाइटी को सपोर्ट मिलेगा. साथ ही करोड़ों सदस्यों तक आसानी से इंश्योरेंस सर्विस की पहुंच होगी.
LIC सबको पता है, ये CLIC क्या है जिसकी घोषणा अमित शाह ने की?
केंद्रीय सहकारिता विभाग अब इंश्योरेंस सेक्टर में एंट्री लेने जा रहा है. केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहकारिता मंत्रालय के पांचवें स्थापना दिवस के मौके पर नई Cooperative Life Insurance Company बनाने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि जिस तरह से भारत टैक्सी योजना को अच्छा रिस्पांस मिला है, उसे देखते हुए अब सहकारिता सेक्टर में लाइफ इंश्योरेंस कंपनी बनाई जाएगी.


भारत टैक्सी की तर्ज पर बनेगी नई कंपनी
केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सहकारिता मंत्रालय के पांचवें स्थापना दिवस के मौके पर नई Cooperative Life Insurance Company बनाने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि जिस तरह से भारत टैक्सी योजना को अच्छा रिस्पांस मिला है, उसे देखते हुए अब सहकारिता सेक्टर में लाइफ इंश्योरेंस कंपनी बनाई जाएगी. इसका मकसद सहकारी संस्थाओं को इंश्योरेंस बिजनेस से जोड़ना और इस सेक्टर का विस्तार करना है.
करोड़ों सदस्यों को पहुंचेगा फायदा
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अमित शाह ने बताया कि देश में करीब 8.5 लाख सहकारी समितियां काम कर रही हैं. इन समितियों से 30 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं. नई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी बनने के बाद इन सदस्यों तक इंश्योरेंस सर्विस आसानी से पहुंच सकेगी. इससे देश के करोड़ों किसानों को लाभ पहुंचेगा जो प्राइमरी एग्रीकल्चर कोऑपरेटिव सोसाइटीज (PACS) से जुड़े हैं. वे अब सीधे अपने नजदीकी सहकारी केंद्र से ही इंश्योरेंस पॉलिसी खरीद और क्लेम कर सकेंगे. उनको बड़े शहरों या बैंकों के चक्कर नहीं काटने होंगे.
IFFCO पहले से इस मार्केट में है
अमित शाह ने बताया कि फर्टिलाइजर सेक्टर की प्रमुख सहकारी संस्था IFFCO पहले से ही एक जापानी कंपनी के साथ मिलकर इंश्योरेंस बिजनेस कर रही है. उन्होंने कहा, “इससे यह साबित होता है कि सहकारी संस्थाएं इंश्योरेंस सेक्टर में सफलता हासिल कर सकती हैं. सरकार इसी अनुभव का लाभ उठाते हुए नई कोऑपरेटिव लाइफ इंश्योरेंस कंपनी शुरू करना चाहती है.”
50,000 हजार पैक्स को e-PACS में बदला गया
इस कार्यक्रम के दौरान सरकार ने कई और स्कीम और प्रोजेक्ट की शुरुआत की. देश में अनाज की बर्बादी रोकने के लिए 75,000 टन की कैपिसिटी वाले 135 गोदामों को ट्रांसफर किया गया और 85 नए गोदामों का उद्घाटन हुआ. इसके साथ ही देश की 50,000 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) को अपग्रेड करके e-PACS में बदल दिया गया है.
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गुजरात में खुलेगा सहकारिता यूनिवर्सिटी
सहकारिता के क्षेत्र में प्रोफेशनल्स और मैनपावर की कमी को दूर करने के लिए आनंद (गुजरात) में त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी की स्थापनी की जा रही है. इसके साथ ही भारत टैक्सी प्रोजेक्ट को अगले दो सालों में देश के 500 शहरों तक ले जाया जाएगा.
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