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झरने पर पिकनिक बनाने के बाद 10 दिन में परिवार के चार लड़कों की मौत, प्रशासन ने क्या कहा?

Shivpuri waterfall tragedy: मध्यप्रदेश के शिवपुरी में एक परिवार के लोग झरने के पास नहाने गए थे. वहां से वापस आने के बाद के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी. हालात बिगड़ने से 4 बच्चों की मौत भी हो गई है. तीन बच्चियों को इलाज के लिए ग्वालियर भेजा है.

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मरने वालों में तीन सगे भाई और एक रिश्तेदार का बेटा शामिल है. (फोटो-इंडिया टुडे)

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  • मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक ही परिवार के चार लड़कों की 10 दिनों के अंदर बीमारी के बाद मौत हो गई, जिनमें बुखार, उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसे लक्षण पाए गए थे।
  • परिवार और रिश्तेदार 16 अगस्त को झरने पर नहाने गए थे जिसके बाद कई सदस्यों की तबीयत खराब हुई, जिससे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन मामले की जांच में जुट गए।
  • स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 62 लोगों के सैंपल और झरने के पानी के नमूने लिए हैं, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के कारणों का खुलासा होगा।

मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक ही परिवार के चार लड़कों की 10 दिनों के अंदर मौत हो गई. बताया गया कि ये सभी एक झरने में नहाने के बाद बीमार पड़ गए थे. सभी में बुखार, उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसे लक्षण दिखने लगे. कुछ टेस्ट में इन्फेक्शन और लिवर एंजाइम का लेवल बढ़ा हुआ पाया गया है. लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अभी इन मौतों की वजह झरने के पानी को नहीं माना है.

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मामला सामने आने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें 62 लोगों के सैंपल ले चुकी हैं. झरने के पानी के सैंपल भी लिए गए हैं. मरने वालों में तीन सगे भाई थे. उनकी पहचान 9 साल के तारूफ, 14 साल के ताहिर, 11 साल के तसीफ के रूप में हुई है. चौथे रिश्तेदार का नाम अयाज बताया गया है. उनकी उम्र 19 साल थी.

अगस्त में झरने पर गए थे परिवार के लोग

इंडिया टुडे से जुड़े मनोज भार्गव की रिपोर्ट के मुताबिक, तनवीर अहमद का परिवार अपने रिश्तेदारों के साथ 16 अगस्त को गोरा टीला के पास एक झरने पर गया था. वहां से लौटने के बाद कई सदस्यों की तबीयत खराब होने लगी. मृतकों के परिजन ने बताया कि बच्चों को बुखार, पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत हुई थी. उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. मगर 21 अगस्त से 31 अगस्त के बीच तनवीर अहमद के तीनों बेटों की मौत हो गई. 

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एक ही परिवार के चार बच्चों की कम समय में हुई मौत से स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन सतर्क हो गया. विभाग की एक टीम परिवार के पास पहुंची और सदस्यों के साथ-साथ आस-पास रहने वाले लोगों के भी सैंपल लिए. सैंपलिंग के दौरान तीन बच्चियों की भी तबीयत खराब होने की बात सामने आई है. उन्हें इलाज के लिए ग्वालियर भेजा गया है.

तीन बच्चियों को पेट दर्द की शिकायत

एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट दिनेश चंद शुक्ला ने बताया कि झरने पर गए लगभग 62 लोगों के सैंपल लिए गए हैं. वॉटरफॉल के पानी की भी सैंपलिंग की गई. एक मेडिकल टीम उन मौतों की जांच कर रही है, जो बच्चों को बुखार होने के बाद हुईं. उन्होंने यह भी बताया कि परिवार को आर्थिक मदद दी गई है.

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शुक्ला ने बताया, 

“सैंपल लेने की प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों को पता चला कि तीन लड़कियां भी बीमार थीं. उन्हें थोड़ा पेट दर्द की शिकायत थी. उनका अल्ट्रासाउंड कराया गया. तीनों को आगे इलाज के लिए ग्वालियर भेजा गया है.”

अधिकारियों का कहना है कि सैंपल और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के कारणों का खुलासा हो सकेगा. 

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