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राजस्थान गैंगरेप मामले से जोड़कर वायरल हुआ पुलिसिया कार्रवाई का वीडियो गुजरात का है

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें पुलिसवाले कुछ लोगों के हाथ में रस्सी बांधकर उन्हें लेकर जाते नज़र आ रहे हैं. दावा किया जा रहा कि वीडियो श्रींगगानगर में नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले आरोपियों का है.

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राजस्थान गैंगरेप मामले से जोड़कर वायरल हुआ पुलिसिया कार्रवाई का वीडियो कहां का है?

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  • राजस्थान के श्रीगंगानगर में नाबालिग लड़की से गैंगरेप के मामले में पुलिस ने 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
  • सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, वह गुजरात के पाटन जिले का लगभग चार महीने पुराना वीडियो है और श्रीगंगानगर से संबंधित नहीं है।
  • भ्रामक वीडियो के कारण सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैली है, जिसके बाद मीडिया और अधिकारियों ने सही जानकारी प्रस्तुत की है।

राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक नाबालिग लड़की से गैंगरेप मामले में 18 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें पुलिसवाले कुछ लोगों के हाथ में रस्सी बांधकर उन्हें लेकर जाते नज़र आ रहे हैं. दावा किया जा रहा कि वीडियो श्रींगगानगर में नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले आरोपियों का है.

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हेमेंद्र त्रिपाठी नाम के X यूजर ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “"ध्यान से देखिए! यही हैं वो दरिंदे जिन्होंने 13 साल की मासूम बेटी के साथ 5 दिनों तक लगातार रेप किया.”

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इसी तरह कई अन्य यूजर्स ने भी वीडियो शेयर किए हैं जिनके पोस्ट यहां और यहां देख सकते हैं.


पड़ताल

तो क्या है सच्चाई? वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें News18 के X हैंडल से 15 मार्च को किया गया एक पोस्ट मिला. पोस्ट में वायरल वीडियो मौजूद है. वीडियो को गुजरात के पाटन का बताया गया है. इससे साफ है कि वीडियो श्रीगंगानगर घटना से रिलेटेड नहीं है. वायरल वीडियो तीन महीने पहले से इंटरनेट पर मौजूद है.

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घटना के बारे में खोजने पर हमें ABP ASMITA की वेबसाइट पर 19 मार्च को छपी एक रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट में वायरल वीडियो का स्क्रीनग्रैब मौजूद है. रिपोर्ट के मुताबिक, पाटन जिले के झीलीया गांव में 15-20 लोगों की भीड़ ने एक फॉर्महाउस पर हमला कर दिया. हमले को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की थी. 

पुलिस ने इलाके में अशांति फैलाने वाले आरोपियों का सरेआम जुलूस निकाला था. हिंसा फैलाने वाले करीब 18 आरोपियों को पुलिस ने सड़क पर घुमाया. इनपर हथियारों के साथ तोड़फोड़ करने और आतंक मचाने का आरोप है.घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया था और स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी. आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया जहां उन्हें 5 दिनों की हिरासत में भेज दिया गया था.

इस घटना के बारे में कई अन्य मीडिया संस्थानों ने भी रिपोर्ट छापी थी जिन्हें आप यहां देख सकते हैं.

नतीजा

कुल मिलाकर, साफ है कि गुजरात के पाटन का करीब 4 महीने पुराना वीडियो राजस्थान का बताकर भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है.

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