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दो जगह वोटर कार्ड बनवाकर गौतम गंभीर ने कौन सा कानून तोड़ा है?

जानिए गंभीर पर क्या कार्रवाई हो सकती है...

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भाजपा के गौतम गंभीर और आम आदमी पार्टी की आतिशी इन दिनों चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं. तस्वीर. ट्विटर.
आम आदमी पार्टी ने गौतम गंभीर पर गंभीर इल्जाम लगाए हैं. आप का दावा है कि पूर्वी दिल्ली से बीजेपी के प्रत्याशी गौतम गंभीर के पास दो वोटर आईडी कार्ड हैं. ऐसा करना अपराध है, इसलिए गंभीर की उम्मीदवारी रद्द की जानी चाहिए. इस पूरे मामले को लेकर AAP नेता और पूर्वी दिल्ली से गंभीर के खिलाफ चुनाव लड़ रहीं आतिशी मर्लेना ने तीस हजारी कोर्ट में शिकायत दर्ज करवाई है.
क्या आरोप लग रहे गौतम गंभीर पर? आतिशी के मुताबिक गौतम गंभीर के पास दो वोटर आईडी हैं. एक वोटर आईडी कार्ड राजेंद्र नगर, नई दिल्ली का है. दूसरा, वोटर आईडी कार्ड करोल बाग, नई दिल्ली से बना है. गौतम गंभीर ने अपने नामांकन फॉर्म में राजेंद्र नगर का पता बताया है. इसमें पते की जगह वोटर कार्ड नंबर-एसएमएम-1357243, सीरियल नंबर- 285, पार्ट नंबर-43, राजेंद्र नंगर-39 दर्ज है. अब आतिशी ने दावा किया है कि गंभीर के पास एक और वोटर कार्ड है. इस वोटर आईडी का नंबर आरजेएन-1616218 है. इसका सीरियल नंबर 87 और पार्ट नंबर 86 है. ये कार्ड करोलबाग-23 से बना है. आतिशी मर्लेना ने सीआरपीसी के सेक्शन 155 (2) के तहत तीस हजारी कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई है. इसके तहत कोई भी शख्स पुलिस जांच की मांग के लिए कोर्ट में याचिका दाखिल कर सकता है. आतिशी ने पूरे मसले पर ट्वीट किया- दो पहचान पत्र रखना कितना बड़ा अपराध है?
1-आतिशी मर्लेना के मुताबिक दो वोटर आईडी कार्ड रखना क्रिमिनल ऑफेंस है.
2-आतिशी ने दावा किया कि नॉमिनेशन फाइल करते वक्त रिटर्निंग ऑफिसर के सामने इस तथ्य को छिपाया गया है.
3-आरोप है कि गंभीर ने अपने हलफनामे में ये बात छिपाई है कि वो करोलबाग में भी वोटर हैं. और वहां से उनका वोटर आईडी कार्ड बना है. ये जन प्रतिनिधत्व कानून-1951 की धारा 125 ए के तहत दंडनीय है.
4-आरोपी को छह महीने तक की सजा हो सकती है. इस कानून में ऐसा प्रावधान है कि चुनाव आयोग के सामने गलत हलफनामा दाखिल करने पर सजा हो सकती है.
5-गंभीर पर आईपीसी की धारा-177 के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है. इस धारा के तहत गलत जानकारी देने पर केस दर्ज किया जाता है.
6-आरोप है कि गंभीर ने जनप्रतिनिधित्व कानून 1950 के सेक्शन 17 और सेक्शन 31 का भी उल्लंघन किया है. इसके तहत मतदाता सूची में गलत जानकारी देने पर एक साल तक की सजा का प्रावधान है.
किसी एक व्यक्ति के पास दो वोटर आईडी कार्ड या वोटर लिस्ट में दो जगह नाम शामिल होने पर चुनाव आयोग नोटिस जारी करता है. नोटिस में कहा जाता है कि आप एक जगह से अपना नाम हटवा लें. ऐसा न करने पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाती है. आतिशी ने एक और ट्वीट किया- केजरीवाल और संजय सिंह ने क्या कहा? आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भी इसे लेकर ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा-
'क्या अब भी चुनाव आयोग खामोश रहेगा? क्या गौतम गंभीर का नामांकन रद्द होगा? आखिर दो जगह से मतदाता होकर कोई चुनाव कैसे लड़ सकता है?
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया-
'मतदाता ऐसे व्यक्ति को वोट न दें जो अयोग्य घोषित होने वाला है.'
गंभीर ने पूरे मामले पर क्या कहा? इस पूरे मामले पर गौतम गंभीर ने कहा कि 'पहले वो (आप) आरोप लगाते हैं. कोर्ट जाते हैं. और फिर माफी मांगते हैं.' आतिशी इससे पहले भी गंभीर पर गलत हलफनामा दायर करने का आरोप लगा चुकी हैं. आतिशी ने आरोप लगाया था कि नामांकन के दौरान गंभीर ने बैक डेट के नोटरी स्टांप लगाए हैं. इसको लेकर उन्होंने गंभीर का नामांकन रद्द करने की मांग की थी. बाद में चुनाव अधिकारियों ने उनकी आपत्ति खारिज कर दी.


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