सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में हाईवे है, हाईवे पर पंगत है. बैठकर खाना खाते लोग हैं. कहा जा रहा कि ये लोग नियम कानून नहीं मान रहे. हाईवे पर बैठकर खाना खा रहे. इससे जाम लगेगा और सुरक्षा के लिहाज़ से भी ठीक नहीं. वीडियो में दिख रहे लोगों को भला-बुरा कहा जा रहा. सिविक सेंस की दुहाई दी जा रही. वीडियो की सच्चाई से पहले जानते हैं कि लोग क्या दावा कर रहे हैं.
फैमिली ने एक्सप्रेसवे पर दावत उड़ाई? 'सिविक सेंस' वालों को सच नहीं पता
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में हाईवे है, हाईवे पर पंगत है. बैठकर खाना खाते लोग हैं. कहा जा रहा कि ये लोग नियम कानून नहीं मान रहे. हाईवे पर बैठकर खाना खा रहे. इससे जाम लगेगा और सुरक्षा के लिहाज़ से भी ठीक नहीं. वीडियो में दिख रहे लोगों को भला-बुरा कहा जा रहा. सिविक सेंस की दुहाई दी जा रही.

X पर रितिक नाम के यूज़र ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “एक इंडियन फैमिली नए बने एक्सप्रेसवे पर बड़े चाव से खाना खा रही है. जैसे किसी सार्वजनिक संपत्ति का नियम तोड़कर उसे पिकनिक स्पॉट बना देना कोई बहुत बड़ी उपलब्धि हो. इससे भी ज़्यादा परेशान करने वाली बात है कि बेसिक सिविक सेंस और सार्वजनिक संपत्ति की ऐसी खुलेआम अनदेखी करने पर भी वो प्राउड फील कर रहे हैं.”

पोस्ट पर 18 लाख व्यूज़ हैं. डेढ़ हज़ार से अधिक लाइक और 500 से ज्यादा रीट्वीट्स हैं. पोस्ट का आर्काइव यहां देख सकते हैं.
इसी तरह मिस्टर त्यागी नाम के एक यूज़र ने कहा, “ये जो एक्सप्रेसवे पर पिकनिक मना रहे हैं, ऐसा न हो कि इनके श्राद्ध का भोज भी यहीं हो.”
पड़तालतो क्या है सच्चाई? वायरल वीडियो पर ‘shiv_dad’ नाम के इंस्टाग्राम हैंडल का एक वाटरमार्क दिखा. ये हैंडल शिव माहेश्वरी नाम के शख्स का है. हालांकि, उन्होंने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट प्राइवेट कर रखा है. हमने आजतक के सहयोगी हिमांशु शर्मा की मदद से शिव से संपर्क किया. शिव ने बताया कि ये वीडियो उन्होंने खुद रिकॉर्ड किया था. लेकिन इंस्टाग्राम पर बहुत ज्यादा नेगेटिव कॉमेंट आने के बाद उन्होंने इसे वहां से डिलीट करके अपनी आईडी प्राइवेट कर ली. शिव ने हमसे उस वक्त के वीडियो और फोटो शेयर किए हैं.
शिव ने बताया कि ये वीडियो चित्तौड़गढ़ में नेशनल हाईवे- 27 के पास बने रेस्ट एरिया का है. उन्होंने कहा कि वो 12 अगस्त की हरियाली अमावस्या पर परिवार के साथ मेनाल वॉटरफॉल घूमने गए थे. वापसी में मेनाल से चित्तौड़गढ़ की तरफ आने वाले एनएच-27 पर लेफ्ट साइड में रेस्ट एरिया में गाड़ी लगाकर उन्होंने परिवार के साथ खाना खाया. 15 मिनट वहां रुके थे और उसी वक्त वीडियो रिकॉर्ड किया और 16 अगस्त को अपलोड कर दिया. लेकिन वीडियो को गलत तरीके से प्रचारित किया जा रहा है. शिव ने कहा कि न तो उन्होंने किसी गाड़ी को रोका और न ही हाईवे पर बैठकर खाना खाया.
रेस्ट एरिया यानी वो जगह जहां यात्री रुककर आराम कर सकते हैं. यहां गाड़ियों के लिए पार्किंग, फ्यूल स्टेशन, शौचालय, खाने-पीने के लिए रेस्टोरेंट, पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलती हैं.
अधिक जानकारी के लिए हिमांशु शर्मा ने NHI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अनिल चौधरी से भी बात की. उन्होंने भी बताया कि वीडियो पार्किंग एरिया का है. ये एरिया इसलिए बनाया गया है जिससे लोग वहां बैठकर रेस्ट कर सकें और ट्रकों की पार्किंग हो सके.
वायरल वीडियो जिस जगह का है वहां होटल मेनाल एंड रेस्टोरेंट हैं. होटल के मैनेजर राधे श्याम ने भी बताया कि ये वीडियो रेस्ट एरिया का है. उन्होंने कहा, “पहले इस जगह पर टोल प्लाज़ा बनना था. लेकिन वो बन नहीं पाया. जिसके बाद से इसका इस्तेमाल रेस्ट एरिया और पार्किंग के तौर पर हो रहा है.”
नतीजाकुल मिलाकर, हमारी पड़ताल में ये साफ है कि वीडियो एनएच-27 पर बने रेस्ट एरिया का है. इसे भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि ये चलते नए बने एक्सप्रेस वे का है.
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