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सौरव दास, आशुतोष रांका जेल में ही रहेंगे, SEM ने हिरासत बढ़ा दी

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत सोमवार, 19 अक्टूबर को दो दिन के लिए बढ़ा दी गई. दोनों पर जंतर-मंतर पर बैरिकेडिंग पार कर प्रदर्शन करने और पुलिस के काम में बाधा डालने का आरोप है.

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आशुतोष रांका (बाएं) और सौरव दास (दाएं) की हिरासत दो और दिन बढ़ी. (फोटो- India Today)

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  • कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत को 19 अक्टूबर को दो दिन के लिए बढ़ा दिया गया, और उन्हें 21 अक्टूबर को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा।
  • सौरव और आशुतोष पर पुलिस के काम में बाधा डालने का आरोप है, जब उन्होंने जंतर-मंतर पर बैरिकेडिंग फांद कर तिरंगा फहराया था, जो विरोध प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाया गया था।
  • अभी अदालत में उनकी जमानत याचिका की सुनवाई प्रभावित हुई है, जिसमें कथित धमकी के कारण पुलिस ने गैर-संज्ञेय रिपोर्ट दर्ज की और सुनवाई स्थगित हो गई है।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका अभी जेल में ही रहेंगे. सोमवार, 19 अक्टूबर को एक स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी ज्यूडिशियल कस्टडी दो और दिन के लिए बढ़ा दी. अब दोनों को बुधवार, 21 अक्टूबर को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा.

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इससे पहले 13 अक्टूबर को दोनों को 5 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था. कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इस फैसले की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि सरकार आशुतोष और सौरव की गिरफ्तारी को लंबा खींचने के लिए हर हथकंडे अपना रही है. कोर्ट की कार्यवाही में देरी की जा रही है ताकि उनकी रिहाई को रोका जा सके.

आशुतोष और सौरव दास पर क्या आरोप हैं?

CJP के दोनों नेता आशुतोष रांका और सौरव दास पर पुलिस के काम में बाधा डालने का आरोप है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 13 अक्टूबर की सुबह कॉकरोच जनता पार्टी के 11 लोगों के साथ सौरव दास और आशुतोष रांका बैरिकेडिंग फांद कर जंतर-मंतर पहुंच गए. इस जगह को निर्धारित विरोध प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाए जाने के बाद भी उन्होंने वहां जाकर तिरंगा फहराया और नारे लगाए. मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन वो नहीं माने. उन्होंने पुलिस के काम में बाधा डाली, जिसके बाद 14 लोगों को हिरासत में लिया गया.

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इस गिरफ्तारी के बाद सौरव और आशुतोष को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें 5 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. 19 अक्टूबर को उनकी इस हिरासत की अवधि को दो और दिन के लिए बढ़ा दिया गया. अब दोनों 21 अक्टूबर को फिर मजिस्ट्रेट के सामने पेश होंगे. 

इस पर CJP का आरोप है कि उसके दोनों नेताओं को रिहा होने से रोकने के लिए जमानत की प्रक्रिया जानबूझकर लटकाई जा रही है. CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करके आरोप लगाया कि सरकार हर तरह के हथकंडे अपनाकर आशुतोष और सौरव दास की गिरफ्तारी को जानबूझकर लंबा खींच रही है. कोर्ट की कार्यवाही में देरी की जा रही है, ताकि उन्हें रिहा होने से रोका जा सके. उन्होंने आगे कहा कि सौरव और आशुतोष को जेल में रखने का कोई कानूनी आधार नहीं है. इसलिए उन्हें हिरासत में बनाए रखने के लिए सुनवाई में देरी करने जैसे तरीके अपनाए जा रहे हैं.

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टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, 18 अक्टूबर रविवार को आशुतोष और सौरव दास की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे मजिस्ट्रेट ने दावा किया कि कुछ अज्ञात लोग उन्हें धमका रहे हैं. इसके बाद पुलिस ने एक गैर-संज्ञेय रिपोर्ट दर्ज की.

CJP नेता रत्ना सिंह ने कहा कि सौरव और आशुतोष की रिहाई की अर्जी पर कोई सुनवाई नहीं हुई है. मामले में जानबूझकर देरी की जा रही है और प्रक्रियात्मक अनियमितताएं बरती जा रही हैं. इसके अलावा, उनकी रिहाई के आधारों पर चर्चा करने के बजाय एक कथित धमकी भरे संदेश के कारण सुनवाई ही पटरी से उतर गई.

वीडियो: जंतर-मंतर वापस लेने पहुंचे प्रदर्शनकारी, दिल्ली पुलिस उठा ले गई

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