दावासोशल मीडिया पर पीएम मोदी का एक वीडियो शेयर किया जा रहा है. दावा किया जा रहा है कि पीएम ने अपने भाषण के दौरान गाली दी. कांग्रेस से जुड़े गौरव पांधी ने ट्वीट किया.
मिस्टर पीएम आखिर यह किस तरह की भाषा है? क्या यह देश के प्रधानमंत्री को शोभा देता है कि वह सार्वजनिक तौर पर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करे? यह बहुत ही शॉकिंग है. कुछ नहीं तो कम से कम पीएम की कुर्सी का ही सम्मान कर लीजिए.गौरव पांधी के इस वीडियो को कई लोगों ने शेयर किया और पीएम मोदी के लिए भला-बुरा कहा.
सोशल मीडिया पर इस तरह के कई पोस्ट शेयर किए जा रहे हैं जिनमें दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी ने अपने भाषण में गाली दी. इस बात के पोस्ट करने वाले पीएम मोदी को कोस रहे हैं. उनका कहना है कि महिलाओं के लिए पीएम के मन में कोई सम्मान नहीं है. इसी तरह की बहुत सारी बातें सोशल मीडिया पर की जा रही हैं. पड़तालपीएम मोदी का भाषण गुजराती में है. मोदी ने कहा- लोको एम काहे छे भविष्या मा लड़ाई पाणी नी थावानी छे, अल्या, बढा काहो छो पाणी लड़ाई झावानी छे तो पाछी पानी पेला पाल केम ना बांढिया. इसका हिन्दी में अनुवाद है - 'जब हमें पता है कि भविष्य में पानी को लेकर लड़ाई होने वाली है तो इसके लिए पहले से सावधानी क्यों न बरती जाए.' पीएम मोदी का जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें लड़ाई थावानी छे को बार बार दोहराया गया है. यही वो हिस्सा है, जिसे अनजाने में या शायद जानकर भी गाली बताया जा रहा है. जबकि 'लड़ाई थावानी छे' का मतलब है 'लड़ाई शुरू होने वाली है'. ये है पीएम मोदी की रैली का पूरा वीडियो
नतीजाहमारी पड़ताल में पता चला कि पीएम मोदी ने किसी अपशब्द का इस्तेमाल अपने भाषण में नहीं किया. वह पानी की समस्या पर गुजराती में बात कर रहे थे. कुछ लोगों ने उसे गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया, जिससे उनके द्वारा बोला गया एक शब्द हिन्दी में गाली की तरह लगे. आपके पास भी कोई पोस्ट या फिर तस्वीर या फिर कोई वीडियो हो, जिसपर आपको शक हो तो उसकी पड़ताल के लिए भेजिए padtaalmail@gmail.com पर. हम उसकी पड़ताल करेंगे और आपको उसकी हकीकत बताएंगे.
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