#क्या है दावा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट में दावा किया गया है कि अमित शाह का काफिला युवक को तड़पता छोड़ कर निकल गया. 2018 की खबर अब वायरल की जा रही है. कई लोग इस पोस्ट को रीशेयर कर रहे हैं. हमारे पाठक आलोक ने भी हमें इस तस्वीर को भेज कर इसकी सच्चाई जाननी चाही. क्योंकि 28 मार्च 2018 के इस पोस्ट को 31 हज़ार से ज्यादा लोग शेयर कर चुके हैं. साथ ही इस पोस्ट के कमेंट सेक्शन में अमित शाह के लिए कई तरह की बातें लिख रहे हैं जिसे हम आपको नहीं दिखा सकते.

सोशल मीडिया पर कुछ इस तरह से दावे किए जा रहे हैं.
#हमने शुरू की दावे की पड़ताल
#1. खबर 2018 की दिख ही रही थी तो इसकी जानकारी जुटाना मुश्किल नहीं था. गूगल पर इस खबर के बारे में सर्च करने पर पता चला कि खबर 2016 की है.
#2. दिसंबर 2016 में तेलंगाना के भुपालापल्ली में एक सड़क दुर्घटना हुई थी. उसी वक्त एक ट्रक ने बाइक वाले को टक्कर मार दी. बाइक पर तीन लोग बैठ थे. गोपी, सतीश और चैरी. इस हादसे में चैरी की मौके पर ही मौत हो गई. जिस वक्त ये हादसा हुआ उस वक्त पास के गांव के लोग उसके आस पास जमा हो गए थे. वो हादसे में घायल लोगों की जान बचाने के लिए गाड़ी ढूंढ रहे थे. तभी जनजाति कल्याण मंत्री अज़मीरा चंदुलाल का काफिला वहां से गुज़रा. लेकिन वो बिना रुके आगे निकल गए. इस घटना के बाद वहां जमा लोगों ने इसकी तस्वीर खींच ली.
#3. इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर भी खूब शेयर किया गया.

साल 2016 में सोशल मीडिया पर शेयर की गई खबर का स्क्रीन शॉट
मामला सामने आने के बाद मंत्री ने भी माफी मांगी थी. मंत्री ने बाद में कहा:
“अपने एक रिश्तेदार के साथ कॉल पर व्यस्त था. उस वक्त मुझे उतरना चाहिए और घायलों से मिलना चाहिए था, लेकिन उस वक्त मैं काफी जल्दबाजी में था.”इस खबर को उस वक्त मीडिया में भी खूब चलाया गया था. कई वेबसाइट्स पर अब भी ये खबर मौजूद है.
#क्या नतीजा निकला
इस पोस्ट का अमित शाह से कोई लेना-देना नहीं है. सड़क हादसा हुआ था लेकिन साल 2016 में हुआ था. इसके साथ ही काफिला ना रोकने के लिए बाद में मंत्री ने खेद भी जताया था. हमारी पड़ताल में सोशल मीडिया पर किए गए दावे झूठे निकले.
आपके पास भी ऐसा कोई पोस्ट हो, ऐसी कोई तस्वीर हो, कोई वीडियो हो जिनकी सत्यता पर आपको शक हो, तो उसकी पड़ताल के लिए भेजिए हमारे पास Padtaalmail@gmail.com पर. हम उसकी पड़ताल करेंगे और आपको उसकी सच्चाई बताएंगे.












