आजकल जिस हिसाब से बाल टूट रहे हैं, हर बार कंघी करते हुए डर लगता है. बालों में जितनी बार हाथ फिराओ, हर बार 6-7 बाल हाथ में आ जाते हैं. कंघी करो तो बालों का पूरा गुच्छा टूटकर निकल आता है. कमरे में भी बाल ज़मीन पर घूमते ही रहते हैं. ऐसा लगता है कि अगर इसी तरह बाल झड़ते रहे, तो कहीं गंजे न हो जाएं.
बहुत बाल झड़ रहे? आज से ही ये 5 काम करना शुरू कर दें
अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है और आप भी बालों के झड़ने से परेशान हैं. तो अब ज़रा टेंशन लेना छोड़िए. पहले ये समझिए कि आखिर बाल इतना टूट क्यों रहे हैं. डॉक्टर से सब जानिए.

अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है और आप भी बालों के झड़ने से परेशान हैं. तो अब ज़रा टेंशन लेना छोड़िए. पहले ये समझिए कि आखिर बाल इतना टूट क्यों रहे हैं. इस सवाल का जवाब मिलेगा आज. डॉक्टर साहब से समझेंगे कि बाल झड़ने की आम वजह क्या है. क्या हर तरह के बाल झड़ने का इलाज एक जैसा होता है. बाल झड़ना रोकने में हेयर सिरम कितने असरदार हैं. क्या हेयर ट्रांसप्लांट भी बाल झड़ने से रोकने में काम आ सकता है. और अगर बाल झड़ने से बचाना है तो किन बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है.
बाल झड़ने के पीछे आम वजहें क्या होती हैं?ये हमें बताया डॉक्टर मयंक सिंह ने.

रोज़ 50 से 100 बालों का झड़ना सामान्य माना जाता है. लेकिन कुछ कंडीशंस में बाल सामान्य से ज़्यादा झड़ने लगते हैं. जैसे मौसम बदलने पर बाल ज़्यादा टूट सकते हैं. शरीर में आयरन, विटामिन और मिनरल्स की कमी से बालों का झड़ना बढ़ सकता है. लंबे समय तक रहने वाला स्ट्रेस भी हेयरफॉल बढ़ा सकता है. स्कैल्प से जुड़ी कुछ समस्याएं, जैसे डैंड्रफ, से बालों का झड़ना बढ़ सकता है. स्मोकिंग और कुछ दूसरी नशे की आदतें भी बालों का झड़ना बढ़ा सकती हैं. इसलिए हर तरह के हेयरफॉल को एक जैसा समझना गलत है. बाल ज़्यादा झड़ रहे हों, तो सबसे पहले उसके असली कारण का पता लगाना ज़रूरी है.
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क्या हर तरह के बाल झड़ने का इलाज एक जैसा होता है?हर हेयरफॉल का कारण अलग हो सकता है. इसलिए उसका इलाज भी कारण के हिसाब से किया जाता है. अगर हेयरफॉल शरीर में किसी कमी की वजह से हो रहा है. जैसे आयरन, विटामिन D3 या विटामिन B12, तो उस कमी को दूर करना ज़रूरी है. अगर ज़्यादा डैंड्रफ की वजह से बाल झड़ रहे हैं. तब सही शैंपू और ज़रूरत के मुताबिक दवाओं से इलाज किया जाता है. अगर ज़्यादा स्ट्रेस की वजह से बाल झड़ रहे हैं, तब स्ट्रेस कम होने के बाद बालों को सामान्य होने में 2-3 महीने लग सकते हैं. अगर फिर भी हेयरफॉल कम न हो, तो एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए.
हेयर ट्रांसप्लांट एक सर्जिकल प्रक्रिया है. इसमें सिर के पीछे और साइड के हिस्से से बालों की जड़ें लेकर गंजे हिस्से में ट्रांसप्लांट की जाती हैं. इससे सिर के जिस हिस्से में बाल कम हो गए हैं, वहां दोबारा बाल लाने में मदद मिलती है. लेकिन जेनेटिक हेयर लॉस समय के साथ बढ़ सकता है. ऐसा इसलिए, क्योंकि DHT हार्मोन सिर के आगे और क्राउन वाले हिस्से के बालों को कमज़ोर करता है. इसे रोकने के लिए आपको दवाइयां इस्तेमाल करनी पड़ती हैं. साथ ही, जहां बाल पहले ही कम या खत्म हो चुके हैं, वहां हेयर ट्रांसप्लांट किया जा सकता है.

हेयरफॉल के इलाज के लिए पहले बाल झड़ने का कारण पता करना ज़रूरी है. इसके लिए स्कैल्प की ट्राइकोस्कोपिक जांच की जाती है. इसमें स्कैल्प और बालों की जड़ों को बारीकी से देखा जाता है. कई लोग मानते हैं कि बाल झड़ने का मतलब गंजापन होना है. लेकिन ऐसा नहीं है. हेयर लॉस और हेयर फॉल अलग-अलग समस्याएं हैं.
अगर किसी खास वजह से बाल ज़्यादा झड़ रहे हैं. तब हेयर सिरम कुछ हद तक मदद कर सकते हैं. अगर बाल बीच से टूट रहे हैं, तो भी सिरम कुछ हद तक मदद कर सकते हैं. लेकिन अगर बालों का झड़ना जेनेटिक हेयर लॉस की वजह से है, जिसमें मोटे बाल पतले होकर बहुत बारीक हो जाते हैं और फिर झड़ने लगते हैं. तब ऐसे मामलों में हेयर सिरम ज़्यादा असरदार नहीं होते. इसके लिए डॉक्टर की सलाह से खास दवाइयों का इस्तेमाल किया जाता है.
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बाल झड़ रहे तो करें ये पांच कामअगर बाल बहुत ज़्यादा झड़ रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है. सबसे पहले, अपने स्कैल्प को साफ़-सुथरा रखें. कई लोग बाल झड़ने के डर से शैंपू करना बंद कर देते हैं. ऐसा न करें, आप माइल्ड शैंपू इस्तेमाल कर सकते हैं. अगर डैंड्रफ है, तो एंटी-डैंड्रफ शैंपू लगाएं. स्कैल्प में सूजन और जलन कम होगी, तो हेयरफॉल भी कम हो सकता है.
दूसरा, अपने पोषण का ध्यान रखें. आपका प्रोटीन इनटेक अच्छा होना चाहिए. शरीर में विटामिन और मिनरल्स की कमी न होने दें. कोशिश करें कि जंक फूड कम खाएं. जितना हो सके, बाहर का खाना खाने से बचें. घर का पौष्टिक खाना ज़्यादा खाएं.
तीसरा, अपनी नींद का समय नियमित रखें. यानी रोज़ लगभग एक ही समय पर सोने और जागने की कोशिश करें. बार-बार नींद का समय बदलने से शरीर की बॉडी क्लॉक प्रभावित हो सकती है.
चौथा, अपने स्ट्रेस को कंट्रोल में रखें. इसके लिए मेडिटेशन, योग करें या कोई खेल खेलें
पांचवां, अगर किसी तरह की नशे की आदत है, तो उसे भी कंट्रोल करने की कोशिश करें. इनसे आप एक हेल्दी लाइफस्टाइल अपना सकते हैं, जो बालों की सेहत के लिए भी अच्छी है.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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