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पड़ताल: राम मंदिर की झांकी से तुलना कर अखिलेश सरकार को कोस रहे लोग ये लोचा कर गए!

सोशल मीडिया पर वायरल है सूफ़ी संत और अयोध्या मंदिर की झांकी की तुलना दिखाती तस्वीर

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दावा- UP की सपा सरकार ने मुस्लिम संत की झांकी निकाली थी.
दावा सोशल मीडिया पर गणतंत्र दिवस परेड की दो झांकियों की तस्वीरें वायरल हैं. पहली झांकी में एक सूफ़ी संत नज़र आ रहे हैं और उनके पीछे एक मुस्लिम तीर्थस्थल की आकृति बनी है. दूसरी तस्वीर में एक हिंदू संत कुछ लिखते हुए दिख रहे हैं और उनके पीछे एक हिंदू तीर्थस्थल की आकृति बनी हुई है. झांकियों की वायरल तस्वीर को शेयर कर सोशल मीडिया यूज़र्स UP में सपा कार्यकाल और योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल की तुलना कर रहे हैं.
फेसबुक यूज़र विष्णु राजपूत
ने वायरल तस्वीरों को पोस्ट करते हुए लिखा है-
"समाजवादी राज में उत्तर प्रदेश की झांकी और योगी आदित्यनाथ की झांकी अंतर देखें"
समाजवादी राज में उत्तर प्रदेश की झांकी और योगी आदित्यनाथ की झांकी अंतर देखें
Posted by Vishnu Rajput
on Tuesday, 26 January 2021
(आर्काइव लिंक
)
ट्विटर यूज़र विक्रम सिंह सोलंकी
ने भी वायरल तस्वीर ट्वीट करते हुए यही दावा किया है.
(आर्काइव
)
इसी तरह के बाकी दावे आप यहां
और यहां
भी देख सकते हैं. (आर्काइव
) (आर्काइव
) पड़ताल 'दी लल्लनटॉप' ने वायरल तस्वीरों की पड़ताल की. हमारी पड़ताल में समाजवादी पार्टी की सरकार के समय उत्तर प्रदेश की झांकी के नाम पर वायरल तस्वीर भ्रामक निकली. वायरल झांकी की तस्वीर बिहार राज्य की है. 2011 के गणतंत्र दिवस परेड में ये झांकी शामिल हुई थी.
पहली तस्वीर को को रिवर्स सर्च करने पर हमें  न्यूज़ 18
की एक रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट में 26 जनवरी 2011 के परेड की कई और तस्वीरें भी हैं. वायरल तस्वीर के साथ कैप्शन लिखा है-
"बिहार राज्य की एक झांकी में एक मुस्लिम व्यक्ति को प्रार्थना करते हुए दिखाया गया है. पटना के मनेर के सूफ़ी तीर्थ को बिहार की झांकी में प्रदर्शित किया गया था, जो अपने बौद्ध तीर्थ स्थलों के लिए ज्यादा जाना जाता है. इसमें 17 वीं सदी के संत मख़दूम शाह दौलत की दरगाह दिखाई गई है."
News 18
News18 की रिपोर्ट में वायरल तस्वीर.

(आर्काइव लिंक
)
इस क्लू के आधार पर सर्च करने पर हमें यूट्यूब पर
चैनल पर 2011 गणतंत्र दिवस परेड का वीडियो मिला. तीन पार्ट में अपलोड किए गए परेड के वीडियो के दूसरे पार्ट में हमें वायरल झांकी का वीडियो मिला. वीडियो में 34:29 मिनट पर झांकी के साथ हो रही कमेंट्री के मुताबिक़,
"ये झांकी बिहार के मनेर शरीफ़ की है. मुस्लिम समाज के सूफ़ी समुदाय में मनेर शरीफ़ का विशेष स्थान है. पटना स्थित मनेर शरीफ़ का गौरवशाली इतिहास रहा है. सूफ़ी संत मख़दूम शाह दौलत ने अपनी आख़री सांस सन 1608 में मनेर शरीफ़ में ली थी. उनके अनुयायी और बिहार के तत्कालीन गवर्नर इब्राहिम खान ने सन 1616 में मनेर शरीफ़ उनकी याद में मक़बरा बनवाया था."

(
)
कीवर्ड्स के जरिए सर्च करने पर हमें मंदिर की झांकी का भी पता चला. सरकारी सूचनाओं की नोडल एजेंसी PIB
के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर हमें वायरल मंदिर की झांकी का वीडियो मिला. 26 जनवरी 2021 को किए इस ट्वीट का कैप्शन है-
"अयोध्या का राम मंदिर और महर्षि वाल्मीकि उत्तर प्रदेश की झांकी में राज्य की महान परंपरा और विरासत को प्रदर्शित करते हुए."
(आर्काइव लिंक
) नतीजा हमारी पड़ताल में सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश की पूर्व सपा सरकार(अखिलेश यादव) के कार्यकाल के दौरान निकाली गई झांकी के नाम पर वायरल तस्वीर भ्रामक निकली. वायरल तस्वीर 2011 हुए गणतंत्र दिवस परेड में शामिल बिहार की झांकी की है. ये झांकी पटना के मनेर शरीफ़ में स्थित सूफ़ी संत मख़दूम शाह दौलत की ऐतिहासिक विरासत को प्रदर्शित करती है.
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