बिहार के सासाराम नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) विमल कुमार की हत्या मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि EO की हत्या उनके ही ड्राइवर मिथिलेश कुमार ने की थी. पुलिस पूछताछ में ड्राइवर ने हत्या की बात स्वीकार कर ली है. हैरान करने वाली बात हत्या की वजह है. ड्राइवर ने बताया कि अधिकारी ने उसे पेशाब करने के लिए गाड़ी रोकने से मना किया था. इसकी वजह से बहस हुई, जिसके बाद उसने रॉड से पीटकर उनकी हत्या कर दी.
पेशाब के लिए गाड़ी नहीं रोकने दी, गुस्साए ड्राइवर ने सरकारी अफसर की रॉड मारकर हत्या कर दी
बिहार के सासाराम नगर परिषद के EO विमल कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने उनके ड्राइवर मिथिलेश कुमार को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया कि पेशाब के लिए गाड़ी न रोकने को लेकर हुए विवाद के बाद उसने लोहे की रॉड से अधिकारी की हत्या कर दी.

इससे पहले, मृतक ईओ विमल कुमार की पत्नी बबिता कुमारी ने उनकी हत्या का आरोप डेहरी से एलजेपी (रामविलास) के विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह पर लगाया था. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, बबिता ने कहा था कि विधायक उन्हें रोज फोन करते थे. तंग करते थे. अपने घर बुलाते थे और कहते थे, ‘आइए 25-50 लाख रुपये दीजिए’. उन्होंने कहा कि उनके पति ने इसके लिए हमेशा मना किया. वो कहते रहे कि हम कुछ गलत काम नहीं करते हैं. हम कहां से देंगे.
हालांकि, पुलिस ने जब इस मामले में ईओ के ड्राइवर से पूछताछ की तो कहानी कुछ और ही निकली.
दरअसल, पुलिस को ड्राइवर मिथिलेश कुमार के बयान पर पहले से शक था. इंडिया टुडे से जुड़े रोहित कुमार सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के बाद ड्राइवर ने पुलिस को बताया था कि कुछ अज्ञात अपराधियों ने रास्ते में गाड़ी रोककर EO के साथ मारपीट की और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया. इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. जांच के दौरान पुलिस ने देखा कि घटना के वक्त गाड़ी में मौजूद ड्राइवर के शरीर पर एक भी चोट या खरोंच के निशान नहीं थे.
पुलिस के सामने सवाल था कि अगर अपराधियों ने गाड़ी रोककर हमला किया था तो ड्राइवर को कोई नुकसान क्यों नहीं हुआ? इसी से पुलिस का शक ड्राइवर पर गहरा गया. इसके बाद पुलिस ने ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की. पूछताछ में ड्राइवर के बयान बार-बार बदलता रहा. पहले उसने बताया कि दो बाइक पर अपराधी आए थे. बाद में उसने कहा कि एक अपाची बाइक पर अपराधी आए थे. कहानी में ड्राइवर के बदलते बयान के बाद पुलिस को लगा कि घटना को लेकर गलत जानकारी दी जा रही है.
IG विकास वैभव के मुताबिक, जब ड्राइवर से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने पूरी घटना का खुलासा कर दिया. उसने मान लिया कि अफसर की हत्या उसने ही की है.
पुलिस के अनुसार, ड्राइवर ने हत्या की वजह काम का दबाव और तनाव बताया है. उसने बताया कि वह लंबे समय से ज्यादा ड्यूटी को लेकर परेशान था. कई बार EO और उसके बीच बहस भी हुई थी. नगर परिषद के दूसरे कर्मचारियों से पूछताछ में भी दोनों के बीच विवाद की बात सामने आई है. ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि घटना वाले दिन भी दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई थी. इसके बाद रात में जब दोनों गाड़ी से पटना की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में फिर विवाद हुआ.
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ड्राइवर के मुताबिक, उसने गाड़ी रोककर पेशाब करने जाने की बात कही थी, लेकिन EO ने गाड़ी नहीं रोकने को कहा. इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस बढ़ गई. इसके बाद उसने गाड़ी रोक दी और उसमें रखी रॉड से अधिकारी पर हमला कर दिया. पुलिस के अनुसार, ड्राइवर ने बताया कि पहले उसने गाड़ी के अंदर से रॉड से वार किया. इसके बाद EO के नीचे उतरने पर भी कई बार रॉड से हमला किया. घटनास्थल पर मिले खून के निशान और अन्य सबूतों की भी जांच की जा रही है.
हत्या के बाद ड्राइवर ने घटना को अज्ञात अपराधियों की वारदात बताने की कोशिश की. पुलिस के मुताबिक, उसने गाड़ी को इस तरह खड़ा किया कि मामला सड़क हादसे जैसा लगे. इसके बाद उसने अपने एक स्टाफ को फोन कर अपराधियों द्वारा हमला किए जाने की सूचना दी. IG विकास वैभव ने बताया कि पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है. फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की है. हत्या में ड्राइवर मिथलेश कुमार ने जिस रॉड का इस्तेमाल करके नहर में फेंक दिया था, उस रॉड को भी गोताखोरों की मदद से बरामद कर लिया गया है.
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