The Lallantop

कोरोना से मरे पिता को जिस अधिकारी ने मुखाग्नि दी, उस पर बेटे ने गंभीर आरोप लगाया है

एक दिन पहले खबर आई थी कि बेटे ने पिता के पास जाने से इनकार कर दिया था.

Advertisement
post-main-image
भोपाल के तहसीलदार ने एक कोरोना पेशेंट का अंतिम संस्कार किया. क्योंकि परिवार पीछे हट गया था.
भोपाल में एक शख्स की कोरोना वायरस से मौत हो गई. उनके बेटे ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया. इसके बाद तहसीलदार ने मृतक का दाह संस्कार किया. ये खबर 22 अप्रैल को खूब चली. अब इसमें बेटे का वर्जन भी सामने आया है. बेटे ने जो कहा वो प्रशासन के दावे से एकदम उलट है. पहले जानते हैं मामला क्या है? शुजालपुर के एक व्यक्ति को लकवे के अटैक के चलते एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. 14 अप्रैल को वे कोरोना पॉजीटिव पाए गए. इसके बाद उन्हें चिरायु अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया. मध्य प्रदेश सरकार ने इस अस्पताल को कोरोना के इलाज के लिए तय कर रखा है. 20 अप्रैल को उनकी कोरोना से मौत हो गई. शव को मॉर्चरी में रखा गया. और कोरोना प्रोटोकॉल के तहत उनके अंतिम संस्कार की तैयारी की गई. मौत की खबर उनके परिवार को दी गई. इस पर उनकी पत्नी, बेटा और पत्नी के भाई भोपाल पहुंचे. अस्पताल और जिला प्रशासन ने उन्हें बताया कि अंतिम संस्कार भोपाल में ही करना होगा. कोरोना प्रोटोकॉल के चलते शव को शुजालपुर नहीं ले जाया जा सकता. यहां तक सब नॉर्मल रहा. लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसके अलग-अलग वर्जन सामने आए हैंः पहला, प्रशासन का वर्जन भोपाल जिला प्रशासन ने बताया कि परिवार के लिए कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार सारी व्यवस्था की गई थी. पीपीई किट, सैनिटाइजर, ग्लव्स देने के बाद भी मृतक के बेटे ने मुखाग्नि देने से मना कर दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि पीपीई पहनकर कैसे काम करते हैं. एक अधिकारी ने कहा कि परिवार से कहा गया कि जिन लोगों ने इलाज किया. जिन लोगों ने शव को संभाला. वे भी इंसान ही हैं. लेकिन परिवार नहीं माना. उन्होंने प्रशासन को ही अंतिम संस्कार के लिए कह दिया. इसके बाद तहसीलदार गुलाब सिंह बघेल ने अंतिम संस्कार किया. उन्होंने ही चिता को अग्नि दी. परिवार के लोग इस दौरान दूर खड़े रहे. दूसरा, मृतक के बेटे का वर्जन मृतक के बेटे ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया. वीडियो में उसने कहा कि वो अपने पिता के शव को घर ले जाना चाहता था. लेकिन उसने इसकी अनुमति नहीं दी गई. तहसीलदार ने कहा कि वह 50 मीटर दूर खड़े होकर सिर्फ अंतिम संस्कार देख सकता है, शव को मुखाग्नि नहीं दे सकता. तहसीलदार पर आरोप लगाते हुए उसने कहा कि उन्होंने उसे धमकाया था कि अगर वो अपने पिता का अंतिम संस्कार देखना चाहता है तो उन्हें लिखकर दे कि वो बॉडी के पास नहीं जाना चाहता है. उसने कहा कि उस पर दबाव डालकर ये चीज़ें लिखवाई गईं और कहा गया कि नहीं लिखने पर उसे अपने पिता का अंतिम संस्कार भी देखने को नहीं मिलेगा. भारत में कोरोना वायरस के मामलों का स्टेटस

Advertisement

Video: चेन्नई में कोरोना से डॉक्टर की मौत, शव दफनाने गए लोगों पर पत्थरबाज़ी    

Advertisement
Advertisement