ईशा अंबानी ने जियो के आईपीओ (Jio IPO) का आवेदन दाखिल करने के एक दिन बाद प्रेस कांफ्रेस की. इसमें उन्होंने 'जियो' की कहानी बताई. उन्होंने कहा कि अपने कॉलेज का असाइनमेंट ऑनलाइन जमा करने में एक बार काफी दिक्कत हुई थी. इसके बाद उन्हें भारत में फास्ट इंटरनेट सर्विस देने का आइडिया मिला. इस तरीके से जियो की शुरुआत हुई.
ईशा अंबानी ने खुद खोल दिया ये राज़, कॉलेज असाइनमेंट से आया था Jio का आइडिया
साल 2016 में रिलायंस जियो की शुरुआत हुई थी. इस लॉन्च के मौके पर मुकेश अंबानी काफी इमोशनल हो गए थे. अब करीब 10 साल बाद जियो के IPO लॉन्च के मौके पर ईशा अंबानी ने बताया कि उन्हें Jio शुरू करने का आइडिया कहां से मिला.

मनीकंट्रोल के मुताबिक ईशा अंबानी ने जियो शुरू करने के पीछे की मोटिवेशन के बारे में बताया. उन्होंने कहा, "आकाश और मैं अमेरिका के एक कॉलेज में पढ़ रहे थे और छुट्टी बिताने मुंबई में अपने घर आए हुए थे. मुंबई में रहते हुए अपने कॉलेज का एक असाइनमेंट जमा करने की कोशिश की. लेकिन उस दिन हमारे घर का इंटरनेट ठीक से काम नहीं कर रहा था. इस वजह से असाइनमेंट टाइम पर जमा नहीं हो पाया."
उन्होंने आगे बताया कि इस घटना के बाद दोनों भाई-बहनों (ईशा और आकाश अंबानी) ने इस पर लंबी बातचीत की. हमने भारत और अमेरिका के बीच इंटरनेट कनेक्टिविटी के बीच स्पीड में कितना फर्क है, इस पर काफी चर्चा की. उन्होंने आकाश से पूछा, "हमें अमेरिका में मिलने वाली इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं भारत में क्यों नहीं मिलीं?"
ईशा अंबानी ने बताया कि आकाश ने कहा कि कि भारत में एक डिजिटल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म कंपनी बनाना होगा. इससे भारत की इंटरनेट कनेक्टिविटी से जुड़ी जरूरतों को पूरा किया जा सकता है.
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साल 2016 में लॉन्च की जियोईशा ने बताया कि दोनों की बातचीत के बाद साल 2016 में रिलायंस जियो ने अपनी टेलीकाम सेवाएं भारत में लॉन्च कीं. शुरुआत में जियो ने फ्री में इंटरनेट डेटा से लेकर कॉल की सुविधा दी. इससे पूरे भारत में मोबाइल इंटरनेट की पहुंच का विस्तार हुआ. लगभग एक दशक बाद यानी 2026 में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की डिजिटल और दूरसंचार सहायक कंपनी जियो अपना आईपीओ लाने जा रही है.
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21 अक्टूबर को आएगा जियो का आईपीओकंपनी ने 14 अक्टूबर को अपना आवेदन सेबी में दाखिल किया. इसमें 27 करोड़ नए इक्विटी शेयरों वाले आईपीओ के लिए 1,065-1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है. यह इश्यू 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा. इसमें एंकर निवेशकों की बोली 19 अक्टूबर को तय है.
इस आईपीओ से कंपनी 30,213 करोड़ रुपये तक की राशि जुटा सकती है. कंपनी इस पैसे का इस्तेमाल अपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्जों को चुकाने के लिए करने की योजना बना रही है. बाकी पैसा कंपनी के दूसरे कामों में लगाया जाएगा.
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