'माननीय मोदी जी के हाथ को मजबूत करने के लिए, माननीय मोदी जी की ताकत को और बढ़ाने के लिए, उत्तर प्रदेश में साइकिल को पंक्चर करना है. और बहन जी का खेल आपने 2014 में खत्म किया, 2017 में इनका खेल पूरी तरह खत्म करना है. अब न सपा, न भाजपा.'उन्हें कहना था, 'न सपा, न बसपा.' लेकिन बसपा की जगह वो भाजपा कह गए. वो भी मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में. वीडियो के इस हिस्से को काटकर बसपा के कैंपेन वाले फेसबुक पेज 'UP With Mayawati' से अपलोड कर दिया गया. इसे शेयर करते हुए लिखा, 'आज लखनऊ में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के मुंह से सच निकल ही गया. सुनकर दंग रह जाएंगे.' [facebook_embedded_post href="https://www.facebook.com/UPWithMayawati/videos/682820061896515/"] वहां उसे 37 हजार से ज्यादा बार देखा जा चुका है. पेज ने इस वीडियो को 'पिन टु टॉप' कर रखा है. अब आपने इतना पढ़ लिया है तो केशव प्रसाद मौर्य ने कविता के जो टुकड़े पढ़े, वो भी पढ़ ही लें.
केशव प्रसाद मौर्या का भाषण कैसे यूज किया मायावती ने?
मोदी की लखनऊ रैली में मौर्या की मामूली चूक और बसपा का दांव.
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फोटो - thelallantop
सियासत का सिकंदर वो होता है जो विरोधी पर आंखें गड़ाए रखे और मामूली से फटे में टांग अड़ा के छेद गहरा कर दे. लखनऊ में मंगलवार को भाजपा की एक बड़ी रैली थी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे थे. प्रधानमंत्री से पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य का भाषण था. दो-तीन मिनट उन्होंने सबका आभार जताया, फिर नरेंद्र मोदी की प्रशंसा में कविता की पंक्तियां भी पढ़ीं. इस ओजस्वी भाषण में सब कुछ ठीक था. लेकिन खत्म होते होते उनकी जुबान फिसल गई. वो वोटरों से अपील कर गए कि इस बार वे न सपा को चुनें, न भाजपा को. उन्होंने कहा,
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