मुरली मनोहर जोशी के नाम पर वायरल हो रही चिट्ठी में बीजेपी को 120 सीटें मिलने की बात की जा रही है.
सोशल मीडिया पर एक चिट्ठी भयानक वायरल हो रही है, जहां-तहां लोगों के पास फेसबुक, व्हाट्सअप, ट्विटर जितने भी सोशल मीडिया माध्यम हैं उसके ज़रिए पहुंच रही है. ये चिट्ठी कानपुर से सांसद और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी की तरफ से लालकृष्ण आडवाणी को लिखी गई है.
क्या है दावा?
लालकृष्ण आडवाणी के नाम लिखी गई इस चिट्ठी में दावा किया गया कि आडवाणी और जोशी को घर के लोगों ने अपमानित करके बाहर निकाला. चिट्ठी में घर का आशय पार्टी था. चिट्ठी में इस लोकसभा चुनाव में बीजेपी की कैसी स्थिति रहेगी इस बात का भी ज़िक्र है. गौरतलब है कि इससे पहले भी जोशी कानपुर के वोटरों के नाम चिट्ठी लिख चुके हैं. जिसमें उन्होंने चुनाव न लड़ने की जानकारी दी थी. साथ ही ये भी कहा था कि बीजपी के महासचिव ने उनसे कानपुर या फिर किसी भी दूसरी सीट से चुनाव लड़ने के लिए मना किया है. अब जोशी की नई चिट्ठी में क्या लिखा है आप नीचे पूरे विस्तार से पढ़ सकते हैं, लेकिन चिट्ठी की मोटी बात जान लीजिए जिसे लेकर सोशल मीडिया पर बवाल मच गया.
पहले चरण की 91 सीटों पर मतदान के गिरते प्रतिशत से स्पष्ट है कि बीजेपी को बमुश्किल 8-10 सीटें ही मिल पाएंगी, दूसरे और तीसरे चरण में बेहर प्रदर्शन होने का भी कोई कारण नज़र नहीं आ रहा है. पिछली चर्चा में आप (आडवाणी) बीजेपी को 120 और मैं बीजेपी को 150 सीटें दे रहा था परन्तु पहले चरण के मतदान के बाद आप सही साबित होते नज़र आ रहे हैं.
चिट्ठी की बातें पढ़ने के बाद ये सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई. लोग एक दूसरे को शेयर करके पूछने लग गए कि
चिट्ठी सही है क्या? चिट्ठी पहली नज़र में लोगों को सही भी लग रही थी क्योंकि इस पर न्यूज़ एजेंसी ANI का Logo लगा था. हालांकि चिट्ठी की भाषाई गलतियां लोगों के मन में शक भी पैदा कर रही थी.
सोशल मीडिया पर यही चिट्ठी वायरल हो रही है.
फेसबुक, व्हाट्सअप, ट्विटर हर जगह लोग अलग-अलग कैप्शन के साथ इस चिट्ठी को पोस्ट करने लगे.
सोशल मीडिया पर लोग कुछ इस तरह से पोस्ट करने लगे.
हमने शुरू की चिट्ठी की पड़ताल
#1- मुरली मनोहर जोशी की चिट्ठी के बारे में ऑफिशियल कोई जानकारी नहीं मिली.
#2- हमने आज तक की संवाददाता पॉलमी साहा से इस सिलसिले में बात की. उन्होंने बताया कि मुरली मनोहर जोशी के ऑफिस की तरफ से ये जानकारी दे दी गई है कि उन्होंने इस तरह की कोई चिट्ठी नहीं लिखी है.
#3- अब इस चिट्ठी में ANI का Logo लगा था, इसीलिए हमने न्यूज़ एजेंसी ANI से भी बात की. उन्होंने भी इस तरह की चिट्ठी की ब्रॉडकास्टिंग से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा:
'हमारी तरफ से इस तरह की कोई खबर प्रसारित नहीं की गई. साथ ही हमारा Logo भी गलत इस्तेमाल किया गया है, किसी ने हमारे नाम का गलत इस्तेमाल किया है. इस चिट्ठी से हमारा कोई लेना-देना नहीं है'
क्या निकला नतीजा?
हमारी पड़ताल में सोशल मीडिया के दावे फर्ज़ी निकले. ये चिट्ठी फर्ज़ी निकली. न्यूज़ एजेंसी ANI ने भी इस खबर इनकार कर दिया. ये चिट्ठी किसने लिखी कहां से वायरल हुई इसकी जानकारी नहीं पता चल पाई. लेकिन कुल मिलाकर चिट्ठी फर्ज़ी है, इसीलिए इस पर विश्वास ना किया जाए.
तो चुनावी मौसम चल रहा है, ऐसे में आपके पास भी ऐसी कोई चिट्ठी पहुंच जाए, या फिर तस्वीर पहुंच जाए, या फिर वीडियो ही क्यों न पहुंच जाए, जिसपर आपको शक हो. तो उसकी पड़ताल के लिए भेजिए Padtaalmail@gmail.com पर. हम उसकी पड़ताल करके आपको सच बताएंगे.