गोल्ड की उम्मीद थी. सिल्वर तय था. लेकिन, 100 ग्राम वजन ने सारे सपने चकनाचूर कर दिए. भारतीय पहलवान विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) पेरिस ओलंपिक्स के फाइनल में पहुंच गई थीं. लेकिन, मैच से पहले एक नियम था. वजन नापने का. जो पहलवान मैच में उतरने वाले होते हैं, उनका वज़न लिया जाता है. ये देखने के लिए कि वज़न तय मानक के मुताबिक है या नहीं.
चुटकी में वज़न घटाने वाली रील्स तो देख ली, अब इसके पीछे का साइंस भी जान लें!
एक रात में वज़न घटाने के लिए आप शरीर से कैलोरी की मात्रा नहीं घटा सकते. लेकिन, पानी की मात्रा को ज़रूर कम कर सकते हैं.
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गोल्ड मेडल मैच के लिए, विनेश 7 अगस्त को 50 किलोग्राम फ्रीस्टाइल बाउट में खेलने वाली थीं. लेकिन, 6 अगस्त की रात पता चला कि उनका वज़न करीब 2 किलो ज्यादा है. अपने फाइनल मुकाबले से पहले विनेश वज़न घटाने में लग गईं. वो पूरी रात सोईं नहीं, दौड़ लगाई, रस्सी कूदी, साइकिल भी चलाई. लेकिन सब नाकाफी साबित हुआ.
अगली सुबह. यानी मुकाबले के दिन, जब वज़न नापा गया. तो वो 100 ग्राम ज्यादा निकला. इस 100 ग्राम ज्यादा वज़न के चलते उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया. और, भारत का एक और मेडल का सपना टूट गया.
लेकिन, यहीं से हमारे मन में उपजा एक सवाल कि क्या वाकई एक रात में 2 किलो या उससे ज्यादा वज़न घटाया जा सकता है? अगर हां, तो कैसे? क्योंकि, हम लोग, जो एथलीट नहीं हैं, उन्हें वज़न घटाने में बहुत वक्त लगता है. क्या इस तरह वज़न घटाना सेफ है?
आज हम इन्हीं सवालों के जवाब तलाशेंगे. डॉक्टर से जानेंगे कि एक आम इंसान कितने समय में एक किलो वज़न घटा/बढ़ा सकता है? ये वजन घटता कैसे है? एथलीट्स या सेलेब्स इतनी जल्दी वज़न कैसे बढ़ाते या घटाते हैं? और, तेजी से वज़न घटाने के क्या फायदे- नुकसान हैं?
1 किलो वज़न कितने समय में घटाया जा सकता है?
ये हमें बताया फिटनेस एंड परफॉर्मेंस एक्सपर्ट कुशल पाल सिंह ने.

वज़न घटाना या बढ़ाना आपके कैलोरी इनटेक पर निर्भर करता है. कैलोरी इनटेक कम है या ज्यादा, इसका पता TDEE से चलता है. TDEE यानी टोटल डेली एनर्जी एक्सपेंडिचर. अगर आप कम कैलोरी लेंगे तो आपका वज़न घटेगा. वहीं अगर कैलोरी की मात्रा ज्यादा होगी तो वज़न बढ़ेगा.
एक किलो वज़न घटाने या बढ़ाने के लिए आपको 7,700 कैलोरी या तो डेफिसिट करनी पड़ेगी या सरप्लस में लेनी होगी. कैलोरी डेफिसिट यानी कैलोरी कम लें और बर्न ज़्यादा करें, वहीं कैलोरी सरप्लस का मतलब कैलोरी ज़्यादा लें और बर्न कम करें. अगर आप एक हफ्ते में एक किलो वज़न घटाना चाहते हैं तो आपको एक हफ्ते के भीतर 7,700 कैलोरी डेफिसिट करनी होगी. इससे एक हफ्ते में एक किलो वज़न घट जाएगा. वहीं अगर आप 7,700 कैलोरी सरप्लस करेंगे तो एक किलो वज़न बढ़ जाएगा. इसी तरह, अगर आप एक महीने में 7,700 कैलोरी डेफिसिट करते हैं तो एक किलो वेट लॉस एक महीने में होगा.

