इस हफ्ते शेयर बाजार उतार-चढ़ाव से भरे रहे है. हालांकि, शुक्रवार (9 अक्टूबर) को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला. कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, आईटी शेयरों में तेजी और कुछ दूसरी वजहों से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ऊपर चढ़े हैं. सुबह 10:25 बजे सेंसेक्स 800 अंक से अधिक बढ़कर 72,401 पर पहुंच गया. निफ्टी में 250 अंक से अधिक की बढ़त दर्ज की गई और यह 22,500 के स्तर को पार कर गया. दोपहर 12.10 बजे के आसपास सेंसेक्स 760 अंक की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था.
शेयर बाजार ने कैसे पकड़ी रफ्तार? सेंसेक्स 800 अंक उछला, इन शेयर्स में सबसे ज्यादा तेजी
भारत की प्रमुख IT फर्म TCS, HCL, विप्रो समेत कई अन्य आईटी कंपनियों पर अमेरिका ने ग्रीन कार्ड जारी करने पर पाबंदी लगाई है. इसके बावजूद शुक्रवार को शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली है. एक्सपर्ट्स ने इसके कारण गिनाए हैं.

इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक इस तेज उछाल से BSE में लिस्टेड सभी कंपनियों के कुल मार्केट कैप में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ. एक दिन पहले 8 अक्टूबर को बीएसई में लिस्टेड सभी कंपनियों के कुल मार्केट कैप में लगभग करीब 10 लाख करोड़ रुपये की गिरावट देखने को मिली थी.
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आईटी कंपनी TCS के दूसरी तिमाही के नतीजों से बाजार में उत्साह का माहौल बना. साथ ही OpenAI की कमजोर कमाई के चलते भारतीय शेयर बाजार का सेंटीमेंट सुधरा है. ट्रंप द्वारा H-1B गैर-अप्रवासी वीजा के लिए 100,000 डॉलर शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव के बाद बाजार के प्रभावित होने की आशंका थी. लेकिन, ऐसी चिंताओं को दरकिनार करते हुए आईटी शेयरों ने सेंसेक्स में बढ़त दर्ज की.
TCS , Infosys, HCL Tech और Tech Mahindra के शेयरों में 5% तक की उछाल आई. ITC , Adani Ports ,HDFC Bank , Power Grid , Bajaj Finserv , Tata Steel , Trent , SBI , Maruti Suzuki , Kotak Mahindra Bank और अन्य शेयरों में 3% तक की बढ़त देखी गई.
दूसरी ओर, बीईएल और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 1% तक की गिरावट दर्ज की गई. कुल मिलाकर बाजार का रुख सकारात्मक रहा. NSE में 1,223 शेयरों में गिरावट के एनएसई में 1,223 शेयरों में गिरावट के मुकाबले 1,884 शेयरों में बढ़त देखी गई, जबकि 80 शेयरों में कोई बदलाव नहीं दिखा.
सेक्टर्स की बात करें तो निफ्टी आईटी में 3% की उछाल के साथ सबसे अधिक बढ़त दर्ज की गई. निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और कई अन्य क्षेत्रों में 1% से अधिक की वृद्धि हुई. यह बढ़त तब हुई जब बाजार में अस्थिरता मापने वाला इंडिया वीआईएक्स लगभग 4% गिर गया.
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शेयर बाजार में तेजी के 5 बड़े कारण हैं?शेयर बाजार में आज आई तेजी के चार-पांच कारण हैं. पहला, डॉनल्ड ट्रंप का कहना है कि मध्यावधि चुनाव तक ईरान पर कोई हमला नहीं होगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 अक्टूबर को कहा कि अमेरिका नवंबर में होने वाले मिड-टर्म इलेक्शन से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा. उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच संघर्ष समाप्त करने के लिए "सार्थक" बातचीत चल रही है.
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, "हम इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ सार्थक बातचीत कर रहे हैं. हम 3 नवंबर को अमेरिका में होने वाले मिड-टर्म चुनावों से पहले किसी भी समय ईरान पर हमला नहीं करेंगे." हालिया तनाव के बाद मध्य पूर्व संघर्ष में कुछ राहत मिलने की उम्मीदों ने आज निवेशकों के विश्वास को बढ़ावा दिया होगा.
दूसरा, तेल की कीमतों में कमी देखने को मिली है. डॉनल्ड ट्रंप की घोषणा के बाद ब्रेंट क्रूड वायदा की कीमत 103 डॉलर प्रति बैरल से नीचे गिर गई और डब्ल्यूटीआई क्रूड वायदा की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रही.
तीसरा, आईटी शेयरों में ज़बरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है. दिग्गज शेयरों के चलते सेंसेक्स और निफ्टी में भी तेजी आई है. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने दूसरी तिमाही में 15% की सालाना वृद्धि दर्ज करते हुए 13,884 करोड़ रुपये का कंसोलिटेड मुनाफा दर्ज किया है. यह पिछले साल की तुलना में काफी अधिक है.
चौथा, ओपनएआई ने निवेशकों को बताया कि सितंबर के लिए उसका वार्षिक राजस्व लगभग 50 अरब डॉलर था, जो पहले बताए गए आंकड़े से कम है.
पाचवां, शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 23 पैसे बढ़कर 96.65 पर पहुंच गया. यह उछाल अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने और भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप के कारण हुआ. वहीं, वैश्विक बॉन्ड बिकवाली में थोड़ी नरमी आई, जिससे बॉन्ड यील्ड कई वर्षों के उच्चतम स्तर से नीचे आ गई. अमेरिकी 30-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 5.6% से नीचे गिर गई. बेंचमार्क 10-वर्षीय बॉन्ड की यील्ड गिरकर 5.2% हो गई.
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