सोशल मीडिया यूज़र्स का दावा है कि रवि किशन ने दलितों का अपमान किया है.
दावा
2022 विधानसभा चुनाव के चलते यूपी में सियासी माहौल गर्म है. सियासी गहमागहमी के बीच बीते दिनों गोरखपुर से लोकसभा सांसद रवि किशन ने एक दलित परिवार के घर खाना खाने की
तस्वीर शेयर की थी. इसके बाद सोशल मीडिया पर रवि किशन का कार में कुछ लोगों के साथ बातचीत का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में रवि किशन पसीने के बारे में कुछ बात करते नज़र आ रहे हैं.
सोशल मीडिया पर ये वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि दलित के घर खाना खाने वाले रवि किशन दलितों के पसीने की बदबू के बारे में कैसी बातें कर रहे हैं. वायरल
दावे का कैप्शन अंग्रेजी में है, जिसका हिंदी अनुवाद हैं - (
आर्काइव)
रवि किशन ने दलितों का मज़ाक उड़ाया. MP रवि किशन ने मजबूरी में दलित के घर खाना खाया ? दलितों के पसीने से बदबू आती है. दोस्तों यही है बीजेपी के नेताओं का असली चेहरा #NoVoteToBJP
कई और सोशल मीडिया यूज़र्स ने भी सांसद रवि किशन को लेकर ऐसे ही
दावे शेयर किए हैं. (
आर्काइव)
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आर्काइव)
पड़ताल
'दी लल्लनटॉप' की पड़ताल में वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक निकला. शेयर किए जा रहे वीडियो में रवि किशन दलितों के पसीने के बारे में नहीं बल्कि गाड़ी में बैठे अपने स्टाफ के लोगों के बारे में बात कर रहे हैं. दावे की पड़ताल के लिए हमने वीडियो में सुनाई दे रही बातचीत को गौर से सुना. सुनने पर पता चला कि रवि किशन ने कहीं पर भी दलितों का ज़िक्र नहीं किया है. वे कार में बैठे अपने स्टाफ के लोगों से आ रही पसीने की महक के बारे में बात कर रहे हैं. वीडियो में हो रही बातचीत भोजपुरी में है. जिसका हिंदी अनुवाद कुछ इस तरह हैं,
पहले रवि किशन कहते हैं : तुम लोगों का पसीना ऐसा महक रहा है न, क्या बताऊँ. इसके बाद एक कर्मचारी कहता है : क्या कहें रवि भैया, हम दिन-रात कन्हैया भैया की खातिर भागते हैं. जवाब में रवि किशन कहते हैं : तो सारे पसीने की महक मुझे ही सुंघाओगे क्या? वीडियो बंद करो.
ट्विटर पर जब की-वर्ड्स की मदद से हमने वायरल वीडियो को खोजा तो हमें पत्रकार पुनीत कुमार सिंह का 16 मई 2020 का एक ट्वीट मिला. इस ट्वीट में वायरल वीडियो को देखा जा सकता है. पत्रकार पुनीत कुमार सिंह के ट्वीट से एक बात स्पष्ट है कि वायरल वीडियो का संबंध हाल-फिलहाल में रवि किशन द्वारा दलित के घर खाना खाने की घटना से नहीं है.
वीडियो से जुड़े कीवर्ड्स को सर्च करने पर हमे
यूट्यूब चैनल पर 17 मई, 2020, को पोस्ट किया गया एक वीडियो मिला. (
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इस वीडियो में रवि किशन अपने कार वाले वायरल वीडियो के बारे में स्पष्टीकरण देते हुए कहते हैं कि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, योगी आदित्यनाथ और भारतीय जनता पार्टी का काम ऐसा है कि इससे विरोधी दल को बहुत पीड़ा हो रही है, कि कैसे भारतीय जनता पार्टी और पार्टी के कार्यकर्ता को नीचा दिखाया जाए.
रवि किशन के मुताबिक वीडियो 3 साल पुराना है जब वो 2017 में चुनाव प्रचार कर रहे थे और उन्होंने पसीने की बदबू नहीं बल्कि महक की बात की है. रवि किशन का कार वाला वीडियो पहले भी वायरल हुआ था, जिसके बाद उन्होंने ये स्पष्टीकरण वाला वीडियो शेयर किया था. इससे जुड़ी स्टोरी
Hindustan Times ने अपनी वेबसाइट पर 19 मई 2020 को पब्लिश की थी. (
आर्काइव)
नतीजा
'दी लल्लनटॉप' की पड़ताल में वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक निकला. वीडियो में रवि किशन दलितों के पसीने से आने वाली महक नहीं बल्कि अपने स्टाफ के लोगों से आ रही पसीने की महक के बारे में बात कर रहे हैं. रवि किशन के मुताबिक ये वीडियो साल 2017 के चुनाव प्रचार के दौरान रिकॉर्ड किया गया था.
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