अगर आप रोज़ आयोडीन वाला नमक खाते हैं तब भी आपके शरीर में आयोडीन की कमी हो सकती है. जी! और इसकी ज़िम्मेदार हैं वो छोटी-छोटी गलतियां, जो आप अक्सर करते हैं. इन गलतियों के बारे में बताएंगे. पर पहले एक फैक्ट सुनिए. दुनियाभर में 5 अरब से ज़्यादा लोग, यानी करीब 68% आबादी पर्याप्त मात्रा में आयोडीन नहीं ले रही. ये बात लैंसेट ग्लोबल हेल्थ जर्नल में छपी एक स्टडी में सामने आई थी. इसे अमेरिका की हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स समेत एक इंटरनेशनल टीम ने किया था.
रोज आयोडीन वाला नमक खाते हैं, फिर भी शरीर में इसका लेवल कम क्यों है?
आयोडीन शरीर के लिए एक अहम पोषक तत्व है. ये गले में मौजूद थायरॉइड ग्रंथि के सही कामकाज के लिए ज़रूरी है. प्रेग्नेंसी और बचपन में बच्चे के नर्वस सिस्टम के सही विकास के लिए भी आयोडीन ज़रूरी है.

भारत में भी कई लोगों के शरीर में आयोडीन की कमी है. वो भी तब, जब देश के 94% से ज़्यादा घरों में आयोडीन वाले नमक का इस्तेमाल हो रहा है. तो आखिर आयोडीन वाला नमक खाने के बावजूद लोगों के शरीर में आयोडीन कम क्यों है? इस सवाल का जवाब मिलेगा आज. डॉक्टर से ये भी समझेंगे कि शरीर के लिए आयोडीन क्यों ज़रूरी है. रोज़ कितना आयोडीन लेना चाहिए. शरीर में इसकी कमी के शुरुआती लक्षण क्या हैं. क्या ज़्यादा नमक खाने से आयोडीन की कमी पूरी हो सकती है, और नमक के अलावा आयोडीन के दूसरे सोर्स क्या हैं.
शरीर के लिए आयोडीन क्यों ज़रूरी?
ये हमें बताया डॉक्टर रश्मि रासी दत्ता ने.

आयोडीन शरीर के लिए एक अहम पोषक तत्व है. ये गले में मौजूद थायरॉइड ग्रंथि के सही कामकाज के लिए ज़रूरी है. थायरॉइड ग्रंथि, थायरॉइड हॉर्मोन बनाती है. ये हॉर्मोन शरीर के मेटाबॉलिज़्म को कंट्रोल करते हैं.
प्रेग्नेंसी और बचपन में बच्चे के नर्वस सिस्टम के सही विकास के लिए आयोडीन ज़रूरी है. इसकी कमी से बच्चों की सीखने की क्षमता और मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है. शरीर, हड्डियों के विकास और स्किन, बालों व नाखूनों की सेहत के लिए भी आयोडीन ज़रूरी है.
रोज़ कितना आयोडीन चाहिए, ये आपकी उम्र और सेहत पर निर्भर करता है. आमतौर पर एडल्ट्स को रोज़ 150 माइक्रोग्राम आयोडीन की ज़रूरत होती है. प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीडिंग महिलाओं को हर दिन 220-290 माइक्रोग्राम आयोडीन लेना चाहिए. वहीं, बच्चों को रोज़ 90 से 120 माइक्रोग्राम आयोडीन की ज़रूरत होती है.
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आयोडीन की कमी के शुरुआती लक्षण
- थकान और कमज़ोरी होना.
- अचानक वज़न बढ़ना.
- बालों का झड़ना.
- स्किन का रूखा और बेजान होना.
- सामान्य से ज़्यादा ठंड लगना.
- गले के सामने वाले हिस्से में सूजन आना.
- आयोडीन की कमी होने पर थायरॉइड ग्रंथि को हार्मोन बनाने के लिए ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है, इसकी वजह से थायरॉइड ग्रंथि का आकार बढ़ सकता है.
अगर लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो ये हाइपोथायरॉइडिज़्म का संकेत हो सकते हैं. ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेकर अपने खान-पान और आयोडीन के सेवन पर ध्यान दें.

आयोडीन वाला नमक खाने के बावजूद शरीर में आयोडीन की कमी हो सकती है?
हां, रोज़ आयोडीन वाला नमक खाने के बावजूद शरीर में आयोडीन की कमी हो सकती है. इसके कुछ प्रमुख कारण हो सकते हैं. जैसे नमक को गलत तरीके से स्टोर करना. हवा, नमी और धूप के संपर्क में रहने से नमक में मौजूद आयोडीन की मात्रा कम हो सकती है. अगर नमक को लंबे समय तक खुले डिब्बे में रखते हैं या नमी वाली जगह पर रखते हैं. तब उसमें आयोडीन की मात्रा धीरे-धीरे कम होने लगती है.
जो लोग हाई बीपी या दूसरी बीमारियों के कारण बहुत कम नमक खाते हैं. उन्हें नमक से पर्याप्त मात्रा में आयोडीन नहीं मिल पाता. खाना बहुत देर तक तेज़ आंच पर पकाने या उबालने से भी उसमें मौजूद आयोडीन की मात्रा कम हो सकती है. अगर आप सोयाबीन, कच्ची गोभी, ब्रोकली और शलजम ज़्यादा खाते हैं. तब भी शरीर को आयोडीन का इस्तेमाल करने में दिक्कत हो सकती है.
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ज़्यादा नमक खाने से आयोडीन की ज़रूरत पूरी हो जाती है?
ज़्यादा नमक खाने से शरीर में सोडियम की मात्रा ख़तरनाक स्तर तक बढ़ सकती है. इससे सेहत पर कई बुरे असर पड़ सकते हैं. जैसे हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारियां और किडनी से जुड़ी समस्याएं. इसलिए आयोडीन की कमी पूरी करने के लिए सही मात्रा में आयोडीन वाला नमक खाना चाहिए.
नमक के अलावा आयोडीन के दूसरे सोर्स
- नमक के अलावा भी आयोडीन के कई सोर्स होते हैं.
- सीफूड, अंडे, दूध और दूध से बनी दूसरी चीज़ों में आयोडीन पाया जाता है.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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