एक्टर टाइगर श्रॉफ पर गोली चलाने वाले तीनों शूटर्स के बारे में और जानकारी सामने आई है. तीनों की जिंदगी एक-दूसरे से काफी अलग है. कोई 9th फेल है, कोई रैपिडो चलाता था, तो कोई टाइल्स लगाने का काम सीख रहा था. 19 अक्टूबर को तीनों आरोपियों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से पकड़ लिया गया था. इनमें से दो आरोपी हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं, जबकि तीसरा आरोपी बिहार का रहने वाला है.
टाइगर श्रॉफ पर गोली चलाने के आरोपियों के नाम और बैकग्राउंड पता चले
Tiger shroff firing: मुंबई में एक्टर टाइगर श्रॉफ पर गोली चलाने वाले तीनों शूटर्स के बारे में और जानकारी सामने आ गई है. एक आरोपी पहले अवैध हथियार रखने के मामले में जेल जा चुका था.

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, इन तीनों आरोपियों की जिंदगी और परिवारों के बारे में जो जानकारी सामने आई है, उससे पता चलता है कि तीनों का बैकग्राउंड एक-दूसरे से अलग था.
पहले भी जेल जा चुका है आरोपी रेहानसोनीपत के रहने वाले एक आरोपी रेहान ने 9th क्लास में फेल होने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी. रेहान हरियाणा के सोनीपत जिले के देवरू गांव का रहने वाला है. उसके परिवार के मुताबिक, वो नौवीं में फेल हो गया था. इसके बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी और काम की तलाश करने लगा.
रेहान का परिवार बताता है कि वो पहले भी अवैध हथियार रखने के मामले में जेल जा चुका है. बाहर आने के बाद उसने वेल्डिंग का काम शुरू कर दिया था. परिवार को लगता था कि वो मेहनत-मजदूरी करके अपनी जिंदगी ठीक करने की कोशिश कर रहा है.
रेहान अपनी मां समसिदा और छोटे भाई के साथ अपने मामा के घर रहता था. उसकी मां एक निजी कंपनी में काम करती हैं. परिवार के मुताबिक, रेहान करीब 12 साल पहले अपने पिता से अलग हो गया था.
रेहान की मौसी अफसाना ने बताया कि बकरीद पर वो घर आया था. त्योहार मनाने के बाद उसने कहा कि वो काम पर जा रहा है और घर से निकल गया. परिवार को अंदाजा नहीं था कि उसका नाम टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में सामने आएगा.
इस मामले में गिरफ्तार दूसरा आरोपी 18 साल का फूल सिंह है. वह भी सोनीपत का रहने वाला है. उसके पिता के मुताबिक, उनका बेटा गोहाना में पत्थर और टाइल्स लगाने का काम सीख रहा था. पिता ने बताया कि उनका बेटा 13 तारीख को घर आया था. इसके बाद वो कहां गया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है. बेटे का नाम फायरिंग जैसे गंभीर मामले में सामने आने से परिवार सदमे में है.
फूल सिंह के पिता दिव्यांग हैं. ईंट तोड़कर मजदूरी करते हैं. इसी कमाई से उनके परिवार का खर्च चलता है. पिता ने आशंका जताई कि कहीं कोई उनके बेटे को बहला-फुसलाकर अपने साथ तो नहीं ले गया. उन्होंने फायरिंग की घटना को गलत बताया.
नेपाल भागने की प्लान बना रहे थे तीनोंइस मामले में गिरफ्तार तीसरा आरोपी बिहार का रहने वाला है. उसका नाम ऋतिक कुमार उर्फ रोशन है. वो मुंबई में Rapido चलाता था. यानी बाइक से लोगों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का काम करता था. हालांकि, उसके बारे में अभी बाकी दोनों आरोपियों की तरह ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है.
पुलिस के मुताबिक, फायरिंग के बाद तीनों आरोपी मुंबई से ट्रेन में बैठकर दिल्ली की तरफ जा रहे थे. मुंबई पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर राजस्थान पुलिस और एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स ने कोटा रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई की. तीनों को ट्रेन से पकड़ लिया गया.
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पुलिस के मुताबिक, वे नेपाल भागने की भी योजना बना रहे थे. हालांकि, इस योजना के बारे में पूरी जानकारी जांच के बाद ही साफ होगी. फिलहाल पुलिस ये पता करने की कोशिश में है कि तीनों आरोपी एक-दूसरे को कैसे जानते थे और फायरिंग की घटना में उनकी भूमिका क्या थी.
इस मामले में कोटा पुलिस ने बताया कि आरोपियों को हमले के लिए तैयार किया गया था. उन्हें 50 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे. अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि पैसे किसने दिए, हमले की योजना किसने बनाई और आरोपियों को किसके निर्देश मिले थे.
इस मामले में अनिल पंडित नाम के एक व्यक्ति का नाम सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, उसका संबंध लॉरेंस बिश्नोई गैंग से बताया जा रहा है और आरोपियों को कथित तौर पर उसी ने हमले के लिए तैयार किया था. पुलिस ये भी जांच कर रही है कि इस घटना में रेहान की क्या भूमिका थी और क्या उसके साथ दूसरे लोग भी शामिल थे.
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