'घर में नहीं दाने, अम्मा चलीं भुनाने' वाली कहावत पाकिस्तान पर सटीक बैठती दिख रही है. आसमान छूती महंगाई, गरीबी और भारी कर्ज में डूबने के बावजूद पाकिस्तान साल 2035 तक चंद्रमा पर उतरने की तैयारी कर रहा है. बिजनेस टुडे की एक रिपोर्ट में पाकिस्तान के डॉन अखबार के हवाले से बताया गया है कि पाकिस्तान का पहला अंतरिक्ष यात्री (Astronaut) स्पेस जाने के लिए तैयार है. एक चीनी अंतरिक्ष यान में सवार होकर पहला पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्रा पर जाएगा.
कर्ज से बेहाल पाकिस्तान स्पेस मिशन में जुटा, चीन की मदद से 'मून लैंडिंग' की कर रहा तैयारी
पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली पूरी दुनिया के सामने है. कुछ समय पहले ही इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड ने काफी सख्त शर्तों के साथ कर्ज दिया है. इसके बावजूद, वहां के हुक्मरान बुनियादी चीजों पर खर्च करने के बजाय मून लैंडिंग के सपने देख रहे हैं.

इस रिपोर्ट में पाकिस्तान के प्लानिंग मिनिस्टर अहसान इकबाल ने कहा कि पाकिस्तान का पहला अंतरिक्ष यात्री 25 नवंबर को चीन के स्पेस सेंटर से एक मिशन पर निकलेगा. उन्होंने भरोसा जताया कि चीन के साथ सहयोग से पाकिस्तान के अंतरिक्ष कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. हालांकि, यह पाकिस्तान का यह मिशन काफी हद तक चीनी के इन्फ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और विशेषज्ञता पर निर्भर करेगा.
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रिपोर्ट के मुताबिक अंतरिक्ष यात्री की ट्रेनिंग चीनी प्रशिक्षकों की देखरेख में होगी. इसके बाद चीन में बने अंतरिक्ष यान में सवार होकर वहीं के स्पेस सेंटर से उड़ान भी भरेंगे. पाकिस्तान का अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष यान का संचालन करने के बजाय कक्षा में वैज्ञानिक प्रयोग करने वाले "पेलोड एक्सपर्ट" के रूप में कार्य करेगा.
पाकिस्तान अंतरिक्ष और ऊपरी वायुमंडल अनुसंधान आयोग के एक अधिकारी ने इस मिशन की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष में रहते हुए अंतरिक्ष यात्री से चीनी भाषा मंदारिन में संवाद करने की उम्मीद है. यह उड़ान पाकिस्तान के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी. साथ ही चीन की तकनीकी क्षमताओं पर उसकी निर्भरता को भी प्रदर्शित करेगी.
गले तक कर्ज में डूबा है पाकिस्तानपाकिस्तान की सरकार भारी कर्ज में डूबी हुई है. पाकिस्तान में गरीबी बढ़ी है और विदेशी कर्ज भी काफी बढ़ चुका है. इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) से मिले कर्ज ने पाकिस्तान को दिवालिया होने से बचाने में फौरी मदद की है. लेकिन सरकारी खर्च बढ़ने से पाकिस्तान संकट से जूझ रहा है. पाकिस्तान सरकार के आंकड़ों के मुताबिक वहां महंगाई दर 7.1% थी. राष्ट्रीय गरीबी दर (national poverty) 28.9% अनुमानित थी, जिससे लगभग 7 करोड़ लोग प्रभावित थे.
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