ट्विटर यूज़र श्रीष त्रिपाठी
ने एक पोस्टर ट्वीट किया है. पोस्टर पर अमेरिका में कोरोना वैक्सीन की क़ीमत 5 हज़ार रुपये, इंग्लैड में 3 हज़ार रुपये और भारत में ज़ीरो रुपये लिखा है. उन्होंने इस ट्वीट के साथ कैप्शन में लिखा है-
"ब्राजील में वैक्सीन की कीमत $8 है इटली में 6 यूरो है अमेरिका इंग्लैंड का रेट आपने देख लिया पूरी दुनिया में एकमात्र भारत ऐसा देश है जहां सब को बिल्कुल फ्री वैक्सीन लगेगी इस व्यक्ति ने नेशन प्रोजेक्ट पर सरकार का लगभग कई हजार करोड़ रुपए खर्च होगा उसके बाद कांग्रेसी गुलाम कहेंगे"
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गुजरात हिंदू युवा वाहिनी के इंचार्ज योगी देवनाथ ने भी वायरल मेसेज ट्वीट किया है-
"क़ोरोना वैक्सीन की क़ीमत अमेरिका 5000 ₹ इंग्लैंड 3000 ₹ भारत 0₹ #माफी_मांगो_अखिलेश
"
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फेसबुक पर यूपी मुख्यमंत्री रिपोर्ट कार्ड नाम के पेज ने भी ये दावा पोस्ट किया है. इस पोस्ट को फेसबुक पर 1400 से ज़्यादा बार शेयर किया जा चुका है.
क़ोरोना वैक्सीन की क़ीमत अमेरिका 5000₹/- इंग्लैंड 3000₹/- भारत 0₹/- क्यूंकि आपने मोदी को चुना हैं..
Posted by यूपी मुख्यमंत्री रिपोर्ट कार्ड
on Sunday, 3 January 2021
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इसी तरह के बाकी दावे आप यहां
और यहां
भी देख सकते हैं. (आर्काइव लिंक
) (आर्काइव लिंक
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हम एक-एक कर वायरल मेसेज में ज़िक्र होने वाले चारों देश अमेरिका, यूके, ब्राज़ील और इटली में कोरोना वैक्सीन के लिए पैसे लिए जाने के दावे की पड़ताल करेंगे. पड़ताल 'दी लल्लनटॉप' ने वायरल दावे की पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरल दावा भ्रामक ग़लत निकला. अमेरिका, ब्राजील, यूके और इटली में कोरोना वैक्सीन लोगों को फ़्री में दी जाएगी.
अमेरिका कीवर्ड्स की मदद से सर्च करने पर हमें अमेरिकी स्वास्थ मंत्रालय की संस्था सेंटर फॉर मेडिकेयर एंड मेडीकैड सर्विसेज
की वेबसाइट CMS.gov पर एक प्रेस रिलीज़ मिली. इस प्रेस रिलीज के पहले ही पैराग्राफ के मुताबिक़, ट्रंप सरकार ने ये फ़ैसला लिया है कि हर अमेरिकी को कोरोना वायरस की वैक्सीन फ़्री में दी जाएगी. इस प्रेस रिलीज़ में आगे वैक्सीन लोगों तक कैसे पहुंचाई जाएगी, इसकी पूरी जानकारी दी गई है.

अमेरिका की सेंटर फॉर मेडिकेयर एंड मेडीकैड सर्विसेज की प्रेस रिलीज़
(आर्काइव लिंक
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इंग्लैंड यूके सरकार
की 31 दिसंबर 2020 की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, यूके में कोरोना वैक्सीन लोगों तक पहुंचाने का काम सरकारी स्वास्थ सेवा यानी NHS के जरिये होगा और ये पूरी तरह से मुफ़्त होगा.

यूके सरकार की कोरोना वैक्सीन से संबंधित जानकारी देने वाली रिपोर्ट
(आर्काइव लिंक
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ब्राज़ील फर्स्ट पोस्ट
की 8 दिसंबर 2020 की रिपोर्ट के मुताबिक़, ब्राज़ील के राष्ट्रपति ज़ायर बोलसोनारो ने ट्वीट कर बताया
कि ब्राज़ील की सरकार हर ब्राजीलियन को फ़्री कोरोना वैक्सीन देगी. उन्होंने ट्वीट किया कि वित्त मंत्रालय ने उन्हें आश्वस्त किया है कि हर नागरिक तक कोरोना वैक्सीन पहुंचाने में संसाधन की कोई कमी नहीं होगी.
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इटली कीवर्ड्स की मदद से ही सर्च करने पर हमें मलेशिया की प्रतिष्ठित अखबार
के वेरिफाइड यूट्यूब चैनल पर इटली के स्वस्थ मंत्री का संसद में दिया गया एक भाषण मिला. इटैलियन भाषा में दिए गए अपने भाषण में वो कह रहे हैं कि उम्मीद है कि जनवरी में वैक्सीन देने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. इसी क्षण का हम सबको इंतजार था. उन्होंने कहा कि खरीदी गई वैक्सीन को केंद्रित कर सभी इटैलियंस को फ़्री में दी जाएगी.
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भारत में सभी को कोरोना की वैक्सीन फ़्री मिलेगी या नहीं इस पर तस्वीर पूरी तरह से साफ नहीं हो पा रही है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन
ने ट्वीट कर बताया कि एक करोड़ हेल्थ वर्कर और दो करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स को फ़्री वैक्सीन मिलना तय है. प्राथमिकता वाले 27 करोड़ दूसरे लोगों को फ़्री टीके पर अभी विचार चल रहा है.
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साफ़ है जिन देशों में कोरोना वैक्सीन लगवाने की क़ीमत हज़ारों में बताई जा रही है, वहां अभी वैक्सीन फ़्री में देने की योजना है. नतीजा हमारी पड़ताल में अमेरिका, यूके, ब्राज़ील और इटली में कोरोना वैक्सीन के लिए लोगों से पैसे ने का दावा ग़लत निकला. अमेरिका, इंग्लैंड, ब्राज़ील और इटली की सरकारों ने अपने सभी नागरिकों को फ़्री कोरोना वैक्सीन देने का ऐलान कर चुकी है. भारत में अभी सभी नागरिकों को फ़्री में वैक्सीन देने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है.
























