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विराट कोहली ने बीच मैच में 'पिकल जूस' पिया? डॉक्टर से जानिए इसके जबरदस्त फायदे

इंडिया और न्यूज़ीलैंड के बीच खेले गए तीसरे और आखिरी वनडे मैच के दौरान विराट कोहली क्रीज़ पर थे. इस दौरान उन्होंने एक ड्रिंक पी. बस इसके बाद ही लोग गेस करने लगे कि आखिर उन्होंने पिया तो पिया क्या? कई लोगों का कहना है कि विराट कोहली ने 'पिकल जूस' पिया है.

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ड्रिंक पीने के बाद विराट कोहली का रिएक्शन सोशल मीडिया पर वायरल है

विराट कोहली की एक क्लिप आजकल खूब वायरल हो रही है. ये क्लिप है इंडिया और न्यूज़ीलैंड के बीच खेले गए तीसरे और आखिरी वनडे मैच की. 18 जनवरी को ये मैच इंदौर में खेला जा रहा था. विराट कोहली क्रीज़ पर थे. तभी बीच मैच उन्होंने एक ड्रिंक पी. इस ड्रिंक को पीते हुए कोहली का रिएक्शन सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. लोग गेस करने लगे कि आखिर उन्होंने पिया तो पिया क्या? कई लोगों का कहना है कि विराट कोहली ने पिकल जूस पिया है. पिकल माने अचार.

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साल 2021 में इंडियन वीमेंस हॉकी टीम के स्ट्रेंथ एंड कंडिशनिंग कोच वेन लोम्बार्ड ने बताया था कि पिकल जूस खिलाड़ियों की रिकवरी में मदद करता है. मांसपेशियों में ऐंठन यानी क्रैंप्स से भी बचाता है.

लेकिन, ये पिकल जूस होता क्या है? इसे पीने के क्या फायदे हैं? ये हमने पूछा आर्टेमिस हॉस्पिटल्स में क्लीनिकल न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स डिपार्टमेंट की टीम लीड, डॉक्टर अंशुल सिंह से.

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dr anshul singh
डॉ. अंशुल सिंह, टीम लीड, क्लीनिकल न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स डिपार्टमेंट, आर्टेमिस हॉस्पिटल्स

डॉक्टर अंशुल बताती हैं कि खीरे या दूसरी सब्ज़ियों का अचार बनाने के बाद जो खट्टा पानी बचता है, उसे पिकल जूस कहते हैं. इसमें सिरका, नमक, पानी, पोटैशियम, मैग्नीशियम और अचार के मसालों के ट्रेस एलिमेंट होते हैं. ट्रेस एलिमेंट यानी बहुत कम मात्रा में मौजूद ज़रूरी खनिज. पिकल जूस कोई स्पोर्ट्स ड्रिंक नहीं है. बल्कि ये नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट्स का सोर्स है. इलेक्ट्रोलाइट्स एक तरह के मिनरल्स हैं, जो हमारे शरीर में भी पाए जाते हैं. जैसे सोडियम, पोटाशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, और क्लोराइड. शरीर में इनकी कमी होने से थकान, चक्कर, और सुस्ती जैसी दिक्कतें होती हैं.

खिलाड़ियों को मसल क्रैम्प्स बहुत होते हैं. यानी खेलते-खेलते मांसपेशियों में ऐंठन आ जाती है. दरअसल लगातार भागदौड़, गर्मी और ज़्यादा पसीना आने से शरीर में सोडियम और बाकी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है. इससे मसल्स में ऐंठन आ जाती है. खेल पर असर पड़ता है. लेकिन, पिकल जूस में मौजूद सोडियम और सिरका, नसों के सिग्नल को जल्दी एक्टिव करते हैं. इससे मसल क्रैम्प्स से राहत मिलती है.

पिकल जूस शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस बनाए रखने में भी मदद करता है. खेलते समय पसीने के साथ सोडियम और पोटैशियम जैसे मिनरल्स का तेज़ी से लॉस होता है. पिकल जूस इनकी कमी पूरी करता है.

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सबसे अच्छी बात तो ये है कि पिकल जूस का असर 30 से 90 सेकंड के अंदर होता है. दरअसल, ये मुंह और गले की नसों को एक्टिव करता है. जो दिमाग को सिग्नल भेजती हैं कि अब मसल्स को रिलैक्स करना है.

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पिकल जूस मांसपेशियों में ऐंठन से बचाने में मदद करता है 

पिकल जूस को कई स्पोर्ट्स ड्रिंक से बेहतर माना जाता है. क्यों? क्योंकि पिकल जूस में शुगर नहीं होती. इसमें कैलोरीज़ भी कम होती हैं. इसलिए कई प्रोफेशनल एथलीट्स इसे पसंद करते हैं.

इसके अलावा, पिकल जूस डिहाइड्रेशन से बचाने में भी मदद कर सकता है. ज़्यादा एक्सरसाइज़ करने से शरीर में पानी और नमक दोनों की मात्रा घटने लगती है. पिकल जूस शरीर में पानी के लेवल को बनाए रखने में मदद करता है. साथ ही, बीपी अचानक गिरने से भी बचाता है.

ये हाज़मा भी सुधारता है. पिकल जूस में मौजूद सिरका पाचन एंजाइम्स को एक्टिव करता है. पाचन एंजाइम्स एक तरह के प्रोटीन होते हैं, जो पेट में पाए जाते हैं. ये खाना पचाने में मदद करते हैं और पेट की तकलीफों से बचाते हैं. इसलिए, पिकल जूस पीने से पेट का भारीपन कम होता है. गैस या ब्लोटिंग से भी राहत मिलती है.

हालांकि, पिकल जूस सबके लिए फायदेमंद नहीं है. इसलिए इसे एक्सपर्ट की सलाह पर ही पीना चाहिए. दो से चार चम्मच पिकल जूस पीना काफी होता है. इसे पानी की तरह नहीं पिया जाता. वहीं, जो प्रेग्नेंट महिलाएं हैं. जिन्हें हाई बीपी की शिकायत है. किडनी की कोई बीमारी है. एसिडिटी या अल्सर है. उन्हें पिकल जूस पीने से बचना चाहिए.

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)

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