निवेशकों ने सोचा था अक्टूबर में शेयर बाजार आसमान छू लेगा. लेकिन इस बार तो ये महीना भी सूखा-सूखा जा रहा. फेस्टिवल सीजन में निवेशकों का मूड खराब हो रहा. सोमवार, 19 अक्टूबर को भी भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों 1% से ज्यादा लुढ़क गए. बड़े प्राइवेट बैंकों के शेयरों में भारी बिकवाली हुई. दूसरी वजहों से भी निवेशक डरे नजर आए.
अक्टूबर में भी शेयर बाजार का लुढ़कना जारी, एक दिन में ₹5 लाख करोड़ डूबने की ये 5 वजहें
सेंसेक्स लगभग 900 अंक गिरकर 73,853 पर बंद हुआ. इसी तरह निफ्टी में 250 अंक से ज्यादा की गिरावट आई और यह 22,900 के स्तर से नीचे आ गया. इस बिकवाली से बीएसई में लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैप में करीब 5 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई.

इसके चलते सेंसेक्स लगभग 900 अंक गिरकर 73,853 पर बंद हुआ. इसी तरह निफ्टी में 250 अंक से ज्यादा की गिरावट आई और यह 22,900 के स्तर से नीचे आ गया. इस बिकवाली से बीएसई में लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैप में करीब 5 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई. मार्केट कैप शेयर बाजार में लिस्टेड शेयरों की कुल वैल्यू होती है.
इन शेयरों में भारी गिरावटAxis Bank के शेयरों में 4% की गिरावट आई. अल्ट्राटेक सीमेंट, इंफोसिस और बजाज फाइनेंस के शेयर करीब 3% लुढ़क गए. वहीं, टाटा समूह की कंपनी ट्रेंट, एनटीपीसी, HDFC बैंक, एचयूएल और बजाज फिनसर्व के शेयरों में लगभग 2% की गिरावट आई. सेक्टर्स की बात करें तो निफ्टी प्राइवेट बैंक में लगभग 2% की गिरावट आई. निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी आईटी, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई. हालांकि, निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में 2% से अधिक की उछाल आई.
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इन 5 कारणों से शेयर बाजार लुढ़काइकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक शेयर बाजार में गिरावट की 5 बड़ी वजहें हैं. पहला, प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के दूसरी तिमाही के नतीजे उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे. इसी वजह से Axis Bank और HDFC बैंक समेत कई बड़े निजी बैंकों के शेयरों में बेंचमार्क इंडेक्स पर सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई. Axis Bank के शेयर 5% से ज्यादा गिर गए. बैंक ने मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में अपने स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में 38% की सालाना वृद्धि दर्ज करते हुए 7,003 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है. यह आंकड़ा एक्सपर्ट्स की उम्मीद से कम है.
इसी तरह आज HDFC बैंक के शेयर 2% से ज्यादा गिर गए. भारत के इस सबसे बड़े निजी बैंक ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में 19,510 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया. यह पिछले साल की इसी अवधि में दर्ज किए गए 18,641 करोड़ रुपये से 4.6% ज्यादा है. वहीं, आईसीआईसीआई बैंक और यस बैंक के शेयर 1% से ज्यादा गिर गए.
दूसरा, ब्रेंट क्रूड वायदा में 2% से अधिक की गिरावट आई. यह पिछले हफ्ते के मुकाबले काफी महंगा है. आज कच्चा तेल 107 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रहा था. वहीं, डब्ल्यूटीआई क्रूड वायदा 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा था.
तीसरा, दुनियाभर के शेयर बाजारों की तर्ज पर भारतीय शेयर बाजार भी मंदी का सामना कर रहा है. जापान का निक्केई आज 0.64% गिरा. इंडोनेशिया का प्रमुख शेयर सूचकांक जकार्ता कंपोजिट 5% से ज्यादा लुढ़क गया. वहीं, दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग 2% बढ़ा, क्योंकि निवेशकों ने एआई शेयरों में गिरावट का फायदा उठाते हुए खरीदारी की.
चौथा, शेयर बाजार में प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली है. इससे पहले 15-16 अक्टूबर (गुरुवार-शुक्रवार) को भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ बंद हुए थे. इन दो दिनों में निफ्टी में 2% से ज्यादा की तेजी आई थी.
पांचवां, पिछले कुछ दिनों में विदेशी निवेशकों ने भारत के शेयर बाजार से खूब पैसा निकाला है. अक्टूबर में अब तक 11 कारोबारी सत्रों में से 9 कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाला है. इससे भारतीय बाजारों पर भारी दबाव पड़ा है. हालांकि, 16 अक्टूबर को विदेशी निवेशकों ने 1,166 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. लेकिन यह बेचे गए शेयरों के मुकाबले बहुत मामूली है.
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