The Lallantop

राहुल गांधी के हिसाब से तो मर्डर 3 में भी कांग्रेस का हाथ था

राहुल ने कांग्रेस के चिह्न से सारे धर्म जोड़ डाले, कुछ जो रह गया था, हमने जोड़ दिए.

Advertisement
post-main-image
फोटो - thelallantop
सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में कहा कि वोट पाने के लिए धर्म का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. चुनाव प्रचार के दौरान इस तरह से धर्म का इस्तेमाल करना गैरकानूनी है. ये लाइन बस लिखने के लिए हमने लिख दी है. आगे बढ़ें. राहुल गांधी ने कहा है, शिव हों या अली हों, नानक हों या बुद्ध हों, सभी में कांग्रेस का चिह्न दिखता है. ये सुनने के बाद शिव जी ने अपनी तीसरी आंख खोल दी है, अली अपनी तलवार और तेज करने लगे, गुरु नानक ने मान लिया कि कुछ लोग उनकी सीखों से भी नहीं सुधरेंगे और बुद्ध ने युद्ध अपनाने की बात कह दी. अगर आपको पिछली दो लाइनों से ऑफेंड हो जाने का मन कर रहा है, तो मत होइए, राहुल पर होइए. धर्म को बीच में उनने घुसाया है. राहुल गांधी को हर धर्म में, हर भगवान में कांग्रेस का निशान दिखता है. कांग्रेस का निशान क्या? पंजा. हाथ का पंजा. वही दिखता होगा. सबका मालिक एक सुनते होंगे, तो इनका जी करता होगा, आगे लिख दें कांग्रेस को वोट फेंक. गलती उनकी भी नहीं इतना कॉमन चुनाव चिह्न है, हर कहीं नज़र आ जाता है. और कहां-कहां कांग्रेस का पंजा देख राहुल खुश हो सकते हैं.

फेसबुक के लाइक में भी कांग्रेस का निशान दिखता है

like फेसबुक लाइक में जो ठेंगा दिखता है न वो भी कांग्रेस के पंजे का ही है, पर पूछो ठेंगा काहे दिखता है, पूरा हाथ क्यों नहीं, तो इसका जवाब ये है कि कांग्रेस की तरफ से तुमको ठेंगे के अलावा कभी कुछ मिला. जकरबर्गवा भी पहिले मनगवां कांग्रेस में युवा कार्यकर्ता था, गंगेव से मोटरसइकल पे चुनाव पर्ची ढोता था, बड़ा आदमी हो गया तो भी कांग्रेस प्रेम नहीं गया, तभी तो पसंद आने पर पंजे का ठेंगा वाला ऑप्शन दिया है, नहीं तो बीजेपी के कमल का फूल भी तो दे सकता था.

कुंग फु हसल के कांक्रीट पाम सीन में भी कांग्रेस का निशान दिखता है

kung-fu-hustle-paume_1dcb3b65f9add3d0ed6264764cc6daa5

कुंग फु हसल आई थी न 2004 में, उसमें एक सीन है, बुद्ध की हथेली वाला, जिससे कांक्रीट में पंजा बन जाता है. किसी को पता नहीं था लेकिन राहुल गांधी को उसमें भी कांग्रेस का चिह्न दिखता है. 2004 में तो वैसे भी बहुत कुछ हुआ था, जहां कांग्रेस का निशान ही निशान था.

आरएसएस का हाथ भी कांग्रेस का निशान है

Digvijay दिग्विजय सिंह अक्सर कहते हैं, इसके पीछे आरएसएस का हाथ है, वो हाथ दरअसल कांग्रेस का ही है. दिग्विजय बार-बार ये बात इसलिए कहते हैं ताकि राहुल को अच्छा लगे, वहां भी कांग्रेस के चिह्न दिखे. वैसे भी आरएसएस राम भरोसे है, और जब शिव में कांग्रेस का चिह्न दिखता है तो राम में क्यों न दिखेगा.

ट्रैफिक पुलिस वाले का हाथ भी कांग्रेस का चिह्न है

hand जब भी आप रास्ते में कहीं जा रहे हों और ट्रैफिक का हवलदार दिखे, तो उसे गौर से घूरिए. वो हाथ दिखाएगा, इशारे करेगा. सच में वो उस वक़्त कांग्रेस का प्रचार कर रहा होता है. कम लोग जानते हैं सारे ट्रैफिक हवलदारों की ड्यूटी ही राजीव गांधी रास्ता दिखाओ योजना के तहत लगाई गई है.

मर्डर-3 में भी था कांग्रेस का निशान

murder 3 मर्डर 3 आई थी जब, उसका ट्रेलर आता था, गाने आते थे, अंत में रणदीप हुड्डा का देहाटन होता. चुम्मालीन रणदीप पर जब तक नज़र टिकती जाने कहां से एक हाथ आ जाता. हम सोचते ये हाथ भूत का होगा, पर उस पूरी फिल्म में भूत तो था नहीं, तो हाथ किसका था, सही समझे कांग्रेस का चिह्न था. चिह्न इशारे करते हैं, इशारा ये था कि जहां भी कोई कांड कर रहा होगा कांग्रेस का हाथ होगा. तो बात ये कि कांग्रेस के चिह्न हर जगह हैं, पृथ्वी, जल, आकाश, आदर्श, अगस्टा, टू जी हर जगह. और सबसे बड़ी बात, कहते हैं अपना हाथ जगन्नाथ. तो जगन्नाथ के हाथ में भी राहुल को कांग्रेस का चिह्न दिखता होगा. तमाम श्लील-अश्लील अर्थों समेत जब राहुल गांधी ऐसा कुछ कहें तो हामी भर देनी चाहिए बात मान लेनी चाहिए.

राहुल गांधी ने मोदी पर उठाए सवाल, लल्लन ने दिए जवाब

Advertisement
 

Advertisement
Advertisement