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रसिक दुलारी की मौत के बाद प्रेमानंद महाराज के आश्रम में कपड़े 'बदल' गए

प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत की गत्थी नहीं सुलझ पा रही है. अब साधु-संतों की मांग है कि केस की हाई लेवल जांच कराई जाए. मृतक के परिवार की भी यही मांग है.

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प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण के मौत की गहन जांच की मांग. (Courtesy- ITG)

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  • दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी की संदिग्ध मौत के मामले में संतों ने उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि पुलिस ने प्रारंभिक रूप से आत्महत्या का दावा किया था।
  • रसिक दुलारी की मौत की जांच की मांग संतों और परिवार द्वारा तब बढ़ी जब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोटों और संभावित हत्या के संकेत मिले।
  • मृत्यु के बाद, श्रद्धालुओं के वेशभूषा नियमों में बदलाव किए गए हैं, जिसमें गृहस्थ शिष्य अब सामान्य कपड़े पहनेंगे और सफेद कपड़े की अनुमति सीमित कर दी गई है।

प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत की गुत्थी उलझती जा रही है. शुरुआत में मथुरा पुलिस ने कहा था कि रसिक दुलारी ने खुद की जान ली थी, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद संतों ने इस केस की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. मथुरा-वृंदावन के संत तो पहले ही पुलिस की थ्योरी को खारिज कर चुके थे. अब अयोध्या के संतों ने भी साफ-साफ कह दिया है कि रसिक दुलारी की मौत की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए.

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प्रेमानंद महाराज के आश्रम में कपड़े बदलने का नियम

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अयोध्या और वृंदावन दोनों ही जगहों के साधु-संतों ने रसिक दुलारी शरण की मौत में किसी बड़ी साजिश का इशारा किया है. यही बात रसिक दुलारी शरण के घरवाले भी पहले दिन से कह रहे हैं. उन्होंने इस पूरे केस की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की है. 

दूसरी ओर जिस श्रीहित राधा केली कुंज आश्रम से दीपक लोधी जुड़े हुए थे, उसका अभी तक इस केस में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. हालांकि रसिक दुलारी की मौत के बाद आश्रम ने अपने नियम-कायदे में कुछ बड़े बदलाव किए हैं. 

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आश्रम ने सोशल मीडिया पर एक सूचना जारी करके शिष्यों की वेशभूषा में बदलाव की जानकारी दी है. आश्रम ने कहा है कि जो शिष्य विरक्त या गृहस्थ हैं और कोई काम-धंधा करते हैं, जैसे ठेला या दुकान चलाते हैं, उन्हें अब सामान्य कपड़े या कुर्ता-पायजामा पहनना होगा. ऐसे शिष्य अब आश्रम के सफेद कपड़े नहीं पहन सकेंगे. वहीं जो शिष्य गृहस्थ हैं और केली कुंज की सेवा से जुड़े हैं, उनके लिए भी अब सामान्य कपड़े या कुर्ता-पायजामा पहनना जरूरी होगा. 

शिष्य की संदिग्ध हालात में मौत

सफेद कपड़े पहनने की अनुमति अब सिर्फ उन लोगों को होगी, जो प्रेमानंद महाराज की सेवा या केली कुंज की व्यवस्था और सेवा में लगे हैं. बता दें कि दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी की 25 सितंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. शुरुआती जांच में पुलिस ने दावा किया था कि रसिक दुलारी ने खुद अपनी जान ली थी. लेकिन पहले कमरे की जांच में मिली चीजें और फिर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने मौत की परिस्थितियों को और भी संदिग्ध बना दिया. 

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पता चला है कि दीपक के कमरे में एक ग्राइंडर था. डायरी थी. पोस्टमॉर्टम में प्राइवेट पार्ट कटा हुआ था, शरीर पर छह जगहों पर चोट के निशान थे. जिसकी वजह से पुलिस की शुरुआती थ्योरी कमजोर पड़ती नजर आ रही है. इस मामले में अब तक न तो आश्रम ने कोई बयान दिया है और न ही प्रेमानंद महाराज ने.

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