शुक्रवार 23 अक्टूबर को चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आ गई. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ( MCX) पर चांदी का भाव 3% से ज़्यादा गिर गया. आज सुबह 10 बजे के आसपास MCX पर चांदी का दिसंबर वायदा भाव करीब 6000 रुपये गिरकर 1,93,545 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रहा था. इस गिरावट के साथ इस साल की शुरुआत से एमसीएक्स पर चांदी अपने रिकॉर्ड भाव 4,20,048 रुपये से करीब 54% फिसल चुका है.
चांदी 2 लाख रुपये से भी नीचे लुढ़की, अब खरीदने का सही टाइम आ गया?
इंटरनेशनल मार्केट में कीमतों में गिरावट से चांदी का भाव तेजी से लुढ़का है. चांदी का इस्तेमाल सिर्फ गहने बनाने में ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्रियल डिमांड से भी तय होता है. चांदी का इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक सामान, सौर पैनल बनाने में भी होता है

इंडिया टुडे के मुताबिक चांदी ने इंट्रा-डे में 1,96,924 रुपये प्रति किलोग्राम का हाई और 1,92,800 रुपये प्रतिग्राम का लो छुआ था. इसके अलावा सर्राफा बाजार में आज सुबह दस बजे के आसपास चांदी का रेट चांदी 6,400 रुपये या 3.19% कम होकर 1,93,980 रुपये प्रतिग्राम पर आ गया. शुक्रवार सुबह 10:10 बजे अपडेट किए गए इंडिया बुलियन रेट्स (India Bullion Rates) के आंकड़ों के मुताबिक 99.9% शुद्धता चांदी की कीमत लगभग 1,93,980 रुपये प्रतिग्राम थी.
इस हिसाब से 100 ग्राम चांदी का भाव 19,398 रुपये और 10 ग्राम चांदी का रेट 1,940 रुपये था. शहर के हिसाब से कीमतें आखिरी बार 23 अक्टूबर को सुबह 10:10–10:15 बजे अपडेट की गई थीं. स्थानीय सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतें शहर और लागू चार्ज के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं. आइए जानते हैं कि चार बड़े शहरों में चांदी का भाव क्या है?
शहर - चांदी का भाव प्रति किलो
दिल्ली - 1,93,290 रुपये
मुंबई - 1,93,780 रुपये
कोलकाता - 1,93,520 रुपये
चेन्नई - 1,94,340 रुपये
इंटरनेशनल मार्केट में कीमतों में गिरावट से चांदी का भाव तेजी से लुढ़का है. चांदी की कीमत कई बातों पर निर्भर करती है, डॉलर की कीमत, अमेरिका में ब्याज दरें और निवेशकों की मांग आगे कैसी रहने वाली है. चांदी का इस्तेमाल सिर्फ गहने बनाने में ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्रियल डिमांड से भी तय होता है. जैसे कि इलेक्ट्रॉनिक सामान, सौर पैनल और दूसरी चीजें बनाने में भी होता है. ऐसे में जब इन उद्योगों में चांदी की मांग बढ़ती या घटती है, तो इसकी कीमत पर भी असर पड़ता है.
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जानकारों का कहना है कि चांदी के रेट में तेज गिरावट का मतलब यह नहीं है कि कीमतें अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई हैं. चांदी खरीदने के बारे में सोच रहे निवेशकों को अपने इन्वेस्टमेंट के समय, रिस्क लेने की क्षमता और मेटल खरीदने के कारण का अंदाजा लगाना चाहिए.
इन्वेस्टमेंट और इंडस्ट्रियल डिमांड के कॉम्बिनेशन की वजह से चांदी की कीमत में सोने के मुकाबले ज़्यादा उतार-चढ़ाव हो सकता है. जो लोग फिजिकल चांदी खरीदते हैं, उन्हें बताए गए मार्केट प्राइस और फाइनल खरीद प्राइस के बीच के अंतर का भी ध्यान रखना चाहिए. इसमें लागू टैक्स और डीलर चार्ज भी शामिल हैं.
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