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"बॉलीवुड वाले फिल्मों से अच्छी एक्टिंग असल ज़िंदगी में करते हैं"

सनी ने कहा कि उन्होंने किसी की चमचागिरी नहीं की क्योंकि वो उस तरह के एक्टर नहीं बनना चाहते थे.

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सुनने देओल ने कहा कि फिल्म फैमिली से आने के बावजूद वो किसी कैम्प का हिस्सा नहीं रहे.

Sunny Deol देशभर में घूम-घूमकर अपनी फिल्म Gadar 2 को प्रमोट कर रहे हैं. हाल ही में उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में बसने वाले कैम्पों और दोगलेपन पर बात की. जर्नलिस्ट पूजा तलवार से बात करते हुए उन्होंने कहा कि फिल्म परिवार से आने के बावजूद भी वो किसी कैम्प का हिस्सा नहीं रहे. उनका कहना था कि बॉलीवुड के कुछ लोग स्क्रीन पर भले ही अच्छे एक्टर ना हों लेकिन असली ज़िंदगी में अच्छी एक्टिंग करते हैं. 

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इस बारे में उनका कहना था,

हर कोई आता है और आपको गले लगाता है, जैसे वो आपसे प्यार करते हों. लेकिन ये सब दिखावा है. इतने सारे लोग मुझे पाजी बोलते हैं. मैं कहता हूं कि प्लीज़ मुझे पाजी मत बोलो क्योंकि तुम पाजी शब्द का असली मतलब तक नहीं समझते. वहां बड़े भाई के लिए एक खास किस्म की इज़्ज़त होती है. बहुत सारी चीज़ें चल रही हैं और चलती भी रहेंगी क्योंकि ये लोग असल ज़िंदगी में अच्छे एक्टर्स हैं, शायद स्क्रीन पर नहीं. 

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सनी ने इसी बातचीत में एक पुराना वाकया भी साझा किया था. जब वो बॉबी देओल को बतौर हीरो लॉन्च करना चाह रहे थे. सनी बताते हैं कि उन्होंने कई सारे फिल्ममेकर्स से बात की लेकिन किसी कारणवश कोई भी राज़ी नहीं हुआ. सनी का कहना था कि कोई उनके साथ हाथ मिलाने को तैयार नहीं हुआ. बता दें कि बॉबी देओल की पहली फिल्म ‘बरसात’ को पहले शेखर कपूर बनाने वाले थे. शूटिंग भी शुरू हो गई थी. लेकिन उसी दौरान शेखर को अपनी फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ के लिए फंडिंग मिल गई. इसलिए वो ‘बरसात’ को छोड़कर ‘बैंडिट क्वीन’ बनाने चले गए. बाद में राजकुमार संतोषी को लाया गया था.         

सनी देओल हाल ही में आजतक के प्रोग्राम सीधी बात में बतौर गेस्ट आए थे. वहां उनसे पूछा गया कि क्या आप फिल्म इंडस्ट्री में अभी भी खुद को बाहरी इंसान की तरह देखते हैं. उन्होंने कहा,

मैं अपनी शर्तों पर जीता हूं. हमें पता नहीं कि चमचागिरी क्या होती है. हमें पता नहीं कैम्प क्या होते हैं. हमें पता नहीं ये क्या है, वो क्या है. क्योंकि हम वैसे एक्टर नहीं बनना चाहते. अगर आप लोग हमें पसंद करते हैं तो हम हैं. अगर नहीं करते तो हम नहीं हैं. हमारे पास कला है तो हम हैं. कला नहीं है तो हम नहीं हैं. 

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सनी ने आगे कहा कि वो वास्तविक दुनिया में जीना पसंद करते हैं. ना कि किसी मनगढ़ंत दुनिया में. सनी ने इसी बातचीत में फिल्म इंडस्ट्री, ‘गदर 2’ की पहले पार्ट से तुलना जैसे टॉपिक्स पर भी खुलकर बात की थी.   

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