कैंसर किसी को भी हो सकता है. लेकिन कैसे भी हो सकता है, इसे लेकर काफी कुछ समझने की जरूरत है. कुछ लोग दावा करते हैं कि बालों में डाई लगाने से कैंसर हो सकता है, माइक्रोवेव वाला खाना खाने से कैंसर हो सकता है, बायोप्सी कराने से कैंसर हो सकता है, शरीर पर टैटू बनवाने से कैंसर हो सकता है, यहां तक कि छूने से भी फैल सकता है कैंसर. अब इनमें से कौन-सी बात सच है और कौन-सी झूठ, यही जानेंगे आज. डॉक्टर से पता करेंगे कि कैंसर से जुड़ी ये 5 बातें मिथ हैं या फैक्ट?
डाई, माइक्रोवेव का खाना और टैटू से होगा कैंसर? डॉक्टर ने बताया क्या सच क्या झूठ
कुछ लोग दावा करते हैं कि बालों में डाई लगाने से कैंसर हो सकता है, माइक्रोवेव वाला खाना खाने से कैंसर हो सकता है, बायोप्सी कराने से कैंसर हो सकता है, शरीर पर टैटू बनवाने से कैंसर हो सकता है, यहां तक कि छूने से भी फैल सकता है कैंसर.


ये हमें बताया डॉक्टर शिशिर शेट्टी ने.

बालों में डाई लगाने से सीधे तौर पर कैंसर नहीं होता. अगर आप अच्छी क्वालिटी की हेयर डाई लगाते हैं, तो ये आमतौर पर सेफ़ होती है. लेकिन लो-क्वालिटी वाली हेयर डाई शायद सुरक्षित न हो. जो लोग हेयर डाई से जुड़े काम करते हैं, जैसे हेयर स्टाइलिस्ट, वो लगातार केमिकल्स के संपर्क में रहते हैं. ऐसे लोग ग्लव्स ज़रूर पहनें ताकि हेयर डाई से स्किन का सीधा संपर्क न हो. वरना केमिकल्स की वजह से उनमें कैंसर का ज़्यादा रिस्क हो सकता है. अगर आप हेयर डाई इस्तेमाल नहीं करते, तो ये सबसे अच्छा है.
माइक्रोवेव में खाना पकाने से कैंसर नहीं होता. जैसे-जैसे लाइफ़स्टाइल बदली और शहरीकरण बढ़ा, माइक्रोवेव का इस्तेमाल भी आम हो गया. फिर जब कैंसर के मामले बढ़े, तो दोष माइक्रोवेव को दिया गया. लेकिन असली वजह ख़राब लाइफ़स्टाइल है. माइक्रोवेव पूरी तरह सेफ़ है और इससे कैंसर नहीं होता. बल्कि माइक्रोवेव में खाना गर्म करने से तेल कम इस्तेमाल होता है, जो सेहत के लिए अच्छा है.

ट्यूमर की बायोप्सी करने से कैंसर नहीं फैलता. बायोप्सी एक ज़रूरी जांच हैं, जिससे पता लगाया जाता है कि कैंसर है या नहीं. बायोप्सी से ट्यूमर की प्रकृति और प्रकार के बारे में भी जानकारी मिलती है. ब्रेस्ट कैंसर, ओवेरियन कैंसर और कई दूसरे कैंसर में पहले कीमोथेरेपी दी जाती है. जिससे कि ट्यूमर छोटा हो जाए और इसके बाद सर्जरी की जाती है. इसके लिए पहले बायोप्सी करना बहुत ज़रूरी है. पहले कुछ जगहों जैसे किडनी, ओवरी और टेस्टिस में बायोप्सी से परहेज़ किया जाता था. लेकिन अब नए और सुरक्षित तरीकों से बायोप्सी की जाती है. इसलिए ये कहना गलत है कि बायोप्सी कराने से कैंसर फैलता है.
टैटू बनवाने से कैंसर का रिस्क बढ़ता है?शरीर पर टैटू बनवाने से सीधे कैंसर होता है या नहीं, इस पर पूरी तरह हां या न कहना सही नहीं है. पहले के समय में टैटू बहुत कम लोग बनवाते थे. लेकिन आजकल ये काफ़ी आम हो गया है. इसलिए सावधानी बरतना ज़रूरी है. टैटू हमेशा सुरक्षित और साफ़ जगह से ही बनवाएं. टैटू आर्टिस्ट का एक ही सुई दोबारा इस्तेमाल करना हानिकारक है. इससे HIV, हेपेटाइटिस B और हेपेटाइटिस C जैसी गंभीर बीमारियों का ख़तरा बढ़ जाता है. हेपेटाइटिस B और C से लिवर को नुकसान हो सकता है. इससे आगे चलकर कैंसर होने का रिस्क बढ़ जाता है. टैटू कराने में कोई दिक्कत नहीं है. लेकिन वो जिस तरीके से और जिस जगह हो रहा है, उस पर ध्यान देना ज़रूरी है.

कैंसर छूने से नहीं फैलता है. ये टीबी या वायरल फीवर जैसी संक्रामक बीमारी नहीं है, जो एक से दूसरे में फैल जाए. कैंसर एक नॉन-कम्यूनिकेबल डिज़ीज़ है यानी ये एक से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता. एक ही प्लेट में खाना, साथ सोना, बच्चों को हाथ में लेना पूरी तरह सेफ़ है. ये मिथक है कि कैंसर छूने से फैलता है. कैंसर के मरीज़ों के लिए सबसे ज़रूरी है अपनापन और सहारा, न कि सिर्फ दया. उन्हें मानसिक ताकत और सहारा देना ज़रूरी है. ये सहारा परिवार से ज़्यादा और कोई नहीं दे सकता. इसलिए मरीज़ से दूरी बनाने के बजाय उनके साथ खाना खाएं. मरीज़ के साथ रहे, इससे कोई ख़तरा नहीं है. कैंसर छूने, साथ रहने, गले लगाने या झूठा खाने से नहीं फैलता.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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