The Lallantop

दिवाली और छठ से पहले हवाई सफर महंगा क्यों हो रहा है?

हवाई जहाज में इस्तेमाल होने वाला तेल काफी महंगा हो चुका है. इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपया भी कम गिर चुका है. इन वजहों से एयरलाइन कंपनियों को कामकाज में दिक्कत आ रही है.

Advertisement
post-main-image
मुंबई-दिल्ली भारत का सबसे व्यस्त घरेलू हवाई रास्ता बना हुआ है (Courtesy: Business Today)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • इंडिगो और एयर इंडिया ने इस त्योहारी सीजन में अपनी घरेलू उड़ानों की क्षमता पिछले साल की तुलना में कम कर दी है, जिससे कुल उपलब्ध सीटों में उल्लेखनीय कमी आई है।
  • तेल की बढ़ती कीमतें, रुपये के मुकाबले डॉलर में गिरावट और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण एयरलाइंस ने अपनी उड़ान क्षमता को सीमित करने का निर्णय लिया है।
  • सीटों की कमी के कारण फिलहाल हवाई किराए में वृद्धि हुई है और इसे देखते हुए एयरलाइंस अपनी क्षमता पुनः समायोजित करने या नए नीतिगत कदम उठा सकती हैं।

त्योहारी सीजन में एयरलाइंस आमतौर पर घरेलू उड़ानों की क्षमता बढ़ाती हैं, लेकिन इस साल स्थिति अलग है. इंडिगो और एयर इंडिया दोनों ने पिछले साल की तुलना में त्योहारी सीजन के दौरान अपनी क्षमता कम कर दी है. इससे दिवाली से पहले हवाई किराए में बढ़ोतरी हुई है.

Advertisement
एयरलाइंस के पास सीटें कम

बिजनेस टुडे के मुताबिक बाजार हिस्सेदारी के हिसाब से देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के पास 1 करोड़ 31 लाख सीटें हैं. यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 0.2% (28,600 कम सीटें) की कमी है. 

एविएशन एनालिटिक्स फर्म OAG के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2026 में एयरलाइन की क्षमता 1 करोड़ 17 लाख सीटें और सितंबर 2026 में 1 करोड़ 13 लाख सीटें थीं. देश की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन एयर इंडिया के पास अक्टूबर 2026 में 33 लाख सीटें थीं. यह संख्या पिछले साल की तुलना में 12.6% (4.78 लाख सीटें) कम है.

Advertisement

ये भी पढ़ें: फेस्टिव सीजन में घर खरीदारों के लिए बंपर ऑफर्स, फ्री में आईफोन से लेकर स्टैंप ड्यूटी तक की छूट

फ्लाइट्स की संख्या घटने से किराया महंगा

फ्लाइट्स में कमी से हवाई किराया महंगा हो रहा है. स्पाइसजेट के पास सीटों की संख्या काफी तेजी से कम हुई हैं. इस एयरलाइन की क्षमता 8% कम हुई. यानी 2 लाख 41 हजार सीटें घट गईं. हालांकि, अकासा एयर एकमात्र ऐसी एयरलाइन है जिसने क्षमता में 35.6% की वृद्धि की.

हवाई जहाज में इस्तेमाल होने वाला तेल काफी महंगा हो चुका है. भू-राजनीतिक चुनौतियों और डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट के चलते एयरलाइंस अपनी क्षमता को सीमित कर रही हैं. इस महीने की शुरुआत में इंडिगो ने जेट फ्यूल की ऊंची कीमतों के कारण घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर अपने फ्यूल सरचार्ज में संशोधन किया था.

Advertisement

ये भी पढ़ें: सैंपल फ्लैट की रील के लपेटे में न आएं, इन 5 बातों को पढ़कर ही घर खरीदें

मुंबई-दिल्ली सबसे बिजी रूट

मुंबई-दिल्ली भारत का सबसे व्यस्त घरेलू हवाई रास्ता बना हुआ है. इस रूट में चलने वाली एयरलाइंस की क्षमता 6 लाख 81 हजार 800 सीटें हैं. यह पिछले साल की तुलना में 7% ज्यादा है. बेंगलुरु (BLR)-दिल्ली (DEL) एक बार फिर दूसरा सबसे व्यस्त घरेलू मार्ग है. इस रूट पर उड़ान भरने वाली फ्लाइट्स में कुल 4 लाख 75 हजार 100 सीटें हैं. यह अक्टूबर 2025 की तुलना में क्षमता में 1% की कमी है.

वहीं, कोलकाता-दिल्ली (CCU-DEL) मार्ग पर सीटों की क्षमता में सबसे तेजी से इजाफा हुआ है. इस रूट में सीटों की क्षमता 13% बढ़कर 3 लाख 25 हजार सीटें हो गई है. रिपोर्टों से पता चलता है कि त्योहारी यात्रा की मांग से कुछ घरेलू मार्गों पर किराए में 70% तक का इजाफा हुआ है.

वीडियो: गोवा में राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार को घेरा, दिल्ली में NSUI क्यों सड़कों पर उतरी?

Advertisement