नवजोत सिंह सिद्धू, क्रिकेटर, एक्टर, जज, शायर, मोटिवेशनल स्पीकर एवं नेता हैं. नया रोल ये है कि फर्ज़ी पोस्ट्स के शिकार हैं. सोशल मीडिया पर उनके बारे में कई-कई बातें चल रही हैं. कहा जा रहा है, पिट गए हैं.
क्या है दावा?
अनेक तस्वीरें वायरल हैं. गुलाबी पगड़ी में एक आदमी मोटरसाइकल से भाग रहा है. एक आदमी उसकी गाड़ी के सामने गिरा है. गाड़ी पर कांग्रेस पार्टी का झंडा लगा है. दूसरा आदमी डंडा घुमा रहा है. गाड़ी वाले या गिरे वाले को मारने जैसा सीन दिख रहा है. दूसरी तस्वीर में पीछे कई पंजे वाले झंडे हैं. लोग पिट रहे हैं. धूल उड़ रही है. पिटाई मची है. स्थिति तनावपूर्ण नज़र आ रही है.

अब फोटो के साथ कैप्शन लिखा मिलता है. जिसमें दावे हैं. फेसबुक पर ये लिखा मिलता है ,कि
"अब ठोको ताली !
सिद्धू की कांग्रेस रैली में जमके की गई धुलाई देशद्रोह की हुई जमकर पिटाई" 
ट्विटर पर कोई चौकीदार हैं. गर्विता वो कहती हैं. "हार्पिक पटेल की पिटाई के बाद इमरान खान के सगे भाई नवज्योत सिंह सिद्धू को देशभक्त पंजाबी भाईयों दौड़ा दौड़ा कर पिटा....
दो डंडे मेरी तरफ से भी .."
Note- ट्वीट-पोस्ट जैसे थे. उसी भाषा में लिख-दिखा दिए गए हैं. बदलाव नहीं किए हैं. अब यहां जो गुलाबी पगड़ी वाला आदमी है. सरसरी नज़र से देखो तो सिद्धू जैसा दिखता है. और यही भ्रम फैलाने की कोशिश भी है. साथ ही देशभक्त वगैरह लिखकर ऐसा माहौल बनाया जा रहा है. मानो इमरान खान के कारण सिद्धू की पिटाई हो गई है.
अब हमने शुरू की इस दावे की पड़ताल.
1. एक तो ये सिद्धू नहीं लग रहे हैं. मतलब कॉमन सेन्स वाली बात है. आदमी बड़ा नेता है, बाइक से क्यों चलेगा, दूसरा चेहरा-मोहरा भी इतना नहीं मिलता. 2. हमने ख़बरों में खोजा. सिद्धू के पिटने की कोई ख़बर नहीं थी. 3. हमने उनका सोशल मीडिया अकाउंट देखा. वहां वो पीएम के खिलाफ ट्वीट कर रहे थे. किसी लड़ाई-झगड़े का ज़िक्र नहीं था. 4. तस्वीर के साथ कोई डीटेल्स नहीं थी. सिर्फ ये लिखा था कि पंजाब की रैली में पिटाई. कहीं ये नहीं लिखा था कि कब की ख़बर है. किस जगह की ख़बर है. यहां से हिसाब लग गया कि ऐसी हवाई बातें अक्सर फर्ज़ी निकलती हैं. 5. अब हमने तस्वीर को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च किया. मिलती-जुलती खूब तस्वीरें दिखीं. 2016 के सितंबर का एक वीडियो भी मिला. अजनाला का. लिखा था. "कांग्रेस अकाली फाइट इन अजनाला" बातें तो समझ न पाया लेकिन वीडियो देखकर समझ आ गया तस्वीरें यहीं से आई हैं.
6. अब हमने अजनाला, अकाली और कांग्रेस के झगड़े वाले कीवर्ड से ख़बरें खोजीं. पंजाब केसरी का लिंक मिला. ख़बर ये थी कि कांग्रेस वाले नशे के खिलाफ कोई मोटर साइकल रैली निकाल रहे थे. शिरोमणि अकाली दल वाले आए और उन्हें पीट दिया. अजनाला पुलिस थाने में इसकी शिकायत भी लिखाई गई थी. 7. अब हमने तस्वीर को दूसरी जगहों पर भी तलाशना शुरू किया. पता लगा कि इस तस्वीर को ये कहकर भी फैलाया गया था कि विधानसभा चुनाव में वादा कर सत्ता में आने के बाद लोकसभा चुनाव में जब कांग्रेस कार्यकर्ता वोट मांगने वोटर्स के पास गए तो लोगों ने उन्हें दौड़ा लिया. ये वाला झूठ सिद्धू की पिटाई वाले झूठ को वैसे भी काट देता है.
नतीज़ा क्या निकला?
नतीज़ा ये निकला कि फोटो सिद्धू की पिटाई की नहीं है. अभी की नहीं है. तीन साल पुरानी है. अकाली दल और कांग्रेस के बीच झगड़े की तस्वीर को अभी का बताकर प्रचारित किया जा रहा है. इमरान खान और पाकिस्तान की कई-कई बातों के लिए लोग सिद्धू से नाराज़ हैं. इसी को केंद्र में रख सिद्धू की पिटाई की बातें फैलाई जा रही हैं. जो सच नहीं है. आपको भी कोई ऐसी बात पता चले, जिस पर आपको संदेह हो. तो हमें बताएं. मेल करें padtaalmail@gmail.com पर. हम उसका सच आपको बताएंगे. अभी जाएंगे. Tata.