भारतीय फिल्मों में Numerology का चलन सालों से है. यही कारण है कि कई एक्टर्स अपने नाम की स्पेलिंग बदल लेते हैं. कई मेकर्स अपनी फिल्मों के टाइटल में एक ही लेटर रिपीट करने लगते हैं. एक समय तक Karan Johar को अपनी हर मूवी के टाइटल में K अक्षर इस्तेमाल करने के लिए जाना जाता था. वहीं डायरेक्टर अर्जुन हिंगोरानी अपनी फिल्मों में K अक्षर को तीन बार इस्तेमाल करते थे. जैसे Kahani Kismat Ki, Kaatilon Ke Kaatil, वगैरह वगैरह. इस बीच एक ऐसा टाइटल भी सामने आया, जिसे लोगों ने मनहूस कहना शुरू कर दिया. वो इसलिए क्योंकि उस शब्द का इस्तेमाल करने वाली 9 फिल्में फ्लॉप हो गईं. यही नहीं, उन मूवीज़ में काम करने वाले कई एक्टर्स के करियर भी रातों-रात डूब गए. वो टाइटल है- Karz.
उस 'मनहूस' टाइटल की कहानी, जिसे इस्तेमाल करने वाली 9 फिल्में फ्लॉप हो गईं
जिन एक्टर्स ने ये टाइटल यूज किया, उनका करियर रातों-रात डूब गया. इसलिए 2016 के बाद इस टाइटल से कोई फिल्म नहीं बनी.

'कर्ज़' शब्द को इंडियन सिनेमा का सबसे मनहूस टाइटल कहा जाता है. क्योंकि बीते 40 सालों जिस फिल्म के टाइटल में इस शब्द का इस्तेमाल हुआ, वो 9 फिल्में बुरी तरह फ्लॉप हो गईं. बॉलीवुड में अब तक 'कर्ज़' नाम से तीन फिल्में बन चुकी हैं. वहीं छह ऐसी मूवीज़ हैं, जिनके टाइटल में इस शब्द को इस्तेमाल किया गया था. अब इसे इत्तेफ़ाक कहें या कुछ और, इनमें से कोई भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी.
पहली 'कर्ज़' 1980 में रिलीज़ हुई, जिसे सुभाष घई ने डायरेक्ट किया था. उसमें ऋषि कपूर और सिमी गरेवाल ने काम किया था. इस फिल्म का म्यूज़िक बेहद पॉपुलर हुआ. मगर मूवी फ्लॉप हो गई. ऋषि ने अपनी बायोग्राफी ‘खुल्लम खुल्ला’ में बताया था कि इस मूवी के नहीं चलने की वजह से वो डिप्रेशन में चले गए थे. उन्हें अपने फिल्म करियर को लेकर डाउट होने लगा था. हालांकि, बाद में अपने गानों के कारण फिल्म को कल्ट स्टेटस मिल गया.
2008 में इस फिल्म का सेम टाइटल से एक रीमेक बनाया गया. उसमें हिमेश रेशमिया और उर्मिला मातोंडकर ने काम किया था. मगर उसका भी यही हश्र हुआ. 24 करोड़ रुपए में बनी ये फिल्म मात्र 16 करोड़ कमा पाई थी. बताया जाता है कि इस फिल्म ने मेकर्स को दिवालिया कर दिया था. उर्मिला, जो इस मूवी से पहले स्टार हुआ करती थीं, बाद में अच्छे रोल्स के लिए तरस गईं. फिल्म की दूसरी लीड एक्ट्रेस श्वेता कुमार, जिन्होंने इससे डेब्यू किया था, वो भी रातों-रात फिल्मों से गायब हो गईं.
इन दोनों मूवीज़ के बीच सनी देओल की 'कर्ज़: अ बर्डन ऑफ ट्रूथ' भी आई थी. वो भी बॉक्स ऑफिस पर पिट गई. बाकी छह फिल्में, जहां 'कर्ज़' शब्द का इस्तेमाल किया गया था, उनमें 'कर्ज़ तेरे कानून का' (1988), ‘दूध का कर्ज़' (1990), ‘प्यार का कर्ज़' (1990), 'कर्ज़ चुकाना है’ (1991), 'महान कर्ज़' (1991) और 'दूध का कर्ज़' (2016) शामिल हैं. मगर इनमें से एक भी नहीं चली. चलना तो दूर, इनमें से कोई भी 5 करोड़ रुपए का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी. इस वजह से मेकर्स में ये धारणा बन गई कि 'कर्ज़' नाम बॉक्स ऑफिस के लिए अच्छा साबित नहीं होता. शायद यही कारण है कि पिछले 10 सालों में इस नाम से कोई भी फिल्म रिलीज़ नहीं हुई.
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