दावा है कि ये यूपी के ललितपुर में बना भावनी बांध है. इससे ललितपुर की 3800 हेक्टेयर भूमि को सिंचित और 20 गाँव के 8062 किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलने की जानकारी दी जा रहा है.
वेरिफाइड ट्विटर यूजर और यूपी में वाराणसी जिले की पिंडरा विधानसभा से विधायक डॉ अवधेश सिंह ने ट्वीट कर बुलंद बुन्देलखंड का दावा
किया, (आर्काइव
)
ट्वीट का कैप्शन अंग्रेजी में है जिसका हिंदी अनुवाद है,
पीएम मोदी जी और CM योगी जी के दौरे के दौरान बुंदेलखंड के सूखा प्रभावित क्षेत्र को मिलेगी सिंचाई परियोजनाएँ #बुलन्द_बुन्देलखण्ड
किया. (आर्काइव
)
किया जा रहा है.
पड़ताल
'दी लल्लनटॉप' ने वायरल दावे की पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरल दावा भ्रामक निकला. वायरल तस्वीर में दिख रहा बांध कृष्णा नदी पर बना श्रीशैलम बांध है. ये तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की सीमा पर बना है.
हमने वायरल तस्वीर की पड़ताल के लिए रिवर्स इमेज सर्च की मदद ली. हमें 'डेक्कन क्रॉनिकल
' की वेबसाइट पर 10 अगस्त 2018 को पोस्ट किए गए एक आर्टिकल में बांध की वायरल तस्वीर मिली. ये आर्टिकल श्रीशैलम बांध के घटते जलस्तर के बारे में है. (आर्काइव
)

डेक्कन क्रॉनिकल की वेबसाइट पर छपे आर्टिकल का स्क्रीनशॉट
भावनी बांध की बारे में खोजने पर हमें 19 नवंबर, 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बुंदेलखंड जनसभा का वीडियो PMO के ऑफिशल यूट्यूब चैनल
पर मिला. इस वीडियो में प्रधानमंत्री ने भावनी बांध परियोजना का जिक्र किया है. साथ ही वीडियो में 36 मिनट 27 सेकेंड पर भावनी बांध की एक तस्वीर भी देखी जा सकती है. वीडियो में दिख रहा बांध वायरल दावे में शेयर की जा रही बांध की तस्वीर से बिल्कुल अलग है.
कृष्णा नदी प्रबंधन बोर्ड, हैदराबाद
की वेबसाइट के मुताबिक, वायरल दावे में दिख रहा श्रीशैलम बांध तेलंगाना और आंध्र प्रदेश राज्यों की सीमा पर पड़ने वाले जिले महबूबनगर और कुर्नूल के बीच में बना है. नीलम संजीव रेड्डी श्रीशैलम परियोजना के तहत इस बांध के निर्माण कार्य साल 1960 में शुरू हुआ था. साल 1980 में श्रीशैलम बांध बन कर तैयार हो गया था.
क्यों हो रही है ललितपुर के भावनी बांध की चर्चा ? दरअसल 19 नवंबर 2021 पीएम मोदी ने यूपी के महोबा में वर्चुअल माध्यम से महोबा समेत कई जिलों में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया था. ललितपुर की भावनी बांध परियोजना भी इसी लिस्ट में शामिल है, जिसे आधार बनाकर बुन्देलखण्ड इलाके में हो रहे विकास पर कई पोस्ट सोशल मीडिया पर चल रहे हैं. नतीजा वायरल पोस्ट में दिख रही तस्वीर ललितपुर के भावनी बांध की नहीं, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की सीमा पर बने श्रीशैलम बांध की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 नवंबर 2021 को बुंदेलखंड के लिए भावनी बांध समेत दो और बांध परियोजनाओं का उद्घाटन तो किया था, लेकिन 'बुंदेलखंड को सौगात' के नाम से पोस्ट किए जा रहे वायरल दावे में लगी बांध की तस्वीर गलत है.
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