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500Kg सड़ा चिकन-मटन, होली वाला रंग खाने में... डॉक्टर इसीलिए कह रहे रेस्टोरेंट के खाने से बचो!

Kolkata restaurant raid: कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में रेस्टोरेंट से कई किलो सड़ा-गला और फंगस लगा हुआ मांस मिला है. बिरयानी में केमिकल रंग का इस्तेमाल होता था. 12 होटलों के लाइसेंस रद्द हुए. नामी रेस्टोरेंट से करीब 500 किलो सड़ा हुआ चिकन और प्रॉन मिला है.

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कोलकाता के एक रेस्टोरेंट से 500 किलो सड़ा हुआ चिकन मिला. (फाइल फोटो)

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  • पश्चिम बंगाल के कोलकाता और आसपास के इलाकों में कई रेस्टोरेंटों पर खाद्य सुरक्षा जांच के तहत सड़ा हुआ मांस, फंगस लगा हुआ मांस और होली के रंग का उपयोग मिलावट के तौर पर पाया गया।
  • यह जांच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के आदेश पर 1 से 8 सितंबर तक फूड सेफ्टी वीक के तहत की गई, जिसकी पृष्ठभूमि में 2018 के कार्कस मीट स्कैंडल और महाराष्ट्र के फूड सेफ्टी अभियान 'तुकाराम इफेक्ट' शामिल हैं।
  • जांच के बाद कई रेस्टोरेंट के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं और खाद्य सुरक्षा के कड़े नियम लागू किए जाने की घोषणा की गई है, जिससे आगामी त्योहारों में खाद्य गुणवत्ता सुधारने का प्रयास किया जाएगा।

पश्चिम बंगाल के कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में कई रेस्टोरेंट पर छापेमारी हुई है. एक रेस्टोरेंट से करीब 500 किलो सड़ा हुआ चिकन और प्रॉन (झींगा) मिला है. और भी कई रेस्टोरेंट में सड़ा-गला और फंगस लगा हुआ मांस मिला है. एक मिठाई की दुकान में दुकानदार रंग के लिए होली वाले रंग का इस्तेमाल कर रहा था. ये सब तीन दिन तक चले फूड इंस्पेक्शन के दौरान पता चला है. इस अभियान ने 2018 वाले कार्कस मीट स्कैंडल की याद दिला दी है. लोग इसे ‘तुकाराम इफ़ेक्ट’ कह रहे हैं. 

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ये अभियान पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के आदेश पर किया जा रहा है. उन्होंने 1-8 सितंबर तक फूड सेफ्टी वीक का ऐलान किया है. और कहा है कि रेस्टोरेंट के किचन की जांच की जाए. उनका कहना है कि खाने में मिलावट या खराब हालत को लेकर कतई लापरवाही नहीं बरती जाएगी. 

इसकी टाइमिंग भी ज़रूरी है. अक्टूबर में दुर्गा पूजा है, जिसे बंगाल में बड़ी धूम से मनाया जाता है. ऐसे में खाने में इतनी बड़ी लापरवाही चिंता का विषय है. महाराष्ट्र में FDA चीफ तुकाराम मुंढे फूड सेफ्टी ड्राइव चला रहे हैं, इस दौरान कई नामी रेस्टोरेंट्स में कई अनियमितताएं सामने आई हैं. 

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क्या-क्या मिला रेड में?

नॉर्थ 24 परगना जिले के बदूरिया इलाके में एक रेस्टोरेंट से 40 किलो सड़ा हुआ चिकन और मटन मिला है. रिपोर्ट के मुताबिक, कोलकाता के स्टार मॉल में भी रेड मारी गई. यहां के कुछ आउटलेट में साफ-सफाई नहीं थी. तो कहीं खाने के एक्सपायरी पैकेट मिले. बताया गया कि कुछ आउटलेट के फूड लाइसेंस भी नहीं थे और एक जगह फंगस लगा हुआ मांस मिला. अधिकारियों ने फ़ौरन लाइसेंस रद्द कर दिया.  

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कोलकाता में फूड सेफ्टी ड्राइव. 

ये अभियान कई जिलों में चला. पूर्व बर्धमान जिले का शक्तिगढ़ इलाका जो ‘लांगचा’ मिठाई के लिए मशहूर है. यहां कई दुकानों में मिठाई गंदी तरह से बनाई जा रही थी. मशहूर टूरिस्ट स्पॉट दीघा में भी 20 होटलों पर रेड मारी गई. पता चला कि बिरयानी में केमिकल रंग का इस्तेमाल होता था. 12 होटलों के लाइसेंस रद्द हुए. कोलकाता बिग बॉस नाम के रेस्टोरेंट से करीब 500 किलो सड़ा हुआ चिकन और प्रॉन मिला है. 

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कार्कस मीट स्कैंडल क्या है?

ये साल 2018 का मामला है जिसका केंद्र था बदरिया इलाका. जांच में पता चला कि कूड़े के ढेरों से इकट्ठा किए गए मीट को काटकर कोलकाता के कई कोल्ड स्टोरेज में रखा जाता था. आरोप है कि सड़े हुए मीट को सुरक्षित रखने के लिए एल्युमीनियम सल्फेट और फॉर्मेलिन जैसे केमिकल का इस्तेमाल किया जाता था.

इसके बाद मीट को डिब्बों में पैक करके आसपास के कई राज्यों में भेजा जाता था. पकड़े जाने से बचने के लिए ऊपर हिलसा मछली या झींगा (प्रॉन्स) रख दिया जाता था. फिर इसे कोलकाता के रेस्टोरेंट में सप्लाई किया जाता था और शॉपिंग मॉल में फ्रोज़न मीट के तौर पर बेचा जाता था. शक है कि यह रैकेट करीब 10 साल से चल रहा था.  

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