दावा
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने रमज़ान के महीने के लिए चिकन, अंडे वगैरह की दुकानें खोल दी हैं. लेकिन वो मिठाई की दुकानें नहीं खोल रहे. असल दावेको ज्यों का त्यों लिख रहे हैं(आर्काइव लिंक
)-
राजस्थान कांग्रेस गहलोत सरकार का 20 अप्रैल से मीट, अंडा, चिकन, फिश की दुकानें खोलने की घोषणा । 24 अप्रैल से रमजान की दावत की तैयारी। सरकारी सर्कुलर में जमातियों में राशन बॉटने का विशेष जिक्र है। मिठाई की दुकानों से खतरा पाया गया है, पर वो खतरा मीट की दुकानों से नहीं है।
#असलीगॉधीआदर्श! 🙈🙊🙉
ट्विटर पर भी कुछ ऐसे ही दावे किए जा रहे हैं.
ऐसे दावों के ज़रिए लॉकडाउन को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश हो रही है.
पड़ताल
हमने दावे की पड़ताल की. हमारी पड़ताल में ये दावा झूठ निकला. राजस्थान में अलग से कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं. राजस्थान सरकार केंद्र सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन कर रही है.पड़ताल के लिए हमने राजस्थान के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग(DIPR) से संपर्क किया. DIPR के कमिश्नर महेंद्र सोनी ने हमें बताया-
राजस्थान सरकार लॉकडाउन के नियमों का पालन उसी तरीके से करा रही है, जैसे केंद्र सरकार ने निर्देश दिए है. इसमें किसी को खास छूट नहीं दी गई है.उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से 15 अप्रैल, 2020 को जारी आदेश की कॉपी हमसे शेयर की. इस आदेश के पॉइंट 13(ii) में लिखा गया है-
पोल्ट्री, मीट- फिश की दुकानें खुल सकती हैं. हालांकि इन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना होगा. इन दुकानों पर समय की पाबंदियां नहीं होंगी.हमें DIPR राजस्थान के ट्विटर हैंडल 22 अप्रैल का एक ट्विट भी मिला. इसमें लिखा हुआ है कि किराना और प्रोविज़न स्टोर, फल-सब्जियां, दूध, डेयरी उत्पाद, अंडे, मीट, चिकन, फिश और पशु आहार की दुकानों खुल सकती हैं.
केंद्रीय गृह मंत्रायल की ओर से जारी निर्देशों का 13वां पॉइंट देखिए.
नीचे अटैच पूरा ऑर्डर आप देख सकते हैं.
नतीजा
हमारी पड़ताल में वायरल दावा झूठ निकला कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने रमजान की वजह से चिकन, मीट, अंडे की दुकानें खुलवाई हैं. ये केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर हुआ है. लॉकडाउन 2.0 में कुछ उद्योगों व सेवाओं को 20 अप्रैल के बाद से खोलने का आदेश किया गया था, पोल्ट्री, मीट, फिश की दुकानें इसी के तहत खुली हैं. डेयरी उत्पाद की दुकानें भी अनुमति मुताबिक खुल सकती हैं.













