इस महीने दो लाख खर्च करें और 10,000 बोनस पॉइंट्स प्राप्त करें. अगर आप क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं तो इस तरह के मैसेज आपके जरूर मिले होंगे. कई बैंक और क्रेडिट कार्ड कंपनियां रिवॉर्ड पॉइंट्स, एयर माइल्स, कैशबैक वगैरा का ऑफर देती हैं. लेकिन क्या रिवॉर्ड पॉइंट्स से वाकई कोई फायदा होता है या ये बस जेब खाली करते हैं? क्या रिवॉर्ड पॉइंट्स और कैशबैक के पीछे क्रेडिट कार्ड जारी करने वाले बैंकों की सोची समझी प्लानिंग हैं? क्या आप रिवॉर्ड पाने के लिए फालतू खरीदारी करते हैं, कार्ड की सालाना फीस भरते हैं और बिल का पूरा भुगतान न करने पर लगने वाला मोटा ब्याज चुकाते हैं? इन सभी बातों को समझते हैं.
रिवॉर्ड पॉइंट्स के लिए क्रेडिट कार्ड ज्यादा यूज करते हैं? जानें फायदे में हैं या फंस गए हैं
क्या रिवॉर्ड पॉइंट्स से वाकई कोई फायदा होता है या ये बस जेब खाली करते हैं? क्या रिवॉर्ड पॉइंट्स और कैशबैक के पीछे क्रेडिट कार्ड जारी करने वाले बैंकों की सोची समझी प्लानिंग हैं? क्या आप रिवॉर्ड पाने के लिए फालतू खरीदारी करते हैं, कार्ड की सालाना फीस भरते हैं और बिल का पूरा भुगतान न करने पर लगने वाला मोटा ब्याज चुकाते हैं?

दरअसल, जब आप अपना क्रेडिट कार्ड किसी दुकान में स्वाइप करते हैं तो बैंकों को इन व्यापारियों से एक तय फीस मिलती है. इसका कुछ हिस्सा आपको रिवॉर्ड के रूप में वापस मिल जाता है.
यह आमतौर पर रिवॉर्ड्स पॉइंट्स, माइल्स या कैशबैक के रूप में मिलते हैं. इसका सीधा फंडा ये है कि जितना ज्यादा आप खर्च करेंगे, उतना ही अधिक रिवॉर्ड पाएंगे. ज्यादातर कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट्स कैशबैक या दूसरे फायदे देते हैं जैसे कि एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस, गाड़ी में तेल भराने पर छूट वगैरा.
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क्या आप इन सुविधाओं के चक्कर में फंस रहे हैं?बैकिंग एक्सपर्ट अश्विनी राणा लल्लनटॉप से बातचीत में कहते हैं कि देश में क्रेडिट कार्ड की औसत सालाना ब्याज दर 36% से ज़्यादा है. ऐसे में अगर आप बिल का कुछ हिस्सा नहीं चुका पाते हैं और कैरी फारवर्ड करते हैं या बिल का पेमेंट करने से चूक जाते हैं तो आपको मिलने वाला कैशबैक या पॉइंट्स शुल्क में ही कट जाएंगे.
यही बात उन कार्डों पर भी लागू होती है जो हर साल एनुअल चार्ज के नाम पर मोटी फीस लेते हैं.
दिल्ली यूनिवर्सिटी के माता सुंदरी कॉलेज में अर्थशास्त्र विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर सिद्धार्थ राठौर लल्लनटॉप से बताते हैं, “अपने क्रेडिट कार्ड का सही इस्तेमाल करने का पहला तरीका ये है कि इसे डेबिट कार्ड की तरह समझें. उतना ही खर्च करें जितना आप हर महीने पूरा चुका सकें. वही क्रेडिट कार्ड चुनें जो आपके लिए जरूरी हो. जैसे कि अगर आप साल में एक या दो बाहर घूमने फिरने जाते हैं तो कोई महंगा ट्रैवल कार्ड न लें.”
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समझदारी से इस्तेमाल करेंफाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड्स मिलना अच्छी बात है, लेकिन तभी जब आप अपने कार्ड का समझदारी से इस्तेमाल करें. सही कार्ड चुनें, समय पर भुगतान करें और फालतू की चीजों के लिए कार्ड स्वाइप करने से बचें. उतना ही इस्तेमाल करें जितना आप चुका सकते हैं.
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