भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को इस आधार पर सही ठहराया गया था कि सरकारी तेल कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा था. लेकिन कंपनियों के जून तिमाही के नतीजे आने के बाद पता चला कि असल में कुल नुकसान सार्वजनिक रूप से बताए गए नुकसान से कहीं कम था. खर्चा पानी के इस एपिसोड में सरकार की पिछली दलीलों और हालिया वित्तीय आंकड़ों के बीच के अंतर की पड़ताल करेंगे. चर्चा करेंगे कि ईरान के साथ तनाव के दौरान कच्चे तेल की कीमतें कैसे बदलीं, भू-राजनीतिक जोखिमों और अमेरिका की ओर से टैरिफ की संभावित धमकियों के बावजूद भारत रूस से अपना आधे से ज्यादा कच्चा तेल क्यों मंगाता है.
खर्चा-पानी: क्या पेट्रोल-डीजल के दाम सस्ते होने की गुंजाइश है?
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को इस आधार पर सही ठहराया गया था कि सरकारी तेल कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा था.
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