उत्तर प्रदेश के बागपत ज़िले में छात्रों के दो गुट आमने-सामने आ गए. हाथों में लाठी-डंडे ही नहीं, फावड़े और कुदाल तक दिखाई दिए. मारपीट में कई छात्र घायल हुए, पुलिस पर भी पथराव हुआ. हालात ऐसे बने कि पुलिसकर्मियों को दीवार की आड़ लेकर अपनी जान बचानी पड़ी. अब इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई भी सवालों के घेरे में है. 71 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जबकि पुलिस की कथित लापरवाही पर एक ही चौकी के 14 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, अब तक 10 आरोपियों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है.
रामलीला में हुआ झगड़ा कॉलेज तक पहुंचा, चले लाठी-फावड़े, 14 पुलिसवालों पर एक्शन
उत्तर प्रदेश के बागपत में रामलीला के दौरान शुरू हुआ विवाद कॉलेज में छात्रों के दो गुटों के बीच हिंसक झड़प में बदल गया. मारपीट और पथराव में कई लोग घायल हुए. पुलिस ने 71 लोगों पर FIR दर्ज की, 10 गिरफ्तार किए और लापरवाही के आरोप में 14 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया.

तो हुआ ये कि अहमदशाहपुर पदड़ा गांव के शास्त्री स्मारक इंटर कॉलेज में छात्रों के दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई. कोई लाठी लेकर दौड़ता दिखा तो किसी के हाथ में फावड़ा और कुदाल नजर आए. घटना के दौरान कॉलेज में एग्जाम भी चल रहे थे. ऐसे में अचानक हुई हिंसा से छात्र-छात्राओं में दहशत फैल गई. हालात बिगड़ते देख शिक्षकों ने छात्रों को कमरों के अंदर किया और कई जगह दरवाजे बंद कर दिए. शिक्षकों ने बीच-बचाव की कोशिश भी की.
बताया जा रहा है कि इस पूरे विवाद की शुरुआत कॉलेज से नहीं, बल्कि कुछ दिन पहले हुई रामलीला के दौरान हुई एक कहासुनी से हुई थी.
अहमदशाहपुर पदड़ा गांव में रामलीला के दौरान निबाली गांव के छात्र विकुल का गय्यूर पक्ष के युवकों से विवाद हुआ था. आरोप है कि इस दौरान दोनों पक्षों में मारपीट और गाली-गलौज हुई. गांव के लोगों ने मामला उस वक्त शांत करा दिया, लेकिन विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ. इसके बाद बुधवार को विकुल एग्जाम देने शास्त्री स्मारक इंटर कॉलेज पहुंचा. आरोप है कि इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोग कॉलेज परिसर में पहुंचे और उस पर हमला कर दिया. उसे बचाने आए छात्र मोहित के साथ भी मारपीट की गई. इसके बाद मामला तेजी से बढ़ा और दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए.
मारपीट इतनी बढ़ी कि पुलिस को भी मौके पर पहुंचना पड़ा. लेकिन आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने जब दोनों पक्षों को रोकने की कोशिश की, तो उन पर भी पथराव कर दिया गया. जिससे पुलिसकर्मियों को दीवार की आड़ लेकर अपनी जान बचानी पड़ी. कॉलेज में मौजूद छात्र-छात्राएं और शिक्षक भी इस हिंसा से सहम गए.
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घटना में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए. विकुल और मोहित की हालत गंभीर बताई गई, जिसके बाद उन्हें मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया. दूसरी तरफ दूसरे पक्ष के गय्यूर, वसीम, अलीशान और मिसबाह समेत कुछ लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई.
अब इस पूरे मामले में पुलिस ने भी बड़ी कार्रवाई की है. शुरुआत में दोनों पक्षों के 21 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. यानी कुल 71 लोगों को मुकदमे में शामिल किया गया है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पहले सात आरोपियों को गिरफ्तार किया. ताजा जानकारी के मुताबिक गिरफ्तारी का आंकड़ा 10 तक पहुंच गया है. गिरफ्तार आरोपियों में दोनों पक्षों के लोग शामिल बताए जा रहे हैं. पुलिस ने घटना में इस्तेमाल लाठी-डंडों समेत दूसरे हथियार भी बरामद किए हैं. कुछ आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं और उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है.
पुलिस की लापरवाहीकहानी सिर्फ छात्रों के बीच हुए बवाल तक सीमित नहीं है. घटना के बाद पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे. मामले की जांच सीओ को सौंपी गई. जांच रिपोर्ट में अग्रवाल मंडी टटीरी पुलिस चौकी के पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आने की बात कही गई. इसके बाद बागपत के एसपी पूर्णेंदु सिंह ने चौकी प्रभारी सीमा सिंह, दरोगा आलोक कुमार समेत कुल 14 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया. यानी एक कॉलेज में छात्रों के बीच हुआ विवाद अब पुलिस विभाग के लिए भी बड़ी कार्रवाई की वजह बन गया है.
इस घटना के बाद दोनों गांवों के बीच भी तनाव का माहौल है. किसी और टकराव की आशंका को देखते हुए इलाके में पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई है. पुलिस की कोशिश है कि विवाद को लेकर दोनों पक्षों में दोबारा टकराव न हो. लोगों को शांत रहने की चेतावनी दी गई है और साफ कहा गया है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
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