वज़न घटता कैसे है?
- वज़न घटाने का एक ही तरीका है, कैलोरी या एनर्जी डेफिसिट पैदा करना
- लेकिन, इसके लिए पहले हमें टीडीईई को कैलकुलेट करना होगा
- टीडीईई के दो ज़रूरी फैक्टर्स हैं, बीएमआर (बेसल मेटाबॉलिक रेट) और हमारा एक्टिविटी लेवल
- ये एक्टिविटी लेवल सेडेंट्री (सुस्त), लाइट, मॉडरेट या बहुत एक्टिव हो सकता है
- एक्टिविटी लेवल की वैल्यू टीडीईई के फॉर्मूले में डालने के बाद वो कैलकुलेट हो जाएगा
- और, फिर हमें अपनी कैलोरी डेफिसिट करनी होंगी
- कितनी कैलोरी डेफिसिट करनी हैं, ये हमारे वज़न घटाने के टारगेट पर निर्भर करेगा

एथलीट/ सेलेब्स इतनी जल्दी वज़न कैसे बढ़ाते/घटाते हैं?
हम अक्सर सुनते हैं कि किसी एथलीट ने दो घंटे में दो किलो वज़न घटा लिया. ऐसा होना बिल्कुल संभव है. कैसे? ये एक केस के ज़रिए समझते हैं
एक व्यक्ति का टोटल बॉडी वेट 60.3 किलो और लीन बॉडी वेट (फैट को हटाकर पूरे शरीर का वज़न) 43.5 किलो था. उसका टोटल बॉडी वॉटर 31.3 किलो और टोटल फैट मास 16.8 किलो था यानी शरीर में पानी की मात्रा 31.3 किलो थी.
अब क्योंकि वज़न कुछ ही घंटों में घटाना है तो हम कैलोरी डेफिसिट नहीं कर सकते. इसलिए हम किसी न किसी तरीके से शरीर से पानी की मात्रा घटाते हैं. यही वजह है कि एथलीट्स लगातार स्किपिंग और कार्डियो कर रहे होते हैं ताकि पसीना आए और शरीर में पानी की मात्रा घटे.
कई बार एथलीट्स गर्मियों में पूरा बॉडी सूट पहनकर जॉगिंग या रनिंग करते हैं ताकि खूब पसीना आए, शरीर में पानी की मात्रा कम हो और वज़न घट सके. हालांकि एथलीट्स, डॉक्टर्स और फिज़ियोथेरेपिस्ट की देखरेख में ही वज़न घटाते हैं. वरना शरीर में पानी कम होने पर डिहाइड्रेशन हो सकता है जिससे जान पर भी बन सकती है.

तेज़ी से वज़न घटाने के क्या फायदे और नुकसान हैं?
अचानक वज़न बढ़ाने या घटाने के फायदे और नुकसान दोनों हैं. फायदा ये कि जो वज़न चाहिए, वो जल्दी मिल जाता है. अमेरिकन कॉलेज ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन के मुताबिक, हर महीने 2 से 4 किलो वज़न घटाना हेल्दी और टिकाऊ है. अगर इससे ज़्यादा वज़न घटाते हैं तो हमें नुकसान पहुंच सकता है.
जैसे हमारे शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है. डिहाइड्रेशन हो सकता है. मसल मास घट सकता है. वहीं अगर हम कम समय में वज़न बढ़ाना चाहते हैं. तब हमारा मसल मास तो कम बढ़ता है लेकिन फैट ज़्यादा बढ़ जाता है. ये हमारे लिए फायदेमंद नहीं है क्योंकि इससे कुछ मेटाबॉलिक डिज़ीज़ हो सकती हैं यानी ऐसी बीमारियां जो मेटाबॉलिज़्म पर असर डालती हैं.
देखिए, कुछ किलो वज़न आप एक रात में भी घटा सकते हैं. लेकिन, ये सिर्फ एक्सपर्ट्स की निगरानी में ही होना चाहिए. अगर आप एथलीट नहीं हैं, और अगर अगली सुबह आपका कोई फाइनल मैच नहीं है. तो, इस तरीके से वज़न घटाने से बचें. वहीं, अगर आप चाहते हैं कि आपका वज़न लंबे समय तक घटा रहे, तो अपना कैलोरी इनटेक कम करें और हेल्दी खाएं. ये वज़न घटाने का हेल्दी तरीका है.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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