कुछ अरसा पहले एक फिल्म रिलीज़ हुई थी. परिणीती चोपड़ा की ‘दी गर्ल ऑन दी ट्रेन’. वो एक इंग्लिश नॉवेल पर बेस्ड थी. उसी नॉवेल पर बेस्ड एक सेम नाम की फिल्म 2016 में इंग्लिश में भी आई थी. परिणीती की फिल्म देखने से पहले मैंने वो फिल्म देख ली. नतीजा ये हुआ कि मुझे परिणीती वाली फिल्म में नुक्स ही नुक्स नज़र आए. हालांकि बाकी जनता को भी आए लेकिन मुझे लगा कि हो सकता है मैंने परिणिती वाली फिल्म थोड़े पूर्वाग्रह के साथ देखी हो. इस बार मैंने ये ग़लती नहीं दोहराई. मैंने कार्तिक आर्यन की ‘धमाका’ देखने से पहले, वो जिस पर बेस्ड है, वो कोरियन फिल्म ‘दी टेरर लाइव’ नहीं देखी. ताकि ‘धमाका’ को बिना किसी पूर्वाग्रह के साथ देख सकूं और देखने के बाद क्या पाया? आइए बात करते हैं. देखिए वीडियो.
कार्तिक आर्यन की ‘धमाका’ में बाकी मीडिया वर्ल्ड पर बनी फिल्मों से क्या अलग और खास है?
डायरेक्टर राम माधवानी हैं.
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