Ranbir Kapoor की Ramayana को 4000 करोड़ में बनाया जा रहा है. मगर लोगों के बीच इस बजट और इसके बंटवारे को लेकर काफी कन्फ्यूजन है. उन्हें लग रहा है कि मेकर्स इतना पैसा एक फिल्म बनाने में खर्च कर रहे हैं. साथ ही ये भ्रम भी फैल रहा कि पूरे पैसे फिल्म के प्रोडक्शन में ही लग रहे. मगर 'रामायण' के को-प्रोड्यूसर और रावण का किरदार निभा रहे Yash ने खुद 4000 करोड़ का पूरा गणित समझा दिया है.
'रामायण' का 4000 करोड़ कहां और कैसे खर्च होगा, यश ने पूरा मैथ्स समझा दिया!
'रामायण' के ट्रेलर के बाद मेकर्स को ट्रोल किया गया था कि इतना पैसा लगाकर ये फिल्म बनाई! अब यश ने पूरा खेल बताया है.

'रामायण' के अब तक जितने भी एसेट्स आए हैं, उन्हें एक तबका फिल्म के बजट से जोड़कर खूब ट्रोल कर रहा है. लोग दुनियाभर की महंगी फिल्मों से उसकी तुलना करके ये तर्क दे रहे कि मेकर्स ने 4000 करोड़ के हिसाब से कमज़ोर कॉन्टेन्ट डिलीवर किया है. ऐसे में यश ने खुद ही पूरे मामले पर बात की है. इंडिया टीवी के प्रोग्राम आप की अदालत में वो इस 4000 करोड़ के बजट पर बात करते हुए कहते हैं,
"वो एक गलतफ़हमी है. इसलिए मैं क्लियर कर देता हूं सबको. 4000 करोड़, फिल्म के दो पार्ट को हॉलीवुड में भी रिलीज़ करने और उसके प्रमोशनल बजट को मिलाकर बोला गया है. हॉलीवुड का मैथ्स ऐसा ही होता है. फिल्म का जो बजट होता है, उतना ही बजट और कई बार ज़्यादा भी, फिल्म के प्रमोशन पर खर्च होता है. वो इसलिए क्योंकि फिल्म ग्लोबल लेवल पर बनती है. इसलिए वहां उस तरह का रेवेन्यू भी जनरेट होता है."
रिपोर्ट्स हैं कि मेकर्स दोनों पार्ट्स के प्रमोशन पर 1200 करोड़ रुपए खर्च कर रहे हैं. नमित मल्होत्रा और यश साथ मिलकर इस मूवी को प्रोड्यूस कर रहे. जब यश से पूछा गया कि उन्होंने को-प्रोड्यूसर होने के बावजूद भगवान राम की जगह रावण का रोल क्यों चुना, तो वो कहते हैं,
"भगवान राम की भलाई दिखाने के लिए रावण की बुराई दिखाना जरूरी है. और मुझसे अच्छी बुराई कोई नहीं दिखा सकता."
यश को KGF की वजह से पैन-इंडिया स्टारडम मिला था. इससे पहले वो केवल कन्नड़ा इंडस्ट्री तक ही सीमित थे. हिंदी पट्टी के अधिकतर लोगों ने उन्हें KGF फ्रैंचाइज़ से ही डिस्कवर किया. इसलिए कुछ मौकों पर उन्हें ओवरनाइट स्टार कहना शुरू कर दिया. हालांकि यश खुद के लिए इस्तेमाल होने वाले इस 'ओवरनाइट' शब्द से खास सहमत नहीं. वो कहते हैं,
"एक एक्टर को रातों-रात सफ़लता मिलती है. नहीं तो बहुत मेहनत करने के बाद मिलती है. मेरी ज़िंदगी में थोड़ा स्ट्रेंज है. कर्नाटक में मुझे जो मिला, वो रातों-रात नहीं मिला. बहुत मेहनत के बाद, एक-एक स्टेप लेकर, हर एक पिक्चर करके मिला. लोग मुझे सिर्फ KGF से जानते हैं. लेकिन KGF बनने से पहले बहुत सारी फिल्मों को सक्सेसफुल होना पड़ा. वो फिल्में सक्सेसफुल हुईं, तो मेरा बजट बढ़ने लगा. इस कारण मैं नए टैलेंट्स के साथ काम कर सका. ये कोई ओवरनाइट सक्सेस नहीं है. एक-एक कदम लिए और तब जाकर मैं नेक्स्ट लेवल पर जाने को तैयार हो पाया."
यश कहते हैं कि उनकी लाइफ का बस एक फंडा है. वो ये कि अगर किसी काम को किया जा सकता है, तो उस पर लिमिट नहीं लगाना. वो बताते हैं कि कर्नाटक फिल्म इंडस्ट्री में हमेशा से बहुत पोटेंशियल था. लेकिन जब कोई उसे छोटी इंडस्ट्री कहता, तो यश को बुरा लगता था. वो चाहते थे कि लोग उनकी इंडस्ट्री को उसके काम की वजह से सम्मान दें. इसलिए यश ने अपनी टीम से कहा कि उन्हें पैन इंडिया जाना चाहिए. शुरू में किसी को भी उनके विजन पर भरोसा नहीं हुआ. लेकिन जब KGF रिलीज़ हुई तो पूरे भारत ने यश को एक्सेप्ट कर लिया.
यश जल्द ही ‘टॉक्सिक’ में नज़र आने वाले हैं, जिसे गीतू मोहनदास ने डायरेक्ट किया है. ये फिल्म 26 अगस्त को थिएटर्स में रिलीज़ हो रही है,
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