रामदेव योग और आयुर्वेद के बाद अब बीमा उद्योग में उतरने जा रहे हैं. भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने पतंजलि आयुर्वेद और धर्मपाल सत्यपाल समूह (DS Group) को बीमा कंपनी खरीदने की मंजूरी दे दी है. IRDAI ने मैग्मा जनरल इंश्योरेंस के करीब 4500 करोड़ रुपये में अधिग्रहण को मंजूरी दी है. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है. इसके साथ ही रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद के फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर में एंट्री का रास्ता खुल गया है.
साबुन, तेल, टूथपेस्ट के बाद अब रामदेव बेचेंगे बीमा, 4500 करोड़ में पतंजलि खरीदेगी ये कंपनी
पतंजलि अब तक साबुन, टूथपेस्ट, घी जैसी कई चीजों की पूरे देश में बिक्री हो रही है. अब रामदेव इंश्योरेंस मार्केट में उतर सकते हैं. पतंजलि आयुर्वेद और धर्मपाल सत्यपाल ग्रुप ने मैग्मा जनरल इंश्योरेंस खरीदने की डील लगभग तय कर ली है.

हर्बल और अन्य एफएमसीजी उत्पाद बनाने वाली और इनकी मार्केटिंग करने वाली कंपनी पतंजलि, गैर-जीवन बीमा कंपनी में 73.6% हिस्सेदारी हासिल करेगी.
डीएस ग्रुप ने भी लगाया पैसारजनीगंधा पान मसाला बनाने वाला डीएस ग्रुप मैग्मा में करीब 24.5% हिस्सेदारी खरीदेगी. अदार पूनावाला के मालिकाना हक वाली सनोती प्रॉपर्टीज और सेलिका डेवलपर्स और जगुआर एडवाइजरी सर्विसेज सहित शेयर बेचने वाले शेयरधारकों से डीएस ग्रुप हिस्सा खरीदेगी. इस सौदे से पहले सनोती के पास मैग्मा में 72.4% हिस्सेदारी थी.
28 जुलाई को मिली मंजूरी की शर्तों के मुताबिक पतंजलि गैर-जीवन बीमा कंपनी की प्रमोटर बनेगी. कंपनी की वित्तीय स्थिरता और विकास को समर्थन देने के लिए पूंजी निवेश जारी रखेगी. डीएस ग्रुप अधिग्रहण करने वाले कंसोर्टियम में सह-निवेशक के रूप में शामिल हुआ है.
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मैग्मा का बही-खाता कैसा?केयरएज रेटिंग्स ने मार्च में कहा कि मैग्मा का कुल डायरेक्ट प्रीमियम वित्त वर्ष 2021 और वित्त वर्ष 2025 के बीच 22% की चक्रवृद्धि सालाना वृद्धि दर से बढ़कर 3,334 करोड़ रुपये हो गया है. दूसरी ओर सामान्य बीमा उद्योग की सालाना ग्रोथ 10% थी.
बीमा कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 में 1 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया, जबकि वित्त वर्ष 2024 में उसे 141 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में कंपनी ने 27 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया. अलग -अलग कैटेगरी में 70 से अधिक प्रोडक्ट के साथ, कंपनी सामान्य बीमा क्षेत्र में सभी प्रमुख जोखिमों को कवर करने के लिए बीमा प्रदान करती है.
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गांवों और कस्बों में बीमा बेचेगी पतंजलि?आगे चलकर, पतंजलि आयुर्वेद बीमा कंपनी के उत्पाद पोर्टफोलियो का विस्तार करने और भारत भर में खासतौर से कस्बों और ग्रामीण बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ाने की संभावना है.पतंजलि के पास ग्रामीण बाजारों तक पहुंच सहित एक बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क है. कंपनी के उत्पाद देश भर में लगभग दो लाख काउंटरों पर उपलब्ध हैं.
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