सोशल मीडिया पर अस्पताल के बेड पर पड़ीं एक महिला की तस्वीर दिखाकर दावा
किया जा रहा है कि इन महिला का नाम डॉ. बंदना तिवारी है. वो पिछले हफ्ते उत्तर प्रदेश के एक गांव में कोरोना टेस्ट के लिए गई थीं. दावे के मुताबिक, वहां उनपर 'इस्लामिक जिहादीयों' ने हमला कर दिया. जिससे उनकी आज (9 अप्रैल) को मृत्यु हो गई(आर्काइव लिंक
).
हम दावे में बिना भाषाई सुधार किए आपको हू-ब-हू पढ़ा रहे हैं.
आज डां वंदना तिवारी कि मृत्यु हो गई वह पिछले हफ्ते ही UP में कोरोना टेस्ट के लिए गई थी पर इस्लामिक जिहादीयों ने उन पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था आज उनकी मौत हो गई।
वायरल हो रहा है(आर्काइव लिंक
).
पड़ताल
हमने दावे की पड़ताल की. हमारी पड़ताल में दावे में कही जा रही बातें ज़्यादातर ग़लत निकलीं. ये सही जानकारी है कि बंदना तिवारी नाम की एक स्वास्थ्य कर्मी की मौत हुई है. लेकिन उनकी मौत का कारण कोरोना से जुड़ा नहीं था. किसी भी धार्मिक संप्रदाय का इससे कोई लेना-देना नहीं है.
कीवर्ड सर्च करने पर हमें बंदना तिवारी से जुड़ी कई मीडिया रिपोर्ट्स
मिलीं.
इनके मुताबिक, बंदना तिवारी शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में बतौर फार्मासिस्ट अपनी सेवाएं दे रही थीं. उन्हें 31 मार्च को ब्रेन हैमरेज हुआ था. उसके बाद से ही वो अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती थीं. 8 अप्रैल को कोमा की अवस्था में उनका निधन हो गया.
वायरल हो रही तस्वीर भोपाल समाचार
नाम की वेबसाइट ने 6 अप्रैल को पब्लिश की थी. उस वक्त ग्वालियर के बिड़ला अस्पताल में भर्ती थीं. इस रिपोर्ट में लिखा हुआ था कि वो कोरोना वायरस टीम की सदस्य थीं.
आजतक से बातचीत में बंदना तिवारी के पति लोकेंद्र तिवारी ने बताया कि
बंदना की मौत कोरोना वायरस से नहीं बल्कि ब्रेन हैमरेज से हुई है. वह मध्य प्रदेश के शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में कोरोना मरीजों के इलाज में दिन-रात जुटी हुई थीं. वो तीन साल के अपने बच्चे को घर छोड़ कर खुद मेडिकल कॉलेज में ही रह रही थीं.बंदना तिवारी का कोरोना वायरस की ड्यूटी के लिए बने पास की तस्वीर आप नीचे देख सकते हैं.

फार्मासिस्ट बंदना तिवारी को जारी किया गया पास जिसमें कोरोना वायरस रोकथाम में उनकी ड्यूटी का ज़िक्र है.
लोकेंद्र ने बंदना के यूपी जाकर कोरोना वायरस का टेस्ट करवाने और उन पर जिहादियों के हमले जैसे दावे से भी साफ इनकार किया है. बंदना तिवारी का डेथ सर्टिफेट आप यहां क्लिक
करके देख सकते हैं.
उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी वायरल दावे को ग़लत करार दिया है. यूपी पुलिस ने ट्वीट किया कि बंदना तिवारी की घटना का सम्बन्ध मध्य प्रदेश से है, उत्तर प्रदेश में इनसे जुड़ी ऐसी कोई घटना नहीं हुई है.
नतीजा
हमारी पड़ताल में नतीजा निकला कि मध्य प्रदेश के शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में बतौर फार्मासिस्ट सेवाएं देने वालीं बंदना तिवारी की मृत्यु ब्रेन हैमरेज से हुई है. उनकी मौत का कोरोना वायरस या इससे जुड़ी किसी भी गतिविधि से कोई नाता नहीं है. उनपर किसी ने हमला नहीं किया था.
अगर आपको भी किसी ख़बर पर शक है
तो हमें मेल करें- padtaalmail@gmail.com
पर.
हम दावे की पड़ताल करेंगे और आप तक सच पहुंचाएंगे.












