दावा
सोशल मीडिया पर हाथों में हथकड़ी लगे एक शख़्स की तस्वीर वायरल हो रही है. साथ में एक पेटी से कुछ बिखरे हुए सेब, कुछ कारतूस और ग्रेनेड्स की तस्वीर भी शेयर की जा रही है. दोनों तस्वीरों को शेयर कर रहे सोशल मीडिया यूज़र्स इसे असम के कथित कांग्रेस नेता अज़मत अली(अमजात) की तस्वीर बता रहे हैं. दावा कर रहे हैं ये कथित कांग्रेस नेता हमले की प्लानिंग कर रहा था.
फेसबुक यूज़र अजय मोदी ने वायरल तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा है,
#असम के कांग्रेस नेता अमजात अली🐷 सेब🍎की पेटी में हथियार और गोलियों के साथ... हिरासत में। काफिरों को मारने का कर रहा था...
Posted by Ajay Modi
on Saturday, 13 November 2021
ट्विटर यूज़र
शिवदान सिंह छौंकर ने भी यही दावा किया है (
आर्काइव).
फेसबुक और
ट्विटर के अलावा वाट्सऐप पर भी ये दावा तेजी से वायरल हो रहा है.
पड़ताल
'दी लल्लनटॉप' ने वायरल दावे की पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरल तस्वीरों के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक निकला.
रिवर्स इमेज सर्च के ज़रिए हमें हाथ में हथकड़ी लगे शख़्स की तस्वीर बांग्ला न्यूज़
नाम के एक ब्लॉगस्पॉट पर मिली. इसके मुताबिक, शख़्स का नाम मुबारक हुसैन है, जिसे 4 साल की बच्ची का बलात्कार और हत्या करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था. मुबारक घटना के वक्त बांग्लादेश के मेमनसिंह शहर के एक मदरसे में इमाम था. ये ब्लॉग 16 मई 2018 को पब्लिश हुआ था. (आर्काइव लिंक
)
ओरिजनल रिपोर्ट बांग्ला में लिखी गई है. तस्वीर में दिख रहा अंग्रेज़ी का वर्जन गूगल ट्रांसलेट से ट्रांसलेट किया गया है.वायरल हो रही तस्वीर में दिख रहे पुलिसकर्मियों ने जो वर्दी पहनी है, वही वर्दी मेमनसिंह शहर की
पुलिस की है.
बाईं ओर है वायरल तस्वीर. दाईं ओर है मेमनसिंह शहर की पुलिस की एक तस्वीर. (स्रोत- bdnews24)हालांकि, हम इस तस्वीर के बारे में ब्लॉगस्पॉट में लिखी जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर पाए हैं.
इस घटना के बारे में बांग्लादेश की न्यूज वेबसाइट 'द डेली स्टार' ने भी
6 मई, 2018 को रिपोर्ट छापी थी.
दूसरी तस्वीर में सेब के साथ कुछ कारतूस और बम-ग्रेनेड बिखरे हुए हैं. रिवर्स सर्च करने पर हमें
जम्मू-कश्मीर पुलिस के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर ये तस्वीर मिली. 29 अक्टूबर 2018 को किए गए इस ट्वीट के मुताबिक, श्रीनगर के बाहरी इलाके में गोलीबारी हुई. जिसमें तीन संदिग्ध आतंकी गिरफ़्तार हुए, जिसमें से एक घायल है. जांच शुरू है.(
आर्काइव लिंक)
जम्मू-कश्मीर पुलिस के अलावा जागरण वेबसाइट ने भी 30 अक्टूबर 2018 को ये तस्वीर
ख़बर समेत पब्लिश की है. (
आर्काइव लिंक)
हमने अमजात अली(अज़मत) नाम के कांग्रेस नेता के बारे में इंटरनेट पर खोजा, लेकिन सर्च रिज़ल्ट में कहीं भी असम कांग्रेस के किसी ऐसा नेता के बारे में कोई जानकारी हमें नहीं मिली.
नतीजा
हमारी पड़ताल में असम के कथित कांग्रेसी नेता के आतंकी साज़िश में शामिल होने के नाम पर वायरल दावा और तस्वीरें भ्रामक निकलीं. वायरल दावे के साथ शेयर की जा रही दोनों तस्वीरें अलग-अलग जगह और समय की हैं. पुलिस की गिरफ़्त में खड़े शख़्स की तस्वीर बांग्लादेश की है. वहीं सेब की पेटी से निकले हैंड ग्रेनेड की तस्वीर कश्मीर की है. इनका असम या किसी कांग्रेस नेता से कोई वास्ता नहीं है.
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