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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग करना चाहते थे आनंद शर्मा, पर प्लान में बड़ी बाधा आ गई

'प्रधानमंत्री खुद मीटिंग कर रहे हैं, हमको करने नहीं दिया जा रहा.'

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तस्वीर साभार- वीकिपिडिया और ट्विटर
कांग्रेस के सीनियर नेता और आंतरिक मामलों पर बनी संसद की स्टैंडिंग कमिटी के चेयरमैन आनंद शर्मा को राज्यसभा सचिवालय ने एक नोट लिखा है. सचिवालय ने आनंद शर्मा को बताया है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्टैंडिंग कमिटी की मीटिंग संभव नहीं है. दरअसल, आनंद शर्मा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग करना चाहते थे. लेकिन राज्यसभा सचिवालय ने नियमों का हवाला देते हुए प्लान स्वीकार नहीं किया. इसमें बताया गया है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्टैंडिंग कमिटी की मीटिंग नियम के खिलाफ है. अब इसे लेकर आनंद शर्मा ने राज्यसभा के सभापति को लेटर लिखा है. क्या लिखा है लेटर में आनंद शर्मा ने 28 अप्रैल को एक मीटिंग प्लान की थी. इसमें वह मंत्रालय के अधिकारियों से लॉकडाउन और मौजूदा हालात वगैरह पर बात करने वाले थे. लॉकडाउन की वजह से उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात करनी चाही थी. जब इस प्लान पर आगे बात नहीं बढ़ी, तो उन्होंने राज्यसभा के चेयरमैन एम. वेंकैया नायडू को चिट्ठी लिखी. उन्होंने प्रधानमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंस का हवाला देते हुए लिखा कि अगर पीएम नरेन्द्र मोदी देश के मुख्यमंत्रियों के साथ 'सिक्योर' वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बात कर सकते हैं, तो स्टैंडिंग कमिटी भी ऐसा कर सकती है. आनंद शर्मा ने अपने नोट में ब्रिटेन की संसदीय समितियों और संयुक्त राज्य अमेरिका में सीनेट और हाउस ऑफ कॉमंस की कमिटियों के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का भी जिक्र भी किया है. इस मुद्दे पर 'द हिंदू' से बातचीत में उन्होंने बताया-
मैंने माननीय सभापति से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने को कहा है.
'द हिंदू' के मुताबिक, 21 अप्रैल को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस तरह की समिति के साथ एक मीटिंग में भाग लिया था. उन्होंने इस मीटिंग में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही भाग लिया था. ओम बिरला ने संसद और विधानसभाओं को तेजी से नई तकनीक सीखने और उसको व्यवहार में लाने की बात कही थी.

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