ब्रिटेन में कोरोना वायरस वैक्सीन की पहली वॉलंटियर एलिसा ग्रेनाटो को लेकर एक मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें दावा किया जा रहा है कि वैक्सीन लगने के कुछ घंटों के अंदर ही एलिसा की मौत हो गई.
फ़ेसबुक पेज फ़तेहाबाद न्यूज़ ने 26 अप्रैल को पोस्ट
(आर्काइव लिंक)
किया,
ब्रिटिश वैज्ञानिकों को झटकाः कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लेने वाली महिला की कुछ घंटों बाद मौत
ब्रिटेन में कोरोना वायरस वैक्सीन तैयार करने वाले ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों को बड़ा झटका लगा है। ऑक्सफोर्ड वैज्ञानिकों द्वारा तैयार वैक्सीन का जिस माइक्रो बॉयोलॉजिस्ट को पहला टीका लगाया गया उसकी ट्रायल के कुछ घंटों बाद ही मौत हो गई ।इस वैक्सीन का शुक्रवार को इंसानों पर परीक्षण शुरू किया गया था और माइक्रोबॉयोलॉजिस्ट एलिसा को इसका पहला टीका लगाया गया था। वैज्ञानिकों द्वारा एलीसा के मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल के लिए 800 लोगों में से एलिसा ग्रैनेटो को चुना गया था।
ब्रिटिश वैज्ञानिकों को झटकाः कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लेने वाली महिला की कुछ घंटों बाद मौत
ब्रिटेन में कोरोना वायरस...
Posted by Fatehabad News
on Sunday, 26 April 2020
ने भी शेयर किया है.
इस ख़बर को News NT नाम की वेबसाइट ने भी रिपोर्ट
(आर्काइव लिंक)
किया,

इस रिपोर्ट में दावा किया गया कि वैक्सीन का डोज लेने के कुछ ही समय के बाद एलिसा की मौत हो गई.
पड़ताल
‘दी लल्लनटॉप’ ने इस वायरल मेसेज की पड़ताल की. हमारी पड़ताल में ये दावा झूठा निकला.
हमने कीवर्ड्स की मदद से इंटरनेट पर सर्च किया. हमें 26 अप्रैल की द गार्डियन की एक रिपोर्ट
(आर्काइव लिंक)
मिली. इस रिपोर्ट का टाइटल है,
UK vaccine trial volunteer says she is 'doing fine' after online death rumours (मौत की अफ़वाहों के बीच ब्रिटने की वैक्सीन ट्रायल वॉलंटियर ने खुद को ‘स्वस्थ’ बताया)रिपोर्ट के मुताबिक़, एलिसा ने अफ़वाहों का खंडन करने के बाद अपना ट्विटर अकाउंट प्राइवेट कर लिया. अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा,
सुबह जगने पर अपनी मौत की ख़बर पढ़ने से अजीब और कुछ भी नहीं है… मैं पूरी तरह से ठीक हूं.

गार्डियन की रिपोर्ट में एलिसा के ट्वीट के बारे में लिखा है.
बीबीसी के मेडिकल संवाददाता फर्गस वाल्श ने ट्वीट कर बताया कि एलिसा बिल्कुल ठीक हैं और उन्होंने स्काइप के जरिए एलिसा से बात भी की है. ट्वीट देखिए,
सोशल मीडिया पर एक फ़र्ज़ी ख़बर शेयर हो रही है कि ऑक्सफ़ोर्ड वैक्सीन ट्रायल की पहली वॉलंटियर की मौत हो गई है. ये सच नहीं है! मैंने आज सुबह कई मिनटों तक स्काइप के जरिए उनसे बात की है. वो जीवित हैं और वो अच्छा महसूस कर रही हैं.”
मिली. 23 अप्रैल, 2020 की इस रिपोर्ट के अनुसार, यूरोप में कोरोना वायरस की वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल शुरू हो गया. पहले चरण के ट्रायल के लिए 800 से अधिक लोगों को चुना गया. पहले दिन दो लोगों को वैक्सीन का डोज दिया गया. इनमें से एक का नाम एलिसा ग्रेनाटो था.
एलिसा ने बाद में बीबीसी से बात करते हुए कहा,
मैं एक वैज्ञानिक हूं. इस साइंटिफ़िक प्रोसेस में, मुझसे जहां तक हो सकेगा, मदद करूंगी.

बीबीसी की इस रिपोर्ट में एलिसा ग्रेनाटो का ज़िक्र है.
नतीजा
ब्रिटेन में कोरोना वायरस वैक्सीन की पहली वॉलंटियर एलिसा ग्रेनाटो की मौत का दावा झूठा है. एलिसा पूरी तरह से ठीक हैं और रिकवर भी कर रही हैं. ब्रिटेन के स्वास्थ्य विभाग ने भी ट्वीट कर वायरल हो रही अफ़वाहों का खंडन किया.
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