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SSC एग्जाम के दौरान आधार बायोमेट्रिक जांच में आ रही दिक्कतें, इस आरोप पर चेयरमैन क्या बोले?

SSC एग्जाम में आधार आधारित सिस्टम क्यों है? ये काम कैसे करता है? क्या आधार की दिक्कतों के कारण किसी को परीक्षा देने से रोका गया है? इन तमाम सवालों पर SSC के चेयरमैन एस गोपालकृष्णन का जवाब पढ़िए.

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आधार ऑथेंटिकेशन की समस्या पर SSC चेयरमैन का जवाब आया है.

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  • स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) ने आधार कार्ड आधारित ऑथेंटिकेशन प्रणाली लागू की है जिसमें फेस और फिंगरप्रिंट के आधार पर अभ्यर्थी की पहचान की जाती है ताकि परीक्षा प्रक्रिया में सुधार हो सके।
  • पृथक-प्रमाणिकरण प्रक्रिया और फोटो मैचिंग की तकनीकी परेशानियों के कारण SSC परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को फॉर्म भरने और उपस्थित होने में बाधाएं आईं, जिनका समाधान अब एडवांस तकनीक से किया जा रहा है।
  • आधार सम्बन्धित समस्याओं के बावजूद SSC ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी भी आधार मिसमैच की वजह से कोई अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित न रहे और तकनीकी सुधारों के बाद भी परीक्षा प्रक्रिया जारी रहेगी।

स्टाफ सिलेक्शन कमीशन यानी SSC की परीक्षा के अभ्यर्थियों को एग्जाम सेंटर पर कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. समस्याओं की फेहरिस्त लंबी है, लेकिन उनमें से एक दिक्कत आधार कार्ड ऑथेंटिकेशन की भी है. स्टूडेंट्स की शिकायत है कि कई छात्रों को इसके कारण फॉर्म भरने में और परीक्षा केंद्र पर दिक्कतें होती हैं. कभी फिंगरप्रिंट का इश्यू होता है, तो कभी फोटो मैच नहीं होता.

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लल्लनटॉप ने SSC के चेयरमैन एस गोपालकृष्णन का इंटरव्यू किया है. उनसे आधार कार्ड के कारण छात्रों को आ रही समस्याओं पर सवाल पूछा गया. इस पर उन्होंने कहा,

अभी 25 मई तक जो एग्जाम हुए हैं, उसमें ये प्रोसेस था कि कैंडिडेट का फिंगरप्रिंट लिया जाएगा. किसी को सिलेक्ट करके कहीं भेज रहे हैं, मान लीजिए BSF में भेज रहे हैं, तो वहां चेक करेंगे कि अभ्यर्थी का फिंगरप्रिंट मैच कर रहा है या नहीं. इसको हमने स्ट्रीमलाइन करके आधार आधारित कर दिया.

अब आप अपने मोबाइल से फेस ऑथेंटिकेट, आधार ऑथेंटिकेट करके अप्लाई कर सकते हो. एग्जाम में उसी फेस का कंपैरिजन होता है. और आधार ऑथेंटिकेशन होता है. और अगर इस स्टेज में कहीं आधार फेल होता है, तो हम आधार बायपास करते हैं. लेकिन फिंगरप्रिंट तो लोकली कैप्चर होता है, तो फिंगरप्रिंट लेते हैं और एग्जाम देने देते हैं. आधार मिसमैच होने के कारण किसी को एग्जाम मिस करने की जरूरत नहीं पड़ी. 

इस पूरे एग्जाम प्रोसेस में अगर आधार है, तो प्रोसेस आसान है. क्योंकि इसी एग्जाम में पिछले साल तक, ऐसा होता था कि आपका फोटो ठीक नहीं है, आप फोटो में चश्मा पहने हो, टोपी पहने हो या बनियान ठीक नहीं है, तो इस तरह के कई कारण से रिजेक्ट होते थे. अब प्रोसेस इतना लिबरल है कि अब हम लगभग फोटो देखते भी नहीं. तो आधार एक टेक्निकल एडिशन है. 

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बता दें कि 31 जुलाई को SSC अभ्यर्थी और देशभर के कई जाने-माने शिक्षक SSC परीक्षा में खामियों को लेकर केंद्र सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल ऐंड ट्रेनिंग (DoPT) दफ्तर के बाहर प्रदर्शन करने के लिए इकट्ठा हुए थे. कई शिक्षकों को पुलिस ने डिटेन कर लिया था. इसके बाद जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया गया.

SSC चेयरमैन एस गोपालकृष्णन से छात्रों की अन्य समस्याओं के बारे में भी सवाल पूछा गया है, जिनका उन्होंने खुलकर जवाब दिया है. आप इस पूरे इंटरव्यू को इस लिंक पर क्लिक करके देख सकते हैं. 

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वीडियो: एग्जाम सेंटर, 'गड़बड़ी', प्रोटेस्ट... SSC चेयरमैन एस गोपालकृष्णन ने इंटरव्यू में सब बताया

